पछुआ हुई कमजोर तो पारा पहुंचा 40.1°C, साल का सबसे गर्म दिन रहा मंगलवार, और बढ़ेगी तपिश
वाराणसी: पछुआ हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ते ही मंगलवार को बनारस में इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। शहर में तेज गर्मी का असर साफ …
वाराणसी: पछुआ हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ते ही मंगलवार को बनारस में इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। शहर में तेज गर्मी का असर साफ …
वाराणसी: पछुआ हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ते ही मंगलवार को बनारस में इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। शहर में तेज गर्मी का असर साफ देखने को मिला और लोगों को दिनभर झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस साल पहली बार इस स्तर पर दर्ज किया गया है।
मंगलवार को गंगा घाटों, खासकर दशाश्वमेध घाट पर भीषण गर्मी के बीच लोगों की आवाजाही जारी रही। हालांकि, तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। दिन के समय सड़कों पर गर्मी का असर साफ नजर आया और दोपहर में बाजारों में भीड़ कम रही।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है। अनुमान है कि अगले सप्ताह तक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। बीते तीन दिनों में ही तापमान में करीब 7 से 8 डिग्री सेल्सियस की तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पछुआ हवा कमजोर पड़ने के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा दर्ज किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि अगले 4 से 5 दिनों तक कोई सक्रिय मौसम प्रणाली विकसित होने की संभावना नहीं है, जिसके चलते मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, पछुआ हवाओं की गति कम होने के बाद पुरवा हवाओं के चलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।
फिलहाल वाराणसी में गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ रही है और लोगों को आने वाले दिनों में और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
वाराणसी: शहर में एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर इन दिनों गंभीर समस्या सामने आ रही है। बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, …
वाराणसी: शहर में एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर इन दिनों गंभीर समस्या सामने आ रही है। बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार की छुट्टी के चलते सोमवार को गोदाम से गैस एजेंसियों को सिलेंडर नहीं मिल सके। इसके कारण डिलीवरी प्रभावित हुई और पहले से लंबित बुकिंग का दबाव और बढ़ गया। उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों और गोदाम के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, गैस सिलेंडर की बुकिंग में अचानक वृद्धि के कारण बैकलॉग बढ़ गया है। पहले जहां रोजाना 300-350 बुकिंग होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 650-700 तक पहुंच गई है। कई दिनों में यह आंकड़ा 1000 तक भी चला गया, जिससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले सिलेंडर 20-25 दिन में मिल जाता था, लेकिन अब बुकिंग के बाद 10 से 15 दिन का अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है। इससे घरेलू जरूरतें प्रभावित हो रही हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
गैस सिलेंडर की देरी पर मंडलायुक्त ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ऑयल कंपनियों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को तलब कर उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने और शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने को कहा गया है। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को गैस गोदामों का नियमित निरीक्षण करने और सिलेंडर का वजन सही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कम वजन या लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कई बार संपर्क करने के बावजूद केवल आश्वासन दिया जा रहा है। ऐसे में आम लोगों के लिए दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
वाराणसी: शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को नियंत्रित करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस अब एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने Reducing Traffic Congestion (RTC) योजना के …
वाराणसी: शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को नियंत्रित करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस अब एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने Reducing Traffic Congestion (RTC) योजना के तहत प्रमुख सड़कों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
