वाराणसी: काशीवासियों के लिए बहुप्रतीक्षित अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है। परियोजना के दूसरे चरण में रथयात्रा से गोदौलिया खंड के बीच कुल 148 गंडोला (केबल कार) लगाए जा रहे हैं। आगामी सावन के महीने में इस रूट पर लोड टेस्टिंग और ट्रायल रन की शुरुआत की जाएगी।
विदेशी विशेषज्ञों की देखरेख में होगी जांच
सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के वरिष्ठ इंजीनियरों की सीधी निगरानी में यह ट्रायल संपन्न होगा।
- सुरक्षा चक्र: किसी भी संभावित तकनीकी त्रुटि को पकड़ने और सुधारने के लिए लोड टेस्टिंग की प्रक्रिया कम से कम 4 बार दोहराई जाएगी।
- यूरोपीय मानक: प्रणाली में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा उपकरण स्थापित किए गए हैं।
लोड टेस्टिंग का कड़ा मानक
गंडोला की भार क्षमता जांचने के लिए एक विशेष पैमाना तय किया गया है:
- सामान्य क्षमता: 10 यात्रियों के औसतन वजन के अनुसार लगभग 800 किलोग्राम।
- परीक्षण भार: 10% अतिरिक्त सुरक्षा मार्जिन जोड़कर कुल 880 किलोग्राम वजन के साथ टेस्टिंग की जाएगी।
परियोजना का ढांचा और रूट
एशिया की इस पहली अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे परियोजना का विवरण इस प्रकार है:
| विवरण | संख्या / जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 3.8 किलोमीटर |
| मुख्य मार्ग | कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक |
| कुल स्टेशन | 5 स्टेशन |
| इंटरमीडिएट स्टेशन | काशी विद्यापीठ और रथयात्रा |
| तकनीकी स्टेशन | गिरजाघर |
| कुल टावर | 29 |
जल्द मिलेगा जनता को तोहफा
सावन के दौरान ट्रायल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस परियोजना का आधिकारिक लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद काशी के निवासियों और श्रद्धालुओं को जाम से मुक्ति दिलाते हुए यह सेवा समर्पित कर दी जाएगी।
