वाराणसी: शहर के सिगरा थाना क्षेत्र में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के गंभीर मामले में विशेष अदालत ने फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश तृतीय (पाक्सो एक्ट) आलोक कुमार की अदालत ने दोषी निसार अहमद को 20 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
घटना का विवरण
यह मामला 28 नवंबर 2021 का है, जब छह वर्षीय मासूम अपनी दादी के साथ एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने गई थी। उसी समारोह में फातमान, सिगरा निवासी निसार अहमद भी मौजूद था।
- टॉफी का लालच: आरोपी ने बच्ची को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और उसे समारोह स्थल से अपने घर के ऊपरी कमरे में ले गया।
- दुष्कर्म का प्रयास: कमरे में ले जाकर आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची के लगातार रोने और चिल्लाने पर आरोपी डर गया और उसे वापस शादी समारोह में छोड़कर भाग गया।
इस तरह हुआ खुलासा और गिरफ्तारी
घर लौटने के बाद डरी हुई बच्ची ने अपनी मां को पूरी घटना बताई। सच्चाई सामने आने पर मां बच्ची को लेकर आरोपी के घर पहुंची, जहां मासूम ने निसार अहमद को देखते ही पहचान लिया।
- मुकदमा दर्ज: पीड़िता की मां ने उसी रात सिगरा थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
- त्वरित कार्रवाई: पुलिस ने तुरंत पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और अदालत में उसके कलमबंद बयान दर्ज करवाए।
- गिरफ्तारी व चार्जशीट: पुलिस ने 29 नवंबर 2021 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और तेजी से जांच पूरी करते हुए 16 दिसंबर 2021 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। तब से आरोपी लगातार जेल में बंद है।
अदालत का फैसला
अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसके अलावा, जमा किए जाने वाले जुर्माने की राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार जायसवाल ने की थी।