पुलिस आयुक्त ने आशापुर चौराहा से पांडेयपुर चौराहा होते हुए चौकाघाट तक करीब 12 किलोमीटर पैदल चलकर यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और जमीनी हालात का जायजा लिया। इस दौरान कई जगहों पर ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थाओं को चिन्हित किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
जैसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि शहर में अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस थाना क्षेत्र में अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां के थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
इस दौरान आलोक प्रियदर्शी, शिवहरी मीणा, प्रमोद कुमार, लिपि नागयाच, अनिल यादव, वैभव बांगर और अंशुमान मिश्र सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।
वाराणसी पुलिस ने साफ कर दिया है कि अब ट्रैफिक नियमों और अतिक्रमण पर कोई समझौता नहीं होगा। शहर को जाम मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।
वाराणसी में बीते नौ वर्षों के दौरान रोजगार मेलों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के दरवाजे खोल दिए हैं। जहां पहले नौकरी की तलाश में युवाओं को बड़े शहरों की …
वाराणसी में बीते नौ वर्षों के दौरान रोजगार मेलों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के दरवाजे खोल दिए हैं। जहां पहले नौकरी की तलाश में युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ता था, वहीं अब राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां खुद उनके शहर में पहुंचकर रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने युवाओं को उनके गृह जनपद में ही रोजगार देने को प्राथमिकता दी है। इसी दिशा में क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय वाराणसी द्वारा लगातार रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें देश-विदेश की कई बड़ी कंपनियां भाग ले रही हैं। साथ ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी जैसे आयोजनों ने भी रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया है।
सरकार का लक्ष्य युवाओं को उनके घर के पास ही नौकरी उपलब्ध कराना है, जो अब धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है। युवा अपनी योग्यता और कौशल के आधार पर रोजगार हासिल कर रहे हैं। सहायक निदेशक (सेवायोजन) मुकेश कुमार के अनुसार, वर्ष 2017 से मार्च 2026 तक कुल 62,172 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017 से 2026 के बीच रोजगार मेलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पहले यह संख्या 21 से 48 के बीच थी, वहीं अब यह बढ़कर कुल 323 तक पहुंच गई है, जो लगभग ढाई गुना वृद्धि दर्शाती है।
रोजगार मेला प्रभारी दीप सिंह ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में वाराणसी में 1700 से अधिक नियोक्ताओं ने इन मेलों में भाग लिया है। इनमें प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के अलावा कई प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनियां, राष्ट्रीयकृत बैंक, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, आईटी, एजुकेशन, रियल एस्टेट, सर्विस सेक्टर और सेल्स-मार्केटिंग से जुड़ी कंपनियां शामिल रही हैं। इन मेलों के जरिए युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार बेहतर वेतन पैकेज भी मिल रहा है।
सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करना है, ताकि हर हाथ को काम मिल सके और प्रदेश आर्थिक रूप से सशक्त बन सके।
वाराणसी में संदिग्ध आतंकी फंडिंग के मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। यूपी एटीएस ने आदमपुर थाना क्षेत्र के ओमकारेश्वर इलाके में स्थित एक डॉक्टर के घर पर …
वाराणसी में संदिग्ध आतंकी फंडिंग के मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। यूपी एटीएस ने आदमपुर थाना क्षेत्र के ओमकारेश्वर इलाके में स्थित एक डॉक्टर के घर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने घर से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए और परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप से बैंक लेन-देन से जुड़ी जानकारी मिली है, जिसमें लाखों रुपये के ट्रांजैक्शन का विवरण सामने आया है। साथ ही कुछ ऐसे संपर्क भी मिले हैं जो कश्मीर और पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों से लिंक होने की ओर इशारा कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई टेरर फंडिंग से संबंधित इनपुट मिलने के बाद की गई है। बताया जा रहा है कि यूपी एटीएस के साथ मुंबई एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम भी इस जांच में शामिल है। टीम करीब चार घंटे से अधिक समय तक मौके पर मौजूद रहकर हर पहलू की जांच कर रही है।
जिस डॉक्टर के घर पर छापा पड़ा है, उनकी पहचान डॉ. आरिफ अंसारी के रूप में हुई है, जो आदमपुर के हनुमान फाटक इलाके में एक अस्पताल संचालित करते हैं और पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जांच एजेंसियां उनके बेटे अबुबकर से भी पूछताछ कर रही हैं, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहा है।
