वाराणसी। संत रविदास जयंती के अवसर पर 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक प्रस्तावित कार्यक्रमों के मद्देनजर यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था के लिए विस्तृत …
वाराणसी। संत रविदास जयंती के अवसर पर 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक प्रस्तावित कार्यक्रमों के मद्देनजर यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था के लिए विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इस दौरान कई मार्गों पर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
यातायात पुलिस के अनुसार 30 जनवरी सुबह 8 बजे से 1 फरवरी रात 12 बजे तक निम्नलिखित रूट पर डायवर्जन लागू रहेगा—
🚫 संत रविदास मंदिर क्षेत्र में रोक / डायवर्जन
भगवानपुर मोड़ → संत रविदास मंदिर की ओर वाहन प्रतिबंधित, वाहन नगवा / मालवीय गेट की ओर डायवर्ट।
रमना चौकी तिराहा → संत रविदास मंदिर तिराहा की ओर वाहन प्रतिबंधित, वाहन डाफी की ओर डायवर्ट।
संत रविदास मंदिर तिराहा → मंदिर की ओर कोई वाहन नहीं, वाहन रमना चौकी तिराहा व भगवानपुर की ओर डायवर्ट।
मारुति नगर तिराहा → भगवानपुर (संत सरवनदास यात्री निवास) की ओर वाहन प्रतिबंधित।
लोटूबीर अंडरपास चौराहा → कार्यक्रम से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य वाहन रविदास मंदिर की ओर नहीं जाएंगे, वाहन नुवाव चौराहा की ओर डायवर्ट।
🚌 शहर के भीतर बसों व अन्य वाहनों के लिए डायवर्जन
रामनगर चौराहा से वाराणसी आने वाले वाहन → सामनेघाट पुल की ओर नहीं, टेंगरा मोड़ होते हुए NH-19 से गंतव्य।
सामनेघाट पुल पश्चिमी से वाहन → नगवा चौकी की ओर नहीं, हरसेवानंद कॉलेज की ओर डायवर्ट।
रविदास गेट से वाहन → थाना लंका व नगवा चौकी की ओर नहीं, मालवीय गेट की ओर डायवर्ट।
अमेठी कोठी तिराहा से वाहन → रविदास घाट की ओर नहीं, रविदास गेट / नगवा चौकी की ओर डायवर्ट।
नगवा चौकी से वाहन → भगवानपुर मोड़ की ओर नहीं, सामनेघाट की ओर डायवर्ट।
नरिया तिराहा से वाहन → बीएचयू चौराहा की ओर नहीं, करौंदी की ओर डायवर्ट (नुवाव अंडरपास / भिखारीपुर तिराहा होकर)।
NH-19 के पास पुराने रमना पुलिस चौकी डायवर्जन स्थल से → कार्यक्रम से संबंधित बसों को छोड़कर सभी बसें अमरा अखरी / टेंगरा मोड़ की ओर डायवर्ट।
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और यातायात पुलिस का सहयोग करें, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक और आधुनिक एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार हो चुका है। 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर …
उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक और आधुनिक एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार हो चुका है। 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर FASTag आधारित टोल सिस्टम का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिससे इसके संचालन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
परियोजना का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे से जुड़ी सभी 1498 संरचनाओं का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है। अब अंतिम चरण का काम तेजी से चल रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। जहां पहले इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे लगते थे, वहीं अब यह सफर मात्र 6 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा।
यह एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों को जोड़ते हुए प्रदेश में यातायात व्यवस्था को नई गति देगा और औद्योगिक, व्यापारिक व पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होली के आसपास किए जाने की संभावना है। इसके शुरू होते ही प्रदेश के विकास को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश के बाद मौसम ने करवट ले ली है। ठंड और कोहरे ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। गुरुवार सुबह लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ समेत प्रदेश के 15 जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता घटकर मात्र 10 मीटर रह गई। सड़कों पर आवाजाही बेहद कम रही। आवश्यक कार्यों से बाहर निकले लोग भारी ऊनी कपड़ों में नजर आए, जबकि जगह-जगह अलाव जलते दिखाई दिए।
दिन में हल्की धूप की संभावना
मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के अनुसार, अगले 48 घंटों में पूर्वी और पश्चिमी यूपी के न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। दिन में हल्की धूप निकलने की संभावना है, जबकि सुबह और शाम ठंडी हवाएं चलेंगी। साथ ही 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम और ज्यादा प्रभावित होगा।
बुधवार को अयोध्या और लखनऊ सहित 9 शहरों में बारिश दर्ज की गई। बरेली के कुछ इलाकों में ओले भी पड़े। कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। संभल में कक्षा 8 तक और सिद्धार्थनगर में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए। प्रदेश में बुलंदशहर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में दो छात्रावासों के बीच हुई झड़प और पत्थरबाजी के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। रुइया छात्रावास और बिरला छात्रावास के छात्रों के …
