लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस को शुक्रवार को बड़ी सफलता हाथ लगी, जब उसने देश में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के तार पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी, आपत्तिजनक सामान बरामद
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साकिब, विकास, लोकेश और अरबाब के रूप में हुई है। इनके कब्जे से ज्वलनशील पदार्थ, सात मोबाइल फोन, 24 पर्चे और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। एजेंसी फिलहाल इनसे गहन पूछताछ कर रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गैस सिलेंडर और वाहनों में आग लगाकर दहशत फैलाने की योजना बना रहा था। कुछ स्थानों पर छोटी घटनाओं को अंजाम भी दिया गया था, ताकि बड़े हमलों की जमीन तैयार की जा सके।
पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ा नेटवर्क, QR कोड से होती थी फंडिंग
एटीएस के अनुसार, गिरोह का एक मुख्य सदस्य साकिब उर्फ डेविल है, जो सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित संपर्कों से जुड़ा हुआ था। वहीं, साकिब उर्फ फैजल को इस नेटवर्क का सरगना बताया जा रहा है, जो मेरठ का निवासी है और पेशे से नाई है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने 2 अप्रैल 2026 को लखनऊ रेलवे स्टेशन के आसपास रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। सूचना मिलते ही एटीएस ने कार्रवाई करते हुए चारों को दबोच लिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह प्रतिष्ठित संस्थानों के वाहनों और रेलवे सिग्नल सिस्टम को निशाना बनाकर आगजनी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। इनकी गतिविधियां पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़े नंबरों के जरिए संचालित हो रही थीं।
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी आगजनी की घटनाओं के वीडियो बनाकर अपने विदेशी हैंडलर्स को भेजते थे और इसके बदले क्यूआर कोड के जरिए पैसे प्राप्त करते थे।
एटीएस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह का मुख्य मकसद देश में भय का माहौल पैदा करना था। फिलहाल एजेंसी पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