बताया जा रहा है कि युवक के मोबाइल में एक कश्मीरी हैंडल से व्हाट्सएप चैट के साक्ष्य मिले हैं, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े कुछ संदिग्ध लोगों से बातचीत होने की बात सामने आई है। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने वाराणसी में यह कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आदमपुर थाना पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया है। जिस गली में टीम पहुंची है, वहां आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
इस दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ जांच को आगे बढ़ा रही हैं। एटीएस के एक अधिकारी ने मौके से बाहर निकलते हुए मीडिया से बातचीत में कहा कि फिलहाल जांच जारी है और इस समय कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
फिलहाल, एजेंसियां डिजिटल डाटा, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और संदिग्ध संपर्कों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय …
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाकर अंदर देखा तो युवक फंदे से लटका हुआ मिला। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जो इस पूरे मामले का अहम हिस्सा बन गया है।
मृतक की पहचान कुलदीप के रूप में हुई है, जो शिवपुर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। जानकारी के मुताबिक उसकी शादी आगामी 30 अप्रैल को तय थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। ऐसे में इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस को कमरे से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें युवक ने अपनी मौत के लिए पूजा सक्सेना नाम की एक युवती को जिम्मेदार ठहराया है। उसने लिखा कि उक्त युवती उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी और आपत्तिजनक हरकतों के लिए दबाव बना रही थी। युवक के अनुसार, युवती बार-बार धमकी देती थी कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह उसकी शादी तुड़वा देगी और उसके परिवार को बर्बाद कर देगी।
सुसाइड नोट में युवक ने लिखा कि उसकी मौत का कारण वही युवती है जिसने उसका जीना मुश्किल कर दिया। उसने बताया कि युवती लगातार गलत काम के लिए मजबूर करती थी और मना करने पर शादी रुकवाने की धमकी देती थी। आगे उसने लिखा कि मोबाइल फोन में सभी सबूत मौजूद हैं और युवती उसे रोज ब्लैकमेल करती थी। युवक ने कहा कि वह इस मानसिक दबाव को और सहन नहीं कर पा रहा था और उसके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
सुसाइड नोट में युवक ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। उसने अपनी बहनों से माता-पिता का ख्याल रखने को कहा। उसने यह भी लिखा कि वह मरना नहीं चाहता था, लेकिन परिस्थितियों ने उसे मजबूर कर दिया। उसने अपने परिवार के प्रति प्यार व्यक्त किया और अंत में भावुक संदेश छोड़ा।
मकान मालिक के अनुसार सुबह युवक कुछ देर के लिए बाहर गया और फिर वापस आकर अपने कमरे में चला गया। उन्होंने उससे शादी को लेकर घर जाने की बात कही थी, जिस पर वह मुस्कुराते हुए ऊपर चला गया। कुछ देर बाद युवक का एक दोस्त उसे फोन करता रहा, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रोशनदान से झांका तो युवक फंदे से लटका हुआ मिला। कमरे में मोबाइल फोन, पेन और सुसाइड नोट रखा हुआ था।
पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नोट में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी और संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।
वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल में सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने युवती को गोली मार दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी …
वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल में सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने युवती को गोली मार दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से अवैध पिस्टल और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी शुभम राय युवती के साथ फर्जी पहचान पत्र के आधार पर होटल में ठहरा था। युवती की शादी किसी अन्य व्यक्ति से तय हो जाने के कारण वह नाराज था। इसी बात को लेकर उसने युवती को मिलने के बहाने होटल बुलाया और विवाद के दौरान गोली चला दी।
जांच में यह भी सामने आया कि होटल प्रबंधन ने दोनों की आईडी की सही तरीके से जांच नहीं की थी और घटना के बाद भी करीब दो दिन तक पुलिस को सूचना नहीं दी गई। इस लापरवाही पर पुलिस ने होटल संचालक को नोटिस जारी किया है और सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर ली गई है।
घटना के बाद आरोपी ने घायल युवती को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ जांच जारी है।
पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी पिछले तीन वर्षों से युवती के संपर्क में था। शादी तय होने की जानकारी मिलने के बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
