नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह हमेशा जनता के मुद्दों को संसद में उठाते रहे हैं, और इसी कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
राघव चड्ढा ने कहा कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का अवसर मिलता है, वे आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता की समस्याओं को सदन में रखना कोई अपराध है। उनके अनुसार, उन्होंने केवल उन विषयों को उठाया है जो आम नागरिकों से जुड़े हैं, लेकिन इस पर उन्हें रोक का सामना करना पड़ा।
Silenced but not defeated: AAP MP Raghav Chaddha pic.twitter.com/2n7q2b4pYp
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) April 3, 2026
उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को उनके संसद में बोलने पर रोक लगाने के लिए कहा है। राघव चड्ढा का कहना है कि वह हमेशा देश के आम नागरिकों की आवाज बनकर मुद्दे उठाते रहे हैं। उन्होंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने, डिलीवरी राइडर्स की समस्याओं और खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने संसद में उठाया था।
अपने बयान के अंत में राघव चड्ढा ने कहा कि भले ही आज उन्हें खामोश करने की कोशिश की गई हो, लेकिन उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती। उन्होंने कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना,” और यह भी जोड़ा कि वे समय आने पर और मजबूत होकर वापस सामने आएंगे।
