UP B.ED 2026: बीएड प्रवेश परीक्षा अब 31 मई को, फॉर्म भरने की तारीख 5 अप्रैल तक बढ़ी
झांसी: बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर युवाओं में इस वर्ष खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बढ़ते पंजीकरण को देखते हुए शासन ने परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाकर अब …
झांसी: बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर युवाओं में इस वर्ष खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बढ़ते पंजीकरण को देखते हुए शासन ने परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाकर अब …
झांसी: बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर युवाओं में इस वर्ष खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बढ़ते पंजीकरण को देखते हुए शासन ने परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाकर अब 31 मई कर दी है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम तक करीब 3.15 लाख अभ्यर्थियों ने बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 2.35 लाख अभ्यर्थी अपने आवेदन फॉर्म जमा भी कर चुके हैं। लगातार बढ़ रही अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए शासन ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला लिया है।
अब अभ्यर्थी बिना विलंब शुल्क के 5 अप्रैल तक आवेदन फॉर्म भर सकेंगे, जबकि 10 अप्रैल तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) लगातार तीसरी बार बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर रहा है। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में 2,33,384 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,93,000 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं वर्ष 2025 में 3,44,546 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया और 3,05,099 ने परीक्षा दी थी।
इस बार भी परीक्षा को लेकर छात्रों का रुझान बढ़ता दिखाई दे रहा है। अधिकारियों का मानना है कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पांच लाख तक पहुंच सकती है।
कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि अभ्यर्थी 10 अप्रैल तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन कर सकते हैं। साथ ही परीक्षा की नई तिथि 31 मई निर्धारित की गई है।
| वर्ष | पंजीकरण | फार्म जमा |
|---|---|---|
| 2022 | 667463 | 615021 |
| 2023 | 472882 | 424012 |
| 2024 | 233384 | 193000 |
| 2025 | 344546 | 305099 |
| वर्तमान | 3.15 लाख | 2.35 लाख |
नई दिल्ली: आम जनता पर महंगाई का एक और झटका लगा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई …
नई दिल्ली: आम जनता पर महंगाई का एक और झटका लगा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। कीमत बढ़ने के बाद राजधानी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है।
इंडियन ऑयल के आंकड़ों के मुताबिक देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं—
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर गोरखपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 975 रुपये तक पहुंच गई है।
इस बार 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रमुख शहरों में इसकी नई कीमतें इस प्रकार हैं—
कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की लागत बढ़ेगी। इसका असर आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
वहीं घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम घरों के बजट पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है।
बताया जाता है कि एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं, जिसके आधार पर तेल कंपनियां समय-समय पर कीमतों में बदलाव करती हैं।
शामली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में शामली जनपद के कांधला कस्बे की रहने वाली आस्था जैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया …
शामली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में शामली जनपद के कांधला कस्बे की रहने वाली आस्था जैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल की है। आस्था की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
आस्था जैन इससे पहले दो बार यूपीएससी की परीक्षा दे चुकी थीं। पहले प्रयास में उन्होंने 131वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में स्थान प्राप्त किया था और उन्हें राजस्थान कैडर मिला था। दूसरे प्रयास में उनकी रैंक 186 आई, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना था। इसी जुनून के साथ उन्होंने तीसरी बार परीक्षा दी और इस बार टॉप-10 में जगह बनाते हुए ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल कर अपना सपना साकार कर लिया।

फिलहाल आस्था जैन हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग कर रही हैं। उनके चयन की खबर मिलते ही परिवार और क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया। उनके पिता अजय कुमार जैन कांधला कस्बे के मुहल्ला सरावज्ञान में किराना और कंफेक्शनरी की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि आस्था बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रही हैं और उनका लक्ष्य शुरू से ही आईएएस अधिकारी बनने का था।