वाराणसी: डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और …
वाराणसी: डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और औद्योगिक क्षेत्रों की निगरानी को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरि मीणा ने फूलपुर और बड़ागांव थाना क्षेत्रों का दौरा कर मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कर्खियांव चौकी क्षेत्र में स्थित प्रमुख औद्योगिक इकाइयों जैसे अमूल डेयरी, GAIL और पारले-जी की सुरक्षा व्यवस्था का गहन मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर कड़ी चेकिंग सुनिश्चित की जाए और हर संदिग्ध व्यक्ति तथा वाहन की गहन जांच की जाए। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखने और कंट्रोल रूम से समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और मोबाइल पेट्रोलिंग को भी बढ़ाया गया है।

यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। बाबतपुर क्षेत्र में हुई ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि Wrong Side चलने वालों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ बॉडी कैमरा और लाउड हेलर का उपयोग अनिवार्य किया गया है। साथ ही नियम तोड़ने वालों की काउंसलिंग करने और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को सोशल मीडिया के जरिए प्रचारित करने की योजना भी बनाई गई है, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े।
शहर में बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सख्ती दिखाने का फैसला लिया है। पंचकोसी मार्ग और हरहुआ चौराहे को ‘नो वेंडिंग जोन’ बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत सड़क किनारे लगे अवैध ठेले-खोमचे हटाए जाएंगे और स्थानीय निकायों के सहयोग से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

इसके अलावा आम नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। शहर के प्रमुख चौराहों पर बैनर और पोस्टर के माध्यम से ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाएगी, जबकि स्कूल, कॉलेज और औद्योगिक इकाइयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सोशल मीडिया के जरिए भी लगातार जागरूकता फैलाने की योजना है, ताकि लोग नियमों का पालन करें और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में सहयोग दें।
निरीक्षण के दौरान शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। रिंग रोड के प्रमुख चौराहों पर रोड मार्किंग और ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खराब स्ट्रीट लाइट्स को तुरंत ठीक कराने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इस दौरान अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नृपेन्द्र, फूलपुर और बड़ागांव थाना प्रभारी समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, गलत दिशा में वाहन न चलाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 112 पर दें। साथ ही अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से बचने की भी सलाह दी गई है।
पुलिस का मानना है कि नागरिकों के सहयोग के बिना शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना संभव नहीं है। इसलिए सभी से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और वाराणसी को सुरक्षित बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें।
वाराणसी: काशी अब तेजी से आधुनिक विकास और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में आगे बढ़ रही है। शहर की पारंपरिक पहचान को बरकरार रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की …
वाराणसी: काशी अब तेजी से आधुनिक विकास और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में आगे बढ़ रही है। शहर की पारंपरिक पहचान को बरकरार रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। कैंट स्थित मालगोदाम की जमीन पर ‘नमो बनारस केंद्र’ विकसित किया जाएगा, जो आने वाले समय में व्यापार और रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना खास तौर पर बनारसी साड़ी उद्योग और दवा मंडी से जुड़े व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगी, जिससे उनका कारोबार और अधिक संगठित व सशक्त हो सकेगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में इस योजना को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। लगभग 0.82 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले इस जी+6 मल्टीस्टोरी कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर करीब 145.36 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस कॉम्प्लेक्स में कुल 844 आधुनिक दुकानें बनाई जाएंगी, जिनका आकार 155 वर्ग फीट से लेकर 655 वर्ग फीट तक होगा। इस परियोजना का उद्देश्य छोटे और बड़े दोनों प्रकार के व्यापारियों को एक ही छत के नीचे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