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में दो छात्रावासों के बीच हुई झड़प और पत्थरबाजी के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। रुइया छात्रावास और बिरला छात्रावास के छात्रों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक रूप ले गया, जिसमें पीयूष तिवारी नामक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गहरी चोट आई है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब रुइया छात्रावास का एक छात्र बाइक से अपने हॉस्टल लौट रहा था। इसी दौरान उसकी बिरला छात्रावास के तीन छात्रों से बहस हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। इस दौरान पीयूष तिवारी घायल हो गया। घटना से आक्रोशित रुइया छात्रावास के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और मुंह ढंककर एकत्र हो गए।
स्थिति को काबू में करने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य गेट पर मौजूद थे और करीब 50 से 60 छात्रों से बातचीत कर रहे थे। तभी बिरला छात्रावास के लगभग 30 से 40 छात्र मुंह पर कपड़ा बांधकर, लाठी-डंडे और पत्थर लेकर रुइया छात्रावास की ओर बढ़े और पत्थरबाजी शुरू कर दी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
चीफ प्रॉक्टर मौके पर जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन 5-6 सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों और पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए हमलावर छात्रों को खदेड़ दिया।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। तीन थानों की फोर्स, पीएसी की एक टुकड़ी, करीब 200 सुरक्षाकर्मी और लगभग 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। डीसीपी काशी गौरव और एडीसीपी भी घटनास्थल पर पहुंचकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। ड्रोन कैमरों से पूरे कैंपस पर नजर रखी जा रही है।
डीसीपी गौरव ने बताया कि दो छात्रावासों के छात्रों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉस्टल में मौजूद किसी भी बाहरी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और छात्रावास स्तर पर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी है।
फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन परिसर में एहतियातन सतर्कता बरती जा रही है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस प्रशासन मिलकर शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हुए हैं।
वाराणसी। जिले में सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में मंगलवार रात मस्जिद के …
वाराणसी। जिले में सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में मंगलवार रात मस्जिद के पास से गुजर रहे विसर्जन जुलूस पर अचानक अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंक दिए, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना में चार लोग घायल हो गए।
सूचना मिलते ही शिवपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कैंट नितिन तनेजा भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इलाके में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर पथराव करने वाले दो व्यक्तियों की पहचान कर ली है। दोनों युवक सोनकर समाज से बताए जा रहे हैं और नशे की हालत में थे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पहले से आपसी विवाद था और इसी के चलते एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए।
एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने बताया कि मामला पूरी तरह नियंत्रण में है और इसमें किसी प्रकार का सांप्रदायिक पहलू नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता यह है कि मूर्ति विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
वहीं वाराणसी पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि परमानंद सोनकर और अमन सोनकर के बीच पुराने विवाद को लेकर मारपीट हुई थी, जिसमें एक छोटे बच्चे को भी चोट आई है। परमानंद सोनकर की तहरीर पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौके पर एकत्र भीड़ को समझाकर विसर्जन जुलूस को आगे बढ़ाया गया। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
वाराणसी। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर नाबालिग …
वाराणसी। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद करते हुए परिजनों के हवाले कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को पीड़िता के परिजनों द्वारा थाने में लिखित तहरीर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि आरोपी समीर उनकी 17 वर्षीय बेटी को झांसा देकर अपने साथ ले गया है।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी सर्विलांस एवं सूचना तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन मुंबई के वाकोला क्षेत्र में मिलने पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे मामले की विवेचना थाना मंडुवाडीह के उप निरीक्षक विवेक यादव की देखरेख में की जा रही है तथा आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता, सतर्कता और तकनीकी दक्षता का प्रत्यक्ष उदाहरण मानी जा रही है।
धनबाद। झारखंड से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। लोदना ओपी क्षेत्र में रविवार को एक युवती से प्रेम प्रसंग के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो …
धनबाद। झारखंड से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। लोदना ओपी क्षेत्र में रविवार को एक युवती से प्रेम प्रसंग के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो दोस्तों के बीच ‘वो’ को लेकर चल रही रंजिश इस कदर बढ़ी कि एक युवक ने युवती के पेट में चाकू घोंप दिया। इस खूनी संघर्ष में युवती और बीच-बचाव करने आया दूसरा युवक दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
दोस्ती बनी दुश्मनी: बातचीत के दौरान चला चाकू
सूत्रों के अनुसार, युवती का प्रेम संबंध दो युवकों के साथ था, जो कभी गहरे दोस्त हुआ करते थे। इस त्रिकोणीय प्रेम की सच्चाई सामने आने के बाद दोस्ती में दरार आ गई। रविवार को इसी विवाद को सुलझाने के लिए तीनों एक स्थान पर एकत्रित हुए थे। बातचीत के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ और देखते ही देखते आवेश में आकर एक युवक ने युवती पर जानलेवा हमला कर दिया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
चीख-पुकार सुनकर मौके पर जमा हुए लोग और परिजन आनन-फानन में युवती को लोदना ओपी लेकर पहुंचे। पुलिस की सक्रियता से उसे तुरंत झरिया के नर्सिंग होम ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में धनबाद रेफर कर दिया गया है। युवती की स्थिति फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
लोदना ओपी प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया गया है और उससे सघन पूछताछ की जा रही है। हालांकि परिजनों की ओर से अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।
नई दिल्ली। भारत का गणतंत्र दिवस परेड केवल एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे गौरवशाली प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को जब भारत औपचारिक रूप से …
नई दिल्ली। भारत का गणतंत्र दिवस परेड केवल एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे गौरवशाली प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को जब भारत औपचारिक रूप से एक संप्रभु गणराज्य बना, उसी दिन देश की पहली गणतंत्र दिवस परेड आयोजित हुई। यह ऐतिहासिक परेड नई दिल्ली के इरविन स्टेडियम (अब राष्ट्रीय स्टेडियम) में हुई थी।
यह दिन भारतीय संविधान के लागू होने और गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 के समाप्त होने का प्रतीक बना, जिसने भारत को ब्रिटिश डोमिनियन से पूर्ण गणराज्य में परिवर्तित किया।
पहली गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ली सलामी
भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने देश की पहली गणतंत्र दिवस परेड की सलामी ली। उस समय समारोह आज जितना भव्य नहीं था, लेकिन इसका ऐतिहासिक और संवैधानिक महत्व अत्यंत गहरा था।
अपने संबोधन में उन्होंने पहले हिंदी और फिर अंग्रेजी में कहा कि भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पूरा देश एक संविधान और एक संघ के अंतर्गत एकजुट हुआ है, जिसे 32 करोड़ से अधिक नागरिकों के कल्याण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कब इरविन स्टेडियम से राजपथ पर पहुंची गणतंत्र दिवस परेड
स्वतंत्रता के बाद शुरुआती कुछ वर्षों तक गणतंत्र दिवस परेड इरविन स्टेडियम में ही आयोजित होती रही। लेकिन जैसे-जैसे आयोजन का आकार और राष्ट्रीय महत्व बढ़ता गया, एक बड़े और अधिक प्रतीकात्मक स्थल की आवश्यकता महसूस हुई।
वर्ष 1955 में परेड को किंग्सवे (अब राजपथ, वर्तमान में कर्तव्य पथ) पर स्थानांतरित कर दिया गया। यह मार्ग राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैला हुआ है और देश का सबसे प्रमुख औपचारिक मार्ग माना जाता है।
राजपथ से कर्तव्य पथ तक: गणतंत्र दिवस की पहचान बना ऐतिहासिक मार्ग
राजपथ — जिसे हाल ही में कर्तव्य पथ नाम दिया गया — जल्द ही गणतंत्र दिवस समारोह की स्थायी पहचान बन गया। यहां से परेड को नई भव्यता मिली, जिसमें—
थल, जल और वायुसेना का प्रदर्शन
राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां
भारतीय वायुसेना की फ्लाई-पास्ट
विदेशी मुख्य अतिथियों की भागीदारी
जैसे आयोजन शामिल होने लगे।
गणतंत्र दिवस परेड: भारत की एकता, विविधता और संविधान की जीवंत झलक
आज गणतंत्र दिवस परेड भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक देखे जाने वाले राष्ट्रीय आयोजनों में शामिल है। यह परेड न केवल देश की सैन्य शक्ति, बल्कि सांस्कृतिक विविधता और संवैधानिक मूल्यों की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है।
गणतंत्र दिवस परेड की यह ऐतिहासिक यात्रा भारत के लोकतंत्र, संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव की अमर कहानी बन चुकी है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रविवार को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी। इस वर्ष कुल 131 नागरिक सम्मान प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 5 पद्म विभूषण, …
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रविवार को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी। इस वर्ष कुल 131 नागरिक सम्मान प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। सूची में कला, सिनेमा, साहित्य, खेल, विज्ञान, चिकित्सा, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई जानी-मानी और जमीनी स्तर पर काम करने वाली हस्तियों के नाम शामिल हैं।
पद्म विभूषण से पांच विभूतियां सम्मानित
देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए जिन हस्तियों का चयन किया गया है, उनमें शामिल हैं—
वरिष्ठ अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत)
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत)
प्रसिद्ध शास्त्रीय वायलिन वादक एन. राजम
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. टी. थॉमस
प्रख्यात लेखक पी. नारायणन
यह श्रेणी “असाधारण और विशिष्ट सेवा” के लिए प्रदान की जाती है।
पद्म भूषण में अलका याग्निक, ममूटी और विजय अमृतराज शामिल
“उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा” के लिए दिए जाने वाले पद्म भूषण पुरस्कार पाने वालों में प्रमुख नाम हैं—
गायिका अलका याग्निक
अभिनेता ममूटी
उद्योगपति उदय कोटक
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी
विज्ञापन जगत के दिग्गज पियूष पांडेय (मरणोपरांत)
सामाजिक नेता वेल्लापल्ली नटेसन
टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज
पद्म श्री में रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर और सविता पुनिया सम्मानित
इस वर्ष पद्म श्री सूची में 113 नाम शामिल हैं। खेल जगत से भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर और महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी सविता पुनिया को यह सम्मान मिलेगा। इसके अलावा कला, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा और समाजसेवा से जुड़े कई जमीनी कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों को भी पद्म श्री से नवाजा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (X) पर सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा, “देश के सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान ने हमारे समाज को समृद्ध किया है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।”
मार्च–अप्रैल में राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित
पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है और इन्हें राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मार्च या अप्रैल में प्रदान किया जाता है। इस वर्ष की सूची में 19 महिलाएं, 6 विदेशी या प्रवासी भारतीय और 16 मरणोपरांत सम्मान शामिल हैं।
पद्म पुरस्कार 2026 : संक्षिप्त सूची
पद्म विभूषण (5) धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत), के. टी. थॉमस, एन. राजम, पी. नारायणन, वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत)
पद्म श्री (चयनित नाम) रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर भुल्लर, सविता पुनिया, प्रोसेनजीत चटर्जी, तरुण भट्टाचार्य सहित कुल 113 हस्तियां।
इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों की सूची ने एक बार फिर देश की विविध प्रतिभाओं और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाले नायकों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया है।
वाराणसी। कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर वाराणसी पुलिस ने निर्णायक प्रहार करते हुए शुभम जायसवाल के परिजनों और सहयोगियों की लगभग 29 करोड़ 19 लाख रुपये …
वाराणसी। कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर वाराणसी पुलिस ने निर्णायक प्रहार करते हुए शुभम जायसवाल के परिजनों और सहयोगियों की लगभग 29 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई शहर के आठ अलग-अलग इलाकों में एक साथ की गई, जिससे तस्करी नेटवर्क में हड़कंप मच गया।
आठ स्थानों पर एक साथ दबिश, तस्करों की कमर तोड़ी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मुकदमा अपराध संख्या 343/25 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/25/29 में की गई है। सोनभद्र पुलिस की पिछली कार्रवाई से मिले अहम सुरागों के आधार पर वाराणसी पुलिस ने इस नेटवर्क की आर्थिक जड़ों पर सीधा वार किया है। इसमें शुभम जायसवाल के परिजन ही नहीं, बल्कि उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियां भी शामिल हैं।
करोड़ों की संपत्तियां पुलिस के शिकंजे में
पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में स्थित कई कीमती संपत्तियों को जब्त किया है—
जगदीशपुर में तीन संपत्तियां – कीमत लगभग 1.21 करोड़ रुपये
चेतगंज, लल्लापुरा में मकान – करीब 1.05 करोड़ रुपये
शिवपुर, भरलाई में संपत्ति – लगभग 71 लाख रुपये
मड़ौली में संपत्ति – करीब 1.15 करोड़ रुपये
भेलूपुर, तुलसीपुर (गोपाल विहार कॉलोनी) – सबसे बड़ी जब्ती, लगभग 23 करोड़ रुपये
जगतगंज, रामकटोरा में संपत्ति – करीब 1.98 करोड़ रुपये
सोनभद्र के बाद वाराणसी पुलिस की निर्णायक पहल
अधिकारियों के अनुसार, यह तस्करी नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और अवैध कमाई को रियल एस्टेट समेत विभिन्न संपत्तियों में लगाया गया था। सोनभद्र पुलिस की कार्रवाई के बाद मिले इनपुट के आधार पर वाराणसी पुलिस ने इस नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
अवैध कमाई पर सख्त प्रहार, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
वाराणसी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति किसी भी सूरत में नहीं छोड़ी जाएगी। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और लोगों व संपत्तियों पर भी कार्रवाई संभव है। पुलिस का कहना है कि तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।