आस्था की मां ममता जैन ने बताया कि उनकी बेटी ने प्रारंभिक शिक्षा कांधला से प्राप्त की। इसके बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई शामली के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल से की। वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में उन्होंने 500 में से 496 अंक प्राप्त कर सीबीएसई परिणामों में देशभर में चौथा स्थान हासिल किया था।
इसके बाद आस्था ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई पूरी की और वहीं रहकर कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन माध्यमों से यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने माता-पिता, बहन आंचल, खुशी, भाई सार्थक और अपने गुरुजनों को दिया है।

परिणाम घोषित होने के बाद आस्था के पिता ने बाजार में मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। मोहल्ले के लोग, रिश्तेदार और परिचित लगातार फोन कर उन्हें बधाई दे रहे हैं। स्कूल के निदेशक राजीव गर्ग समेत कई लोगों ने आस्था की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। वहीं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आस्था जैन को बधाई दी है।
होली के मौके पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बिहार के पटना के एक गांव में घुसे चीते …
होली के मौके पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बिहार के पटना के एक गांव में घुसे चीते के साथ लोगों ने जमकर रंग-गुलाल खेला। वीडियो में कथित तौर पर एक चीता भीड़ के बीच बेहद शांत दिखाई देता है और लोग उसके ऊपर रंग डालते नजर आते हैं।
हालांकि, पड़ताल में यह वीडियो पूरी तरह फर्जी और AI जनरेटेड पाया गया है। विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स की जांच के बाद साफ हुआ कि इस वीडियो का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
सबसे अहम तथ्य यह है कि बिहार में वर्तमान समय में कोई भी जंगली चीता मौजूद नहीं है। भारत में अफ्रीकी चीतों को पुनर्स्थापित करने की परियोजना के तहत उन्हें मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखा गया है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, चीतों का स्वभाव बेहद सतर्क और आक्रामक हो सकता है। इंसानों की भीड़ के बीच उनका इस तरह शांत रहना प्राकृतिक व्यवहार के विपरीत है। ऐसे में वीडियो की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
यह वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा पोस्ट किया गया था, जिसमें दावा किया गया कि “बिहार में तेंदुआ आया और लोगों ने उसके साथ होली खेली।”
खबर बिहार की है जहां पटना स्थित एक गांव में तेंदुआ आ गया और अगर यहां कोई और राज्य के लोग होते तो डर जाते लेकिन
— Roshani Maurya (@MauryaRoshni_) March 2, 2026
बिहार में टैलेंट की कमी नहीं है वहां के लोगों ने तुरत तेंदुवा के ऊपर रंग , गुलाल लगाकर होली का त्यौहार मनाया और तेंदुवा भी पूरी तरह शांत रहा पूरी वीडियो देखिए। pic.twitter.com/mGaCvrOJQn
जब इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए एक्स के AI टूल Grok से सवाल किया गया, तो उसने स्पष्ट जवाब दिया कि यह वीडियो वास्तविक नहीं है। ग्रोक के अनुसार, “बिहार के किसी गांव में तेंदुए या चीते के साथ होली खेलने की कोई पुष्टि नहीं है। वीडियो AI जनरेटेड या स्टेज्ड प्रतीत होता है। जंगली जानवर इतना शांत नहीं बैठता।”
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के AI वीडियो सनसनी फैलाने और वायरल होने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं। लेकिन इसका नकारात्मक असर भी हो सकता है।
अगर लोग ऐसे वीडियो को सच मान लें और किसी जंगली जानवर के पास जाने या उसे छूने की कोशिश करें, तो परिणाम बेहद खतरनाक हो सकता है। यहां तक कि पालतू लेकिन आक्रामक नस्लों के कुत्ते, जैसे जर्मन शेपर्ड, भी असामान्य स्थिति में गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं।
होली जैसे त्योहारों के दौरान जहां भांग और अन्य नशों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है, वहीं AI जनरेटेड कंटेंट से भी सावधान रहने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर वीडियो सच नहीं होता। ऐसे में किसी भी सनसनीखेज दावे को मानने से पहले फैक्ट चेक करना बेहद जरूरी है।
इस वायरल वीडियो की जांच में साफ हुआ है कि बिहार में चीते के साथ होली खेलने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
नई दिल्ली: 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। …
नई दिल्ली: 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी की ओर से घोषित पहली लिस्ट में 6 राज्यों से 9 नाम शामिल हैं। इस सूची में कई बड़े और संगठनात्मक रूप से मजबूत चेहरों को मौका दिया गया है, जिनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नाम प्रमुख है। साथ ही एक महिला उम्मीदवार को भी स्थान दिया गया है।
