वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी की महिला ई-ऑटो रिक्शा चालक सीता देवी से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योगी सरकार की …
वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी की महिला ई-ऑटो रिक्शा चालक सीता देवी से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योगी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर प्रदेश की महिलाएं अब अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को नजरअंदाज करके कोई भी समाज आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम हरिहरपुर, विकासखंड काशी विद्यापीठ की रहने वाली सीता देवी से बातचीत की। सीता देवी ने बताया कि ई-ऑटो रिक्शा चलाने की शुरुआत उनके लिए आसान नहीं थी। शुरुआत में समाज के लोगों ने उन्हें ताने दिए और कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
सीता देवी ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली। इसके बाद योगी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण मिलने पर उन्होंने ई-ऑटो रिक्शा खरीदा और काम शुरू किया। मेहनत और लगन के दम पर आज उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली है और लोग उन्हें “ऑटो वाली दीदी” के नाम से भी जानते हैं।
सीता देवी ने बताया कि वह न केवल स्वयं ई-ऑटो रिक्शा चलाकर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अब तक 200 से अधिक महिलाओं को ई-ऑटो रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें भी आत्मनिर्भर बनाने का काम कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने सीता देवी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सीता देवी के परिवार और उन्हें प्रशिक्षण देने वाले सभी लोगों को भी बधाई दी।
इस अवसर पर कार्यक्रम में एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, विधायक नील रतन पटेल की प्रतिनिधि अदिति पटेल, वाराणसी मंडल के कमिश्नर एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, उपयुक्त (स्वरोजगार), जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला मिशन प्रबंधक (एनआरएलएम) सहित विभिन्न विभागों के लाभार्थी उपस्थित रहे।
वाराणसी। रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सपा के पूर्व महानगर …
वाराणसी। रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा “विश्वकर्मा” ने लोहटिया स्थित अपने आवास पर गैस सिलेंडर को कबाड़ी के झोले में डालकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
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बताया गया कि जब कबाड़ी लोहा, प्लास्टिक और कागज खरीदने की आवाज लगाते हुए वहां पहुंचा तो विष्णु शर्मा ने रसोई गैस सिलेंडर निकालकर उसके झोले में डाल दिया। इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए उन्होंने बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि पर नाराजगी जाहिर की।
सपा नेता विष्णु शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार “सबका साथ, सबका विकास” का नारा देती है, लेकिन गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये की बढ़ोतरी कर मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों, खासकर गृहणियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस विरोध का उद्देश्य केवल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ आवाज उठाना ही नहीं है, बल्कि यह दिखाना भी है कि बढ़ती महंगाई से आम लोगों की जिंदगी किस तरह प्रभावित हो रही है।
विष्णु शर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हमेशा जनता की समस्याओं के साथ खड़े रहते हैं और जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के रामघाट इलाके में शनिवार को हिस्ट्रीशीटर के घर के बाहर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच युवक घर के …
वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के रामघाट इलाके में शनिवार को हिस्ट्रीशीटर के घर के बाहर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच युवक घर के बाहर कई राउंड गोली चलाकर फरार हो गए और परिवार से ₹5 लाख की रंगदारी भी मांगी। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।
मामले में हिस्ट्रीशीटर गोविंद यादव की मां सुमन यादव ने कोतवाली थाने में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में टीम गठित की गई है।
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फायरिंग का आरोप
पीड़िता सुमन यादव ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके घर के बाहर कुछ लोग इकट्ठा होकर फायरिंग करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों में गोलू यादव, आर्यन पांडे, विशाल साहनी और आंचल यादव समेत अन्य लोग शामिल थे।
₹5 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, नामजद आरोपियों के साथ कुछ अन्य लोग भी थे, जो घर के पास टहलते हुए भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे थे। जब परिवार के सदस्य खिड़की के पास पहुंचे तो आरोपियों ने उनसे ₹5 लाख की रंगदारी मांगी और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर गोविंद यादव को गोली मार देंगे।
सीसीटीवी फुटेज वायरल
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने घर के बाहर कई राउंड फायरिंग की और बाद में खाली खोखे भी अपने साथ लेकर फरार हो गए। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुछ युवक असलहे से फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने गठित की टीम
