वाराणसी। आगामी नवरात्रि और अन्य प्रमुख त्योहारों को देखते हुए नगर निगम ने शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं। …
वाराणसी। आगामी नवरात्रि और अन्य प्रमुख त्योहारों को देखते हुए नगर निगम ने शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नगर निगम ने शहर में संचालित निजी पार्किंग स्थलों के संचालकों से विस्तृत विवरण मांगा है। पार्किंग शुल्क को लेकर नागरिकों द्वारा जताई गई आपत्तियों के निस्तारण के लिए यह जानकारी एकत्र की जा रही है, ताकि शुल्क निर्धारण और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
इसके अलावा शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग से ‘पिक एंड ड्रॉप प्वाइंट’ विकसित करने की योजना पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि इससे मुख्य सड़कों पर वाहनों की अनावश्यक भीड़ कम होगी और यातायात सुचारु रहेगा।
बैठक में नगर आयुक्त ने सभी वार्डों में मार्ग प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए और जिन स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था अपर्याप्त है वहां नई लाइटें लगाई जाएं, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार त्योहारों के मद्देनजर शहर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा है कि जनपद में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के …
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा है कि जनपद में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर इनकी आपूर्ति सुचारू रूप से कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर ईंधन और घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। प्रशासन की ओर से अफवाह फैलाने और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने यह भी कहा कि पीएनजी गैस सप्लाई को नियमित बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में भी गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
गैस की कमी से जुड़ी अफवाहों के बीच बुधवार को जिलाधिकारी ने सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराने की जरूरत नहीं है। सभी उपभोक्ताओं को घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल पहले की तरह नियमित रूप से मिलता रहेगा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर एक घरेलू गैस सिलेंडर लगभग एक महीने तक चलता है, इसलिए सिलेंडर लेने के बाद दोबारा बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल रखा गया है।
जिलापूर्ति अधिकारी के.बी. सिंह ने बताया कि वाराणसी में कुल 81 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं और लगभग 10.36 लाख उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन करीब 23,600 उपभोक्ताओं के गैस सिलेंडर रिफिल किए जाते हैं। यह व्यवस्था पहले की तरह सुचारू रूप से चल रही है और सभी उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
वाराणसी। गर्मी का असर लगातार बढ़ने के बीच श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। दर्शन के लिए आने वाले …
वाराणसी। गर्मी का असर लगातार बढ़ने के बीच श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को धूप और गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में जर्मन हैंगर की व्यवस्था की गई है।
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मंदिर प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था उन श्रद्धालुओं के लिए की गई है जो कतार में खड़े होकर बाबा के दर्शन का इंतजार करते हैं। जर्मन हैंगर के लगने से अब श्रद्धालुओं को धूप और तेज गर्मी से काफी राहत मिलेगी और वे बिना किसी परेशानी के शांतिपूर्वक भगवान श्री विश्वेश्वर का दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत के साथ ही धाम में श्रद्धालुओं की संख्या और कतार की लंबाई बढ़ने की संभावना रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पहले से ही यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा कतार में खड़े श्रद्धालुओं के साथ आने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी विशेष ध्यान में रखा गया है। जर्मन हैंगर की व्यवस्था से उन्हें भी धूप और गर्मी से बचाव मिलेगा और वे आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित दर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
वाराणसी। बनारस का मौसम इन दिनों पहेली बना हुआ है। एक ही दिन में तीन से चार ऋतुओं जैसा अनुभव काशीवासियों को हो रहा है। सुबह धुंध और कोहरा, दोपहर में चुभने वाली धूप, शाम को उमस भरी गर्मी और रात में हल्की ठंडक का एहसास लोगों को हैरान कर रहा है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने आम लोगों के साथ-साथ मौसम वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च महीने में इस तरह का मौसम दुर्लभ होता है, लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में ऐसा होना असंभव भी नहीं है। इससे पहले वर्ष 2008 में भी ऐसी स्थिति देखी गई थी। वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि कोहरे और धुंध से जुड़ी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