आइए जानते हैं किस राज्य से किसे मिला टिकट।
नितिन नवीन को बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। वर्तमान में वह पटना की बांकीपुर सीट से विधायक हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से ही उनके राज्यसभा जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिस पर अब मुहर लग गई है।
बिहार से ही बीजेपी ने शिवेश कुमार राम को भी उम्मीदवार बनाया है। वह पार्टी के प्रदेश महामंत्री हैं। 2024 में उन्हें सासाराम लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। हाल के वर्षों में किसी दलित चेहरे को राज्यसभा नहीं भेजने के बाद यह फैसला राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल से बीजेपी ने राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। राज्य में पार्टी के शुरुआती दौर से सक्रिय रहे राहुल सिन्हा ने वामदल और तृणमूल कांग्रेस दोनों के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष किया है। उन्हें राज्यसभा भेजकर बीजेपी बंगाल में अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने का संदेश देना चाहती है।
छत्तीसगढ़ से बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जो पहली सूची में शामिल एकमात्र महिला प्रत्याशी हैं। वह राज्य महिला आयोग की सदस्य और बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। 59 वर्षीय लक्ष्मी वर्मा कुर्मी समाज (ओबीसी) से आती हैं और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की निवासी हैं। वर्तमान में वह रायपुर में रहती हैं। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है।
असम से बीजेपी ने दो नाम घोषित किए हैं।
जोगेन मोहन, जो राज्य में कैबिनेट मंत्री हैं और कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। उन्हें असम में बीजेपी का मजबूत चेहरा माना जाता है।
दूसरे उम्मीदवार तेराश गोवाला हैं, जो दुलियाजान सीट से विधायक हैं। पार्टी संगठन में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है और उन्हें उच्च सदन में भेजने का फैसला रणनीतिक माना जा रहा है।
ओडिशा से बीजेपी ने दो नेताओं को उम्मीदवार बनाया है।
मनमोहन सामल, जो राज्य इकाई के अध्यक्ष हैं, को राज्यसभा भेजा जा रहा है। 2024 विधानसभा चुनाव में वह मामूली अंतर से हार गए थे, लेकिन राज्य में पार्टी को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इसके अलावा मौजूदा राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार को भी दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है। उनका कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है।
हरियाणा से बीजेपी ने संजय भाटिया को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। 2019 में करनाल लोकसभा सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बावजूद उन्हें अगले लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था। पार्टी ने उन्हें संगठन में जिम्मेदारी दी थी। अब उन्हें राज्यसभा भेजकर पार्टी ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
बीजेपी की पहली सूची से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि पार्टी ने संगठन में सक्रिय और लंबे समय से जुड़े नेताओं को प्राथमिकता दी है। साथ ही सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। आगामी राज्यसभा चुनाव में इन नामों पर अब सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की कथित हत्या के बाद उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हमले के लिए इज़राइल …
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की कथित हत्या के बाद उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हमले के लिए इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका को जिम्मेदार ठहराए जाने के बीच प्रदेश सरकार ने एहतियातन हाई अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह उच्चस्तरीय बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके बाद लखनऊ सहित विभिन्न जनपदों में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि शिया बाहुल्य इलाकों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। त्योहारों के मद्देनजर अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और हिंसक गतिविधियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में शिया समुदाय ने खामेनेई की शहादत पर तीन दिन का शोक घोषित किया है। मौलाना कल्बे जवाद ने समुदाय से प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। देशभर के शिया समुदाय से भी एक ही समय पर शोकसभा आयोजित करने का आह्वान किया गया है।
कश्मीर के कई हिस्सों में, खासकर शिया बहुल इलाकों में, सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारेबाजी की और ईरान के प्रति एकजुटता जताई। कई स्थानों पर खामेनेई की तस्वीरों और काले झंडों के साथ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया।
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने विश्व समुदाय से हमले की निंदा करने की अपील की है। जारी बयान में दूतावास ने खामेनेई की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय देशों को इस घटना पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
