पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार रात कोलकाता के मध्यग्राम इलाके में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उन पर करीब चार राउंड फायरिंग की। इस घटना के लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
राज्य में 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से तनाव बना हुआ है। पिछले दो दिनों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें भाजपा और टीएमसी दोनों दलों के कार्यकर्ता शामिल हैं।
कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में मंगलवार रात भारी हंगामा देखने को मिला, जहां भीड़ ने टीएमसी के एक कार्यालय को बुलडोजर से गिरा दिया और आसपास की दुकानों में भी तोड़फोड़ की।
नॉर्थ 24 परगना के संदेशखाली के बामनघेरी क्षेत्र में गश्त कर रहे पुलिस और केंद्रीय बलों पर हमला किया गया। उपद्रवियों की फायरिंग में पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए और मौके से विस्फोटक सामग्री से भरा बैग भी बरामद हुआ।
इसके अलावा आसनसोल में टीएमसी कार्यालय में आगजनी, आमतला में अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़, मुर्शिदाबाद के जियागंज में लेनिन की प्रतिमा को नुकसान और जगतबल्लभपुर में पार्टी कार्यालय में आग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं।
राजनीतिक हालात
बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में आए चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है। असम और पुडुचेरी में NDA ने सत्ता बरकरार रखी है, जबकि बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सरकारें बदल गई हैं। तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन किया है और सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है। वहीं बंगाल में भाजपा 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण की तैयारी कर रही है।
नेताओं के बयान
भाजपा विधायक अर्जुन सिंह ने हिंसा पर सख्त कार्रवाई की मांग की है और केंद्रीय बलों को कड़े कदम उठाने की बात कही है। सुवेंदु अधिकारी ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
प्रशासन की कार्रवाई
राज्य में 200 से अधिक FIR दर्ज की जा चुकी हैं और 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि हालात को नियंत्रित किया जा सके।
