सावन में काशीवासियों के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर में बनेगा अलग द्वार, आधार कार्ड से मिलेगी एंट्री; सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने …
- बेवजह सड़कों की खुदाई पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं और आगामी श्रावण मास की कानून व्यवस्था को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला स्थानीय निवासियों के हित में लिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सावन के महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए ‘काशीवासियों’ के लिए एक अलग मार्ग की व्यवस्था की जाए। पूर्व मंत्री व विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशी की इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर में जलजीवन मिशन और अंडरग्राउंड केबलिंग के नाम पर सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों का मरम्मत कार्य (रेस्टोरेशन) साथ-ही-साथ अनिवार्य रूप से कराया जाए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिकायत बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलजीवन मिशन के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही, निर्माणाधीन एकीकृत मंडलीय कार्यालय को 18 महीने में पूरा करने, यूनिटी मॉल के काम में तेजी लाने और बहुप्रतीक्षित वाराणसी रोपवे परियोजना को हर हाल में अगस्त तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया।

सुगम कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा
सावन मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम योगी ने निर्देश दिया कि इस दौरान श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं जैसे—साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, मेडिकल कैंप, आपदा प्रबंधन, खोया-पाया केंद्र और निःशुल्क लॉकर सेवा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने ताकीद की कि मैदागिन से गोदौलिया के बीच लगने वाले बैरिकेड्स इस तरह दुरुस्त हों कि किसी भी श्रद्धालु के पैर में चोट न लगे। साथ ही, जर्जर भवनों के पास बैरिकेडिंग करते समय विशेष सावधानी बरती जाए। होटल, रेस्तरां और बस स्टैंडों पर श्रद्धालुओं से मनमाना किराया या शुल्क न वसूला जाए, इसके लिए प्रशासन को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे-परिवहन में समन्वय और जल पुलिस को हाई अलर्ट
भीड़ नियंत्रण और पुख्ता सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को रेलवे और परिवहन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, लाइफ जैकेट का अनिवार्य प्रयोग सुनिश्चित करने और सीसीटीवी से लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए। मंदिर की व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके ड्यूटी रोस्टर में लगातार बदलाव किया जाए, ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर सीधे-साधे श्रद्धालुओं के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी या चीटिंग की गुंजाइश न रहे।
बॉर्डर पर बढ़ेगी पेट्रोलिंग, वाराणसी में 36 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स पूरे
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस को बॉर्डर एरिया में विशेष सतर्कता बरतने, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने और हर 6 महीने में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलने का निर्देश दिया। आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही गई। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि साल 2014 से अब तक वाराणसी में 36,210 करोड़ रुपये की लागत वाले कुल 536 प्रोजेक्ट्स पूरे किए जा चुके हैं, जबकि वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये के 191 विकास कार्य तेजी से गतिमान हैं। इस बैठक में कई कैबिनेट मंत्रियों, स्थानीय विधायकों और प्रशासनिक व पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारी मौजूद रहे।