परियोजना के वित्तपोषण के लिए नगर निगम ने एक मिश्रित मॉडल तैयार किया है, जिसके तहत लगभग 100 करोड़ रुपये व्यापारियों से जुटाए जाएंगे, जबकि शेष राशि राज्य वित्त आयोग के अनुदान से पूरी की जाएगी।
डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने शहर के प्रमुख अस्पतालों में मुफ्त वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू अस्पताल और कैंसर अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों को यह सुविधा दी जाएगी।
इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को इलाज के दौरान डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा और वे बेहतर तरीके से अपने काम भी कर पाएंगे।
शहर में बढ़ते अतिक्रमण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने प्रवर्तन दल को मजबूत करने का निर्णय लिया है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से 19 नए जवानों की भर्ती की जाएगी, जिससे टीम की संख्या 21 से बढ़कर 40 हो जाएगी।
इसके साथ ही श्रमिकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि हर जोन में कम से कम चार कर्मचारी तैनात रह सकें। इससे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज और प्रभावी होगी।
बैठक में मैदागिन स्थित पेट्रोल पंप के पट्टे का नवीनीकरण करते हुए 55,000 रुपये मासिक किराया तय किया गया। इसके अलावा होम स्टे और पेइंग गेस्ट हाउस के लिए 1500 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क को भी मंजूरी दी गई।
इससे पर्यटन और स्थानीय आवास व्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम ने शहर में बेकार पड़े 83 वाहनों की नीलामी का फैसला लिया है। हालांकि, सीएसआर फंड से प्राप्त 31 ई-गार्बेज वाहनों की नीलामी फिलहाल जांच पूरी होने तक स्थगित कर दी गई है।
विकास कार्यों में हो रही देरी पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि अब टेंडर जारी होने के एक सप्ताह के भीतर ठेकेदार के साथ अनुबंध करना अनिवार्य होगा, ताकि कार्य समय पर शुरू हो सके।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाने चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
बैठक में सलारपुर और पहाड़िया क्षेत्रों में नए बिजली उपकेंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इन उपकेंद्रों के बनने से आसपास के इलाकों में लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से राहत मिलेगी।
बैठक के दौरान कुछ प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को लेकर महापौर ने नाराजगी जताई और कार्यवाही को बीच में ही स्थगित कर दिया। इसके कारण कई जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा अधूरी रह गई।
वाराणसी: वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में जल्द ही बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खराब प्रदर्शन करने वाले थानाध्यक्षों की कुर्सी खतरे में है, क्योंकि वर्ष 2019 बैच के …
वाराणसी: वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में जल्द ही बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खराब प्रदर्शन करने वाले थानाध्यक्षों की कुर्सी खतरे में है, क्योंकि वर्ष 2019 बैच के दरोगा अब थाने की जिम्मेदारी संभालने के लिए पात्र हो चुके हैं। पुलिस कमिश्नर की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में युवाओं को थानों की कमान सौंपी जा सकती है।
नियमों के अनुसार, दरोगा बनने के बाद छह वर्ष की सेवा पूरी करने पर थानाध्यक्ष बनने का अवसर मिलता है। इसी आधार पर 2019 बैच के दारोगा अब इस पद के लिए योग्य माने जा रहे हैं। कुछ समय पहले ही पुलिस कमिश्नर ने इन अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन करने के निर्देश दिए थे और भविष्य में जिम्मेदारी देने का भरोसा भी जताया था।
कमिश्नरेट में थानों की संख्या सीमित होने के कारण सभी को मौका मिलना संभव नहीं है। ऐसे में कई दरोगा अपने काम के आधार पर उम्मीद लगाए बैठे हैं, तो कुछ सीनियर अधिकारियों और राजनीतिक संपर्कों के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश में हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से पिछले कई महीनों से सभी दरोगाओं के कार्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है।
2019 बैच के कुछ दरोगाओं का रिकॉर्ड पुलिस के लिए चिंता का विषय भी रहा है। कुछ मामलों में चौकी प्रभारी रहते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल उठे, वहीं कुछ को भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने भी पकड़ा। यही कारण है कि पूर्व पुलिस कमिश्नर मुथा अशोक जैन ने कुछ समय के लिए इस बैच के दरोगाओं को चौकी प्रभारी बनाने पर रोक लगा दी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें अनुशासन और ईमानदारी का पाठ पढ़ाने के लिए विशेष क्लास भी ली थी।
हालांकि, इस बैच में ऐसे अधिकारी भी हैं जिन्होंने अपनी कार्यशैली से पुलिस विभाग का भरोसा जीता है और बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई है।