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इस बीच मंगलवार को वाराणसी में रात के तापमान ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 9.3 डिग्री अधिक होकर 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले मार्च महीने में इतनी अधिक रात का तापमान वर्ष 2021 में दर्ज किया गया था।
वहीं, पिछले तीन से चार दिनों में शहर का प्रदूषण स्तर भी बढ़ गया है। वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 44 अंक बढ़कर 104 तक पहुंच गया। शहर में सबसे खराब हवा बीएचयू क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां AQI 143 रहा। इसके अलावा अर्दली बाजार में 124, मलदहिया में 81 और भेलूपुर में 68 AQI दर्ज किया गया।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पछुआ हवा बंद हो गई है और वेंटिलेशन कम हो गया है। इसके कारण दिन में बनी गर्मी रात में बाहर नहीं निकल पा रही है, जिससे रात का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने की वजह से धुंध की स्थिति बन रही है। आने वाले चार से पांच दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क बना रह सकता है। हालांकि 15 मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में इस सीजन की पहली बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट भी आ सकती है।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा …
वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार को यातायात पुलिस लाइन सभागार में ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने की।
बैठक में जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक तथा सह केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा को पूरी शुचिता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए।
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जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी मजिस्ट्रेट परीक्षा के दौरान अपने-अपने केंद्रों पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि परीक्षा से पहले केंद्रों को पूरी तरह से सेनेटाइज कराया जाए और सभी कक्ष निरीक्षकों तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की ब्रीफिंग कर दी जाए। उन्हें परीक्षा के नियमों, प्रक्रिया और अनुशासन से जुड़ी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग सही ढंग से की जाए और डीवीआर के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोकॉपी की दुकानें परीक्षा के समय बंद रहें।
उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग और फ्रिस्किंग की जाए। किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति न दी जाए। अभ्यर्थियों के लिए क्लॉक रूम में मोबाइल फोन रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में भर्ती बोर्ड से आए सदस्यों ने परीक्षा के दौरान अपनाई जाने वाली सभी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने सील बुकलेट खोलने, प्रश्नपत्र वितरण, अनुपस्थित अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड, वेरिफिकेशन शीट भरने और वीडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर एडीएम (सिटी) आलोक कुमार वर्मा सहित परीक्षा से जुड़े सभी सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वाराणसी। शहर में बन रहे देश के पहले शहरी रोपवे प्रोजेक्ट के किराये को लेकर प्रशासन ने नया प्रस्ताव तैयार कर लिया है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक सफर के …
वाराणसी। शहर में बन रहे देश के पहले शहरी रोपवे प्रोजेक्ट के किराये को लेकर प्रशासन ने नया प्रस्ताव तैयार कर लिया है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक सफर के लिए 50 रुपये, कैंट से रथयात्रा तक 40 रुपये और कैंट से काशी विद्यापीठ तक 30 रुपये किराया प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कमिश्नर एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने किराया तय कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
वाराणसी में रोपवे परियोजना को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इसी क्रम में किराये को नए सिरे से तय किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक यात्रा के लिए 50 रुपये, कैंट से रथयात्रा तक 40 रुपये और कैंट से काशी विद्यापीठ तक 30 रुपये किराया रखा गया है।