इस बीच, ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर कार्रवाई का दावा किया है।
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
01 मार्च की तारीख विश्व इतिहास में एक अहम स्थान रखती है। इसी दिन वर्ष 1954 में अमेरिका ने प्रशांत महासागर स्थित बिकिनी अटोल पर अपना सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण ‘कैसल …
01 मार्च की तारीख विश्व इतिहास में एक अहम स्थान रखती है। इसी दिन वर्ष 1954 में अमेरिका ने प्रशांत महासागर स्थित बिकिनी अटोल पर अपना सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण ‘कैसल ब्रावो’ किया था। यह परीक्षण दूसरे विश्व युद्ध के बाद शुरू हुई परमाणु हथियारों की होड़ का बड़ा प्रतीक बना।
द्वितीय विश्व युद्ध में हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि दुनिया ऐसे विनाशकारी हथियारों से दूरी बनाएगी, लेकिन इसके विपरीत परमाणु शक्ति की प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई। इसी क्रम में अमेरिका ने मार्शल द्वीप समूह के बिकिनी अटोल को परमाणु परीक्षणों का केंद्र बनाया।
अंगूठी के आकार वाले इस कोरल अटोल में 23 छोटे-छोटे द्वीप शामिल हैं। हवाई और फिलीपींस के बीच स्थित यह स्थान ‘कैसल ब्रावो’ परीक्षण के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। वर्ष 1954 में 01 मार्च को किए गए इस परीक्षण में करीब 150 लाख टन टीएनटी के बराबर विस्फोट हुआ, जो हिरोशिमा पर गिराए गए बम से लगभग हजार गुना अधिक शक्तिशाली बताया जाता है। विस्फोट से समुद्र में करीब दो किलोमीटर चौड़ा गड्ढा बन गया।
धमाके का असर लगभग 160 किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया। कुछ ही घंटों में रेडियोधर्मी कण आसपास के द्वीपों पर गिरने लगे, जिससे वहां रहने वाले लोगों, उनके पीने के पानी और भोजन पर प्रभाव पड़ा। प्रभावित द्वीपों के निवासियों को बाद में वहां से हटाया गया।
वर्ष 1964 में अमेरिकी सरकार ने स्वीकार किया कि परमाणु परीक्षण के कारण स्थानीय लोग रेडिएशन के संपर्क में आए थे। इसके बाद प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया गया।
परमाणु परीक्षणों के ऐतिहासिक और वैश्विक प्रभाव को देखते हुए वर्ष 2010 में यूनेस्को ने बिकिनी अटोल को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। संस्था ने इसे शीत युद्ध की शुरुआत और परमाणु हथियारों की दौड़ का ठोस प्रमाण बताया।
01 मार्च की यह घटना आज भी दुनिया को परमाणु हथियारों के दुष्परिणामों की याद दिलाती है।
पश्चिम एशिया में तनाव खुली जंग जैसे हालात में बदल गया है। अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में …
पश्चिम एशिया में तनाव खुली जंग जैसे हालात में बदल गया है। अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। कई शहरों में सायरन बजाए गए और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने सुरक्षा हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा की, हालांकि विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।
ईरान ने हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र भेजा गया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में रूस और चीन की पहल पर स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि फिलहाल सीधी वार्ता नहीं हो रही, लेकिन बातचीत की संभावना बनी है। उन्होंने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सुरक्षित होने की पुष्टि की। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी हालात पर चिंता जताई और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया।
इस्राइल ने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर नए हमलों का दावा किया है। कुछ रिहायशी इलाकों और एक स्कूल परिसर को नुकसान की खबर है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले से सीमित क्षति और कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है।
भारत और अन्य देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अगले कदम पर टिकी है।
होलिका दहन की तिथि को लेकर इस बार लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वजह यह है कि 2 और 3 मार्च दोनों ही दिन पूर्णिमा तिथि पड़ …
होलिका दहन की तिथि को लेकर इस बार लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वजह यह है कि 2 और 3 मार्च दोनों ही दिन पूर्णिमा तिथि पड़ रही है, जबकि 3 मार्च को चंद्रग्रहण भी लगने वाला है। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर होलिका दहन किस दिन किया जाए। पंडित राकेश झा के अनुसार, इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को करना अधिक शुभ और शास्त्र सम्मत रहेगा, क्योंकि इस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि का संयोग बन रहा है।
2 और 3 मार्च दोनों दिन पूर्णिमा तिथि रहने से लोगों में भ्रम की स्थिति बनी है। साथ ही 3 मार्च को लगने वाला चंद्रग्रहण भी निर्णय को लेकर असमंजस पैदा कर रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, इसलिए होलिका दहन जैसे धार्मिक अनुष्ठान के लिए ग्रहण रहित समय का चयन आवश्यक है।
