वाराणसी। सोनार समाज की एकजुटता, सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक अधिकार और राजनीतिक भागीदारी को मजबूती देने के उद्देश्य से काशी की पावन धरा पर 20 सितंबर को एक ऐतिहासिक ‘सोनार महासमागम’ का आयोजन होने जा रहा है। चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में सुबह 11:00 बजे से आयोजित होने वाले इस विशाल सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों सहित मध्य प्रदेश और बिहार के हजारों प्रतिनिधि जुटेंगे। आयोजन समिति का दावा है कि यह महासमागम समाज के इतिहास में सामाजिक चेतना और राजनीतिक जागरूकता का एक नया अध्याय लिखेगा।
अंधरापुल स्थित सिटी गार्डेन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के जिलाध्यक्ष व पूर्व पार्षद किशोर सेठ ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि इस समागम को अभूतपूर्व बनाने के लिए पूरे बनारस को 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया था। कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सघन जनसंपर्क अभियान चलाया और समाज के लोगों को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीति में सोनार समाज की हिस्सेदारी अब तक उपेक्षित रही है, लेकिन अब समाज अपनी राजनीतिक ताकत और अधिकारों को लेकर मुखर होगा। इस महासमागम में समाज के भविष्य को दिशा देने वाले कई ठोस और महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएंगे।
संस्थान के राष्ट्रीय चेयरमैन रवि सर्राफ ने बताया कि इस समागम की पृष्ठभूमि पिछले चार महीनों से तैयार की जा रही थी। उन्होंने सर्राफा व्यापारियों और कारीगरों के समक्ष आ रही व्यावहारिक व कानूनी चुनौतियों को मुख्य एजेंडा बताया। विशेष रूप से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 (जो पूर्व में आईपीसी की धारा 411/412 के तहत चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से संबंधित थी) के चलते सर्राफा कारोबारियों को होने वाली कठिनाइयों और पुलिसिया उत्पीड़न पर गंभीर विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कारोबारियों के लिए एक भयमुक्त, सम्मानजनक एवं न्यायपूर्ण वातावरण तैयार करने के लिए सामूहिक पहल की रणनीति तय होगी। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार और युवाओं को मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के विकल्पों पर भी विस्तृत चर्चा होगी।
तैयारियों के क्रम में लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, आगरा, मिर्जापुर, भदोही, गाजीपुर, जौनपुर और आजमगढ़ सहित कई जिलों तथा पड़ोसी राज्यों में व्यापक संपर्क साधा गया है। संस्थान की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ ने कहा कि इस समागम में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी निर्णायक होगी। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से निजी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने की अपील की। वार्ता के दौरान अनिल चंचल, अरुण सोनी, कृष्ण कुमार सेठ “बच्चू जी”, कमल कुमार सिंह, विष्णु दयाल सेठ, श्याम सुंदर सिंह, पंकज सर्राफ और किशन सेठ सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