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दरअसल, कुछ दिन पहले सर्किट हाउस में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रोपवे के किराये को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दरें ऐसी हों जिससे आम लोग भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें। इसके बाद कमिश्नर एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने दूरी और शहर में चल रहे टेम्पो व ऑटो के किराये को आधार बनाकर यह प्रस्ताव तैयार किया। कमेटी की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और 15 मई तक इसका काम पूरा होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद करीब तीन महीने तक इसका ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने के बाद ही इसे आम लोगों के लिए शुरू किया जाएगा।
रोपवे शुरू होने के बाद कैंट से गोदौलिया तक का सफर कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
वहीं, रोपवे स्टेशनों के भीतर बनने वाली दुकानों के किराये और आवंटन को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार रोपवे शुरू होने के बाद स्टेशनों पर आने वाली भीड़ और व्यावसायिक संभावनाओं को देखते हुए दुकानों के किराये तय किए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि पहले चरण के सफल संचालन के बाद ही दूसरे चरण (फेज-2) की योजना पर काम शुरू किया जाएगा। यदि पहला चरण सफल रहता है तो शहर के अन्य हिस्सों में भी रोपवे विस्तार की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।
वाराणसी। धर्म नगरी काशी में कोतवाल माने जाने वाले बाबा काल भैरव के वार्षिक श्रृंगार महोत्सव का आयोजन पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है। सोमवार को इस …
वाराणसी। धर्म नगरी काशी में कोतवाल माने जाने वाले बाबा काल भैरव के वार्षिक श्रृंगार महोत्सव का आयोजन पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है। सोमवार को इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में भंडारे का भी आयोजन किया गया। महोत्सव के दौरान बाबा काल भैरव को दूल्हा स्वरूप में सजाया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
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मंदिर प्रांगण को फूल-मालाओं, कामिनी की पत्तियों और देशी-विदेशी फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया था। सजी हुई झांकी और आकर्षक सजावट को देखकर दर्शन करने आए श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
मंदिर के बाहर लगी लंबी कतार
महोत्सव के अवसर पर बाबा को पंचमेवा से स्नान कराया गया और उन्हें विशेष वस्त्र पहनाकर मनमोहक झांकी सजाई गई। इसके बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। बाबा के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर के बाहर लंबी कतार लग गई। घंटों इंतजार के बाद जब श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए तो उनका मन भक्तिभाव से भर उठा। कपाट खुलते ही भक्तों के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
50 क्विंटल फूलों से सजा दरबार
दोपहर तक बाबा के दर्शन के लिए करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। मंदिर के प्रवेश द्वार पर गुफा के आकार का विशेष सजावटी मार्ग बनाया गया था। मंदिर को करीब 50 क्विंटल फूलों और फलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा था। इस दौरान बाबा को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग भी अर्पित किया गया।
मंदिर प्रशासन के अनुसार दोपहर तक करीब एक लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे। शाम को बाबा काल भैरव की भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। पूरे दिन मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गूंजता रहा।
वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के बाद प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। बिहार के मौलाना …
वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के बाद प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के बयान को लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस मामले में बलरामपुर में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश के करीब 83 थानों में भी शिकायतें दी गई हैं।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बलरामपुर में भाजपा जिलाध्यक्ष की तहरीर पर की गई। वहीं कई हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, भाजपा पदाधिकारियों और छात्रों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी मौलाना की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
जानकारी के अनुसार, मौलाना अब्दुल्ला सलीम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
वायरल वीडियो के बाद कई संगठनों और लोगों ने इसे मुख्यमंत्री की मां का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध जताया और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, लगाए गए पोस्टर
मामला बढ़ने के बाद राजधानी लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शहर के हजरतगंज इलाके में कई स्थानों पर विरोध स्वरूप होर्डिंग लगाए गए, जिनमें “योगी जी की मां का अपमान नहीं सहेगा हिंदू समाज” जैसे संदेश लिखे गए थे।
