• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026

वाराणसी: शहर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति इन दिनों सवालों के घेरे में है। अस्पताल की CT स्कैन मशीन पिछले करीब 10 दिनों से खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, मशीन में लगा मुख्य ट्यूब फट गया है, जिसके चलते CT स्कैन सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। रोजाना लगभग 100 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें डॉक्टर CT स्कैन कराने की सलाह देते हैं, लेकिन मशीन बंद होने के कारण उन्हें बिना जांच के लौटना पड़ रहा है या फिर बाहर का रुख करना पड़ रहा है।

कक्ष पर लटका ताला, मरीज लौटने को मजबूर

अस्पताल में CT स्कैन रूम के बाहर ताला लटका हुआ है। दूर-दराज से आने वाले मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें मशीन खराब होने की जानकारी देकर 10-15 दिन बाद आने को कहा जा रहा है।

50 लाख का ट्यूब, विदेश से मंगाना पड़ेगा

अस्पताल के CMS डॉ. आरएस राम के मुताबिक, मशीन का जो ट्यूब खराब हुआ है, उसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये है। यह पार्ट भारत में उपलब्ध नहीं है और इसे बाहर से मंगाना पड़ेगा। संबंधित कंपनी को सूचना दे दी गई है, लेकिन मशीन को ठीक होने में अभी 10 से 15 दिन और लग सकते हैं।

मुफ्त सेवा बंद, निजी अस्पतालों का सहारा

इस अस्पताल में CT स्कैन सेवा पीपीपी मॉडल के तहत एक निजी कंपनी द्वारा संचालित की जाती है और मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां जांच कराने आते थे।

अब मशीन बंद होने से मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में 2 से 4 हजार रुपये खर्च कर CT स्कैन कराना पड़ रहा है। कुछ मरीज कबीर चौरा स्थित सरकारी अस्पताल का रुख कर रहे हैं, जिससे वहां भी दबाव बढ़ गया है।

गंभीर मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत

CT स्कैन यूनिट ट्रॉमा सेंटर के पास स्थित है, जहां सड़क दुर्घटना और गंभीर हालत वाले मरीजों को तुरंत जांच की जरूरत होती है। ऐसे में डॉक्टर पहले ही मरीजों को बाहर से CT स्कैन कराने की सलाह दे रहे हैं, जिससे इलाज में देरी हो रही है。

मशीन बंद, स्टाफ खाली

मशीन बंद होने के बावजूद यहां 8 से 10 कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद हैं। निजी कंपनी के ये कर्मचारी CCTV के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते नजर आते हैं। कुछ कर्मचारी खाली बैठे रहते हैं, तो कुछ गैलरी में घूमते दिखते हैं।

कंपनी के मैनेजर शिवशंकर के अनुसार, मशीन को जल्द ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी को ईमेल भेज दिया गया है और काम तेजी से कराने की कोशिश की जा रही है।

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