घटना के संबंध में इंस्पेक्टर कोतवाली दया शंकर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर विवेचना शुरू कर दी गई है और घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
वाराणसी: काशी में गंगा तट पर होने वाली धार्मिक परंपराओं की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण आयोजन जुड़ने जा रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित गंगा आरती का …
वाराणसी: काशी में गंगा तट पर होने वाली धार्मिक परंपराओं की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण आयोजन जुड़ने जा रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित गंगा आरती का शुभारंभ 19 मार्च 2026 से ललिता घाट पर किया जाएगा।
ललिता घाट सीधे तौर पर बाबा विश्वनाथ के मुख्य मंदिर से जुड़ा हुआ है। यहां आरती शुरू होने से उन श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी जो मंदिर में दर्शन के बाद घाट पर मां गंगा की आराधना करना चाहते हैं। न्यास के अनुसार, यह आरती पूर्णतः वैदिक रीति-रिवाजों और शास्त्रोक्त पद्धति से संपन्न की जाएगी।
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ललिता घाट पर आयोजित होने वाली इस गंगा आरती में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, डमरू की गूंज और दीपों की जगमगाहट के बीच मां गंगा की भव्य पूजा-अर्चना की जाएगी। यह आयोजन काशी की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को और अधिक सशक्त करेगा।
गंगा आरती के शुभारंभ को लेकर शिवभक्तों और स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस पहल से काशी आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी एक अलग आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मां गंगा और भगवान शिव की आराधना में सहभागी बनने की अपील की है।
वाराणसी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को काशी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में जिला प्रशासन की ओर से सिगरा स्टेडियम में महिलाओं के …
वाराणसी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को काशी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में जिला प्रशासन की ओर से सिगरा स्टेडियम में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग का वृहद अभियान चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम आईटीबी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि महिला दिवस के उपलक्ष्य में सिगरा स्टेडियम में एक ही स्थान पर 10 हजार से अधिक महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कराने का लक्ष्य रखा गया है। यह जांच एआई सक्षम थर्मल इमेजिंग तकनीक के माध्यम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 14 जनवरी से जिला प्रशासन द्वारा ‘नमो रथ’ अभियान के तहत 20 एंबुलेंस संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से जनपद के अलग-अलग स्थानों पर प्रतिदिन ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग की जा रही है। अब तक इस अभियान के अंतर्गत 36 हजार से अधिक महिलाओं की जांच की जा चुकी है।
सीडीओ ने बताया कि यह तकनीक “नो टच, नो सी” प्रक्रिया पर आधारित है, जिसमें जांच के दौरान किसी प्रकार का शारीरिक संपर्क या व्यक्ति की प्रत्यक्ष उपस्थिति नहीं होती। इससे महिलाओं की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
उन्होंने वाराणसी की सभी महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक संख्या में 8 मार्च को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक सिगरा स्टेडियम पहुंचकर अपनी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग अवश्य कराएं। इससे बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगने पर समय रहते इलाज संभव हो सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी महिला में कैंसर या अन्य समस्या की पुष्टि होती है तो आगे के इलाज के लिए जिला प्रशासन पूरी सहायता प्रदान करेगा। इसके लिए टाटा कैंसर हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पतालों से भी सहयोग लिया जाएगा।
वाराणसी: काशी की पावन धरा पर स्वर्णकार समाज की राष्ट्रीय संस्था स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान, वाराणसी की ओर से रविवार 8 मार्च 2026 को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। …
वाराणसी: काशी की पावन धरा पर स्वर्णकार समाज की राष्ट्रीय संस्था स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान, वाराणसी की ओर से रविवार 8 मार्च 2026 को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम लॉन में संपन्न होगा, जिसमें स्वर्णकार समाज के सात जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज के साथ विवाह कराया जाएगा।
संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि विवाह समारोह से पहले सातों दूल्हों की सामूहिक बारात सुबह 10 बजे उन्नति रेजीडेंसी (मैदागिन पेट्रोल पंप के सामने) से निकलेगी। यह बारात मध्यमेश्वर, दारानगर, डीएवी कॉलेज, आदर्श इंटर कॉलेज और ईश्वरगंगी होते हुए नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम लॉन पहुंचेगी।
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लॉन में पहुंचने के बाद कन्या पक्ष की महिलाओं द्वारा पारंपरिक परछन की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद सुसज्जित मंच पर सभी जोड़ों का जयमाल कार्यक्रम आयोजित होगा। अतिथियों और समाज के वरिष्ठ जनों द्वारा वर-वधू को आशीर्वाद देने के बाद एक ही विवाह मंडप में वैदिक विधि से सभी जोड़ों का परिणय संस्कार संपन्न कराया जाएगा।
संस्थान की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को शुभाशीर्वाद के साथ वैवाहिक जीवन में उपयोगी आवश्यक घरेलू सामान भी प्रदान किया जाएगा।
