वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) अपने स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों के लिए प्रयोगात्मक शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने जा रहा है। विवि प्रशासन ने एक नई योजना के तहत विभागों में नई लैब स्थापित करने और पुरानी प्रयोगशालाओं के नवीनीकरण के लिए 25 लाख रुपये या उससे अधिक लागत वाले प्रस्तावों को वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।
प्रमुख बिंदु एवं उद्देश्य
- प्रायोगिक शिक्षा पर जोर: इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों की कार्यक्षमता बढ़ाना, प्रयोग-आधारित नए मॉड्यूल शामिल करना और लैब इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना है।
- शिक्षकों की भागीदारी: विवि के सभी शिक्षक अपने-अपने विभागों के विकास और आधुनिकीकरण के लिए प्रस्ताव जमा कर सकते हैं।
- विशेषज्ञ समिति का गठन: प्रस्तावों के मूल्यांकन और चयन के लिए विज्ञान संस्थान स्थित सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर्स के प्रो. परिमल दास की अध्यक्षता में 12 सदस्यों की एक समिति बनाई गई है।
महत्वपूर्ण तिथियां
| प्रक्रिया | निर्धारित तिथि |
|---|---|
| प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि | 14 अगस्त |
| प्रारंभिक चयन की अंतिम तिथि | 21 अगस्त |
| शिक्षकों की प्रस्तुति (Presentations) | 29 अगस्त से 3 सितंबर |
| प्रारंभिक चरण में चुने गए शिक्षकों को समिति के समक्ष अपने प्रस्तावों की प्रस्तुति देनी होगी, जिसके बाद अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। |