पंडित राकेश झा बताते हैं कि पूर्णिमा तिथि 2 और 3 मार्च दोनों दिन रहेगी, लेकिन 3 मार्च को प्रदोष काल शुरू होने से पहले ही पूर्णिमा समाप्त हो जाएगी। धर्म सिंधु ग्रंथ में उल्लेख है कि यदि दो दिनों तक पूर्णिमा रहे और पहले दिन प्रदोष काल का स्पर्श हो जबकि दूसरे दिन न हो, तो पहले दिन ही भद्रा रहित समय में होलिका दहन करना चाहिए।
हालांकि इस बार 2 मार्च को पूर्णिमा के साथ भद्रा का प्रभाव भी रहेगा, लेकिन शास्त्रों में भद्रा मुख को छोड़कर प्रदोष काल में होलिका दहन करने की अनुमति दी गई है।
भद्रा मुख 2 मार्च की अर्धरात्रि के बाद 2 बजकर 38 मिनट से प्रारंभ होकर 3 मार्च की सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। वहीं 2 मार्च को शाम 6 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 53 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। यही समय होलिका दहन के लिए शुभ और शास्त्र सम्मत माना जा रहा है।
होलिका दहन केवल रंगों के त्योहार की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक भी है। पौराणिक कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप नामक एक शक्तिशाली असुर ने कठोर तपस्या कर ब्रह्माजी से ऐसा वरदान प्राप्त किया था कि उसे न मनुष्य मार सके, न पशु; न दिन में मृत्यु हो, न रात में; न घर के भीतर मारा जाए, न बाहर; और न किसी अस्त्र-शस्त्र से उसका अंत हो। वरदान पाकर वह स्वयं को ईश्वर समझने लगा।
उसने अपने राज्य में भगवान की उपासना पर रोक लगा दी। लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। पुत्र की भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया कि वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठे। होलिका को अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका अग्नि में भस्म हो गई।
इसी घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष होलिका दहन किया जाता है, जो सत्य, भक्ति और धर्म की विजय का संदेश देता है।
हाथरस में शादी के महज तीन दिन बाद एक नवविवाहिता अपने रिश्ते के चाचा के साथ घर से चली गई। आरोप है कि सुहागरात के दिन जब पति उसके पास गया …
हाथरस में शादी के महज तीन दिन बाद एक नवविवाहिता अपने रिश्ते के चाचा के साथ घर से चली गई। आरोप है कि सुहागरात के दिन जब पति उसके पास गया तो उसने उसे दूर रहने की चेतावनी दी और चाकू से हाथ पर वार कर दिया। उसने साफ कहा कि वह किसी और से प्रेम करती है और उसे छूने की कोशिश न की जाए। इसके बाद दूल्हा कमरे में अलग चारपाई डालकर सोने लगा।
तीन दिन बाद युवती ने कथित तौर पर खाने में नशीला पदार्थ मिलाया। उसने पति समेत पूरे परिवार को अपने हाथ से खाना परोसा। खाना खाने के कुछ देर बाद सभी लोग बेहोश हो गए। आरोप है कि इसी दौरान वह घर में रखे करीब 15 लाख रुपये के जेवरात और पति की जेब से 18 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गई।

परिजन दो दिनों तक रिश्तेदारी और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश करते रहे। कोई सुराग न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के नाई का नगला नई बस्ती का बताया जा रहा है। 21 फरवरी को शादी हुई थी, जबकि 25 फरवरी को युवती घर से चली गई।
नाई का नगला निवासी सुनील, जो शटरिंग का काम करता है, की शादी 21 फरवरी को परसारा गांव निवासी धर्मेंद्र की 20 वर्षीय बेटी मोनिका से हुई थी। 22 फरवरी को विदाई के बाद वह पत्नी को घर लेकर आया।
सुनील के मुताबिक, शादी के दौरान सब कुछ सामान्य लग रहा था और किसी प्रेम संबंध की चर्चा सामने नहीं आई थी। लेकिन सुहागरात पर पत्नी ने उसे पास आने से मना कर दिया और कहा कि वह किसी और से प्रेम करती है। समझाने की कोशिश करने पर उसने चाकू से हाथ पर हमला कर दिया और दूरी बनाए रखने की बात कही।
अगले दिन सुनील ने यह बात ससुराल पक्ष को बताई। परिजन आए और युवती को समझाया। उनके जाने के बाद वह दो दिन तक सामान्य व्यवहार करती रही और परिवार के साथ घुल-मिलकर रही।
25 फरवरी की शाम उसने घर के सभी सदस्यों के लिए खाना बनाया। आरोप है कि खाने के बाद पूरा परिवार बेहोश हो गया। सुबह जब होश आया तो युवती घर में नहीं थी। अलमारी खुली मिली और सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी गायब थी। घर का मुख्य दरवाजा भी खुला मिला।
परिवार ने युवती के मायके संपर्क किया तो जानकारी मिली कि गांव का उसका रिश्ते का चाचा भी लापता है। बताया गया कि दोनों के बीच पहले से संबंध थे, हालांकि शादी परिवार की सहमति से हुई थी। दोनों परिवारों ने तलाश की, लेकिन पता न चलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
कोतवाली प्रभारी सतेंद्र सिंह राघव ने बताया कि शिकायत मिल गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती की शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध कराई गई थी और वह पति के साथ नहीं रहना चाहती थी। उसका पता चल गया है और उसने स्वयं थाने आने की बात कही है। जल्द ही दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ की जाएगी।