इस सम्मेलन में कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की सहमति मिली है। इनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी व पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सोनी, राज्यसभा सदस्य डॉ. प्रदीप वर्मा, विधायक मोहन वर्मा, बिहार विधान परिषद सदस्य जीवन लाल, जौनपुर के नन्हे लाल वर्मा और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष वर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि शामिल होंगे।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और हरियाणा सहित कई राज्यों से संस्थान के पदाधिकारी और समाजसेवी भी भाग लेंगे।
पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय संस्थापक इंजीनियर योगेंद्र कुमार, राष्ट्रीय संयोजक एवं सामूहिक विवाह सम्मेलन अध्यक्ष रवि सर्राफ, महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ, जिलाध्यक्ष किशोर सेठ, सम्मेलन संयोजक कमल कुमार सिंह, जिला महासचिव अरुण सोनी, सम्मेलन संरक्षक विष्णु दयाल, दीपक कुमार सेठ, कोषाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह, महिला जिलाध्यक्ष बेबी सेठ, महिला नगर अध्यक्ष सुनिति सिंह और अनिल सेठ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संस्थान के जिलाध्यक्ष किशोर सेठ ने स्वर्णकार समाज के सभी लोगों से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद देने की अपील की है।
वाराणसी: शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने कचरा प्रबंधन को लेकर नई पहल शुरू की है। अब शहर के अलग-अलग इलाकों में चार रंगों के डस्टबिन वितरित किए जाएंगे, जिससे कचरे को घर से ही अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसका सही तरीके से निस्तारण किया जा सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ को बढ़ावा देना और स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम का प्रयास है कि घरों से निकलने वाला कचरा पहले ही गीले, सूखे और अन्य प्रकार के कचरे में अलग कर दिया जाए। इसके लिए निगम की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। घरों के बाहर जागरूकता संबंधी स्टिकर लगाए जा रहे हैं, ताकि नागरिक कचरे के पृथक्करण की अहमियत समझें और इसे नियमित रूप से अपनाएं।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अभियान में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो लोग कूड़े को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर दे रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, वहीं जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें समझाकर जागरूक किया जाए।
इसी कड़ी में अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि हर वार्ड में चार प्रकार के डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएं। अभियान के पहले चरण में प्रत्येक वार्ड से कम से कम 30 ऐसे भवन मालिकों को चिन्हित किया जाएगा जो कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था को अपनाने के लिए तैयार हैं या पहले से इसका पालन कर रहे हैं। इन घरों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए जाएंगे, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर इस व्यवस्था को अपनाएं।
नगर निगम अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि डस्टबिन वितरण और स्टिकर लगाने की पूरी प्रक्रिया की फोटो सहित रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए विशेष व्हाट्सएप समूह और निर्धारित प्रारूप के जरिए निगरानी की जा रही है।
नगर निगम का मानना है कि स्वच्छता अभियान तभी सफल होगा जब इसमें आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी। इसलिए अधिकारियों को वार्ड स्तर पर जाकर लोगों को गीले, सूखे और हानिकारक कचरे को अलग रखने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके।
वाराणसी: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को काशी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति का मार्ग यदि कहीं से …
वाराणसी: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को काशी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति का मार्ग यदि कहीं से निकल सकता है तो वह भारत की सनातन संस्कृति से ही संभव है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, लेकिन भारत में शांति कायम है और इसकी बड़ी वजह भारतीय सेना की रणनीति, नीति और देशवासियों की वैचारिक एकता है।
शास्त्री काशी के अस्सी क्षेत्र स्थित मछली बंदर मठ पहुंचे, जहां उन्होंने मठ के पीठाधीश्वर से आशीर्वाद लिया। उनके आगमन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ परिसर में जुट गए। संत-महंतों और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’, ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ के जयघोष लगाए। बागेश्वर बाबा ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और लोगों से संवाद किया। इस दौरान उनके अनुयायियों ने उनके साथ सेल्फी लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अस्सी घाट पर भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मछली बंदर मठ से निकलने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अस्सी घाट पहुंचे। यहां गंगा तट पर उन्होंने कुछ समय बिताया और अपने अनुयायियों से बातचीत की। घाट पर भी उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और जयकारों के बीच उनका स्वागत किया गया।