7 मार्च को अटल चौक पर युवाओं ने एकत्र होकर मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी की गई और उनका पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दर्ज शिकायतों और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में एक युवती ने स्थानीय युवक पर अपनी असली पहचान छिपाकर उससे नजदीकियां बढ़ाने और संबंध बनाने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि जब …
वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में एक युवती ने स्थानीय युवक पर अपनी असली पहचान छिपाकर उससे नजदीकियां बढ़ाने और संबंध बनाने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि जब उसे युवक की वास्तविक पहचान के बारे में जानकारी मिली और उसने उससे दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर वह अपने साथियों के साथ युवती के घर पहुंच गया और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिरयानी की दुकान से शुरू हुई पहचान
पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह कैंट थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहती है और एक ट्रैवेल्स एजेंसी में काम करती है। उसके घर के पास ही एक युवक बिरयानी की दुकान चलाता है, जिसने अपना नाम शान सिंह बताया था। युवती के अनुसार काम के कारण अक्सर देर से घर लौटने पर वह उसी दुकान से बिरयानी मंगवा लिया करती थी या कभी-कभी खुद वहां चली जाती थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। युवती का आरोप है कि इसी दौरान उनके बीच संबंध भी बन गए।
असली पहचान सामने आने पर बढ़ा विवाद
कुछ समय बाद आसपास के लोगों से युवती को जानकारी मिली कि युवक का असली नाम सऊद है और वह अपनी पहचान छिपाकर कई लड़कियों से संपर्क करता है। युवती ने जब खुद इस बारे में जानकारी जुटाई तो उसे सच्चाई का पता चला। इसके बाद उसने तुरंत उससे दूरी बना ली और मिलना-जुलना बंद कर दिया।
बदनाम करने और परेशान करने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि दूरी बनाने के बाद आरोपी ने उसे बदनाम करना शुरू कर दिया और लगातार मानसिक रूप से परेशान करने लगा। युवती ने बताया कि इस स्थिति से परेशान होकर वह अपने एक परिचित के साथ आरोपी की दुकान पर गई और फोन के माध्यम से उसे समझाने की कोशिश की कि वह उसके बारे में गलत बातें फैलाना बंद करे, अन्यथा वह पुलिस में शिकायत करेगी।
साथियों के साथ घर पहुंचकर मारपीट का आरोप
युवती के अनुसार उसी दिन देर रात आरोपी सऊद अपने छह से सात अज्ञात साथियों के साथ उसके घर पहुंच गया। वहां उसने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान मौके पर मौजूद युवती के मित्र कुणाल के साथ भी हाथापाई की गई। शोर सुनकर कॉलोनी का गार्ड मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव किया, जिसके बाद सभी आरोपी वहां से भाग निकले। जाते-जाते आरोपी ने युवती को जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले में कैंट थाने की पुलिस ने युवती की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी। टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के बाद काशी के बुनकरों ने अपनी खुशी खास अंदाज में जाहिर की है। वाराणसी के बुनकरों ने टीम इंडिया के …
वाराणसी। टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के बाद काशी के बुनकरों ने अपनी खुशी खास अंदाज में जाहिर की है। वाराणसी के बुनकरों ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों के लिए विशेष बनारसी साड़ियां तैयार कर उन्हें कूरियर के जरिए भेजा है।
इन साड़ियों को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा। खास बात यह है कि ये साड़ियां पूरी तरह हैंडलूम पर बनाई गई हैं और इनमें चांदी की जरी का काम किया गया है। काशी के बुनकर सर्वेश ने बताया कि इन साड़ियों की लागत उन्होंने खुद वहन की है। एक साड़ी की कीमत करीब 20 हजार रुपये के आसपास है।
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सर्वेश के अनुसार, साड़ियों के डिजाइन में भारत द्वारा अब तक जीते गए सभी वर्ल्ड कप की झलक दिखाई गई है। खास बात यह भी है कि इसमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 को भी दर्शाया गया है, जो भारतीय टीम की जीत की उम्मीद को दिखाता है।
रेशम से बनी इन खास साड़ियों को पैक करके भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को कूरियर किया गया। हर साड़ी के पैकिंग बॉक्स पर संबंधित खिलाड़ी और उनकी पत्नियों की तस्वीर लगाई गई है, जबकि अविवाहित खिलाड़ियों के बॉक्स पर उनकी फोटो लगाई गई है।
बुनकरों का कहना है कि देश के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों के सामने इन पैसों की कोई कीमत नहीं है। भारतीय टीम की जीत से उनकी खुशी और बढ़ गई है और उन्हें गर्व है कि उन्होंने खिलाड़ियों के लिए यह खास तोहफा तैयार किया।