इसके बाद वे अपने अनुयायियों के साथ काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। उनके काफिले के गुजरने के दौरान रास्ते भर लोगों ने उनका स्वागत किया और धार्मिक जयघोष से पूरा माहौल गूंज उठा।
विश्व में शांति के लिए भारत की भूमिका जरूरी
इस दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष और अशांति का माहौल है। यदि दुनिया में स्थायी शांति स्थापित करनी है तो भारत और उसकी सनातन संस्कृति ही सही दिशा दिखा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन की विचारधारा में वह शक्ति है जो पूरे विश्व में संतुलन और शांति स्थापित कर सकती है।
साथ ही उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को समर्थन देने की बात भी कही।
मां के साथ किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन
काशी प्रवास के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी मां के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि सनातन की संस्कृति मानवता को जोड़ने वाली संस्कृति है और यही विचारधारा विश्व में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच …
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, भोजूबीर स्थित कैला देवी हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि आदित्य अग्रवाल ने फरीदाबाद की एक कंपनी से सिटी स्कैन मशीन के लिए पाइप खरीदने का सौदा किया था। इस उपकरण की कीमत करीब 47.88 लाख रुपये तय हुई थी। कंपनी की ओर से सामान भेजने से पहले 50 प्रतिशत एडवांस जमा करने की शर्त रखी गई थी।
करैली डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है संस्था
आदित्य अग्रवाल ने बताया कि उनकी संस्था कैला देवी हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड भोजूबीर में करैली डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है। कुछ समय पहले उनके सेंटर में लगी सिटी स्कैन मशीन का पाइप खराब हो गया था। इसे बदलने के लिए उन्होंने कई मेडिकल उपकरण सप्लाई करने वाली कंपनियों से संपर्क किया, लेकिन कहीं बात अंतिम रूप नहीं ले सकी।
फरीदाबाद की कंपनी से हुई डील
इसी दौरान फरीदाबाद की कंपनी माइक्रो वेव टूल्स एंड गोबेस के राकेश शर्मा से उनकी बातचीत हुई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह देश के किसी भी हिस्से में एक दिन के भीतर सामान की सप्लाई कर सकता है। इसके बाद दोनों के बीच करीब 47.88 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और आधा भुगतान अग्रिम मांगा गया।
आरटीजीएस के जरिए भेजे 23.94 लाख रुपये
आदित्य के मुताबिक, 26 फरवरी को उन्होंने अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिए 23.94 लाख रुपये राकेश शर्मा के खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन भुगतान के बाद न तो सामान की डिलीवरी हुई और अब आरोपी का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
खुद को ठगा महसूस करने पर पीड़ित ने शिवपुर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर माइक्रो वेव टूल्स एंड गोबेस के राकेश शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 340(2), 336(3), 338 और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और संबंधित कंपनी से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
वाराणसी: रंगों के पर्व होली के मौके पर इस बार काशी में उत्सव का माहौल खासा देखने को मिला। त्योहार के दौरान जिले में शराब की बिक्री ने नया आंकड़ा छू लिया। आबकारी विभाग के मुताबिक केवल तीन दिनों में करीब 27 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई, जिससे सरकार को अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ।
तीन दिन में हुई भारी बिक्री
आबकारी अधिकारी कमल शुक्ला ने बताया कि 1 मार्च से 3 मार्च के बीच वाराणसी जिले में देसी शराब, विदेशी शराब और बीयर मिलाकर लगभग 27 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। होली के दौरान शहर से लेकर गांव तक शराब की दुकानों पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि होली के समय लोग उत्सव के मूड में रहते हैं और कई लोग शराब के साथ-साथ भांग का भी सेवन करते हैं। यही वजह है कि त्योहार के दौरान बिक्री में तेजी देखी जाती है।
शहर और गांव में पसंद अलग
आबकारी विभाग के अनुसार वाराणसी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शराब की पसंद अलग-अलग है।
शहर के इलाकों में विदेशी (अंग्रेजी) शराब की मांग ज्यादा रहती है और कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत तक रहती है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में देसी शराब की खपत लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।
काशी में भांग की परंपरा भी खास
अधिकारियों के अनुसार काशी में भांग को धार्मिक परंपरा से भी जोड़ा जाता है और कई लोग इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। होली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग भांग का सेवन करते हैं। हालांकि इससे सरकार को शराब के मुकाबले कम राजस्व मिलता है, इसलिए इसके आंकड़े अलग से ज्यादा दर्ज नहीं किए जाते।
प्रशासनिक निगरानी में रही व्यवस्था
आबकारी विभाग के अनुसार वाराणसी जिले को सात सेक्टर और दो सर्किल में बांटा गया है। इनमें पिंडरा और राजा तालाब प्रमुख सर्किल हैं। नगर निगम क्षेत्र में सात आबकारी निरीक्षक तैनात हैं जो पूरे क्षेत्र में बिक्री और व्यवस्था पर नजर रखते हैं।
होली के दौरान प्रशासन की निगरानी में जिले भर में बिक्री की व्यवस्था बनाए रखी गई। विभागीय टीमें लगातार सक्रिय रहीं ताकि कहीं भी अवैध बिक्री या अव्यवस्था की स्थिति न बन सके। रिकॉर्ड बिक्री से विभाग को इस बार अच्छा राजस्व मिला है।