Akshay Tritiya 2026: सोना बनेगा संपत्ति का सितारा, सही मुहूर्त और स्मार्ट निवेश से मिलेगा बड़ा फायदा
नई दिल्ली: अक्षय तृतीया के अवसर पर इस बार सोना खरीदने को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। तिथियों के बदलाव के कारण यह पर्व 19 और 20 अप्रैल, …
नई दिल्ली: अक्षय तृतीया के अवसर पर इस बार सोना खरीदने को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। तिथियों के बदलाव के कारण यह पर्व 19 और 20 अप्रैल, दोनों दिन मनाया जा रहा है। ऐसे में लोग शुभ मुहूर्त, निवेश के तरीके और सोने के भविष्य को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 19 अप्रैल को सुबह लगभग 10:45 बजे से वैशाख शुक्ल तृतीया की शुरुआत होगी, जो 20 अप्रैल सुबह करीब 7:25 बजे तक रहेगी। चूंकि 20 अप्रैल को सूर्योदय तृतीया तिथि में ही होगा, इसलिए इस दिन को अधिक शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना कभी क्षय नहीं होता और जीवन में समृद्धि लाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था, जिन्हें चिरंजीवी कहा जाता है। वहीं देवी लक्ष्मी का संबंध भी सोने से जोड़ा जाता है। पौराणिक कथाओं में उल्लेख मिलता है कि समुद्र मंथन के दौरान लक्ष्मी जी स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित होकर प्रकट हुई थीं। इसी कारण सोने को पवित्र और शुभ धातु माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है। कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार अगले एक साल में सोना करीब 1.70 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि निवेश करते समय संतुलन बनाए रखना जरूरी है और कुल निवेश का लगभग 10-15% ही सोने में लगाना बेहतर माना जाता है।
निवेश के लिहाज से सोने में दो सुरक्षित विकल्प बताए जाते हैं। पहला, फिजिकल गोल्ड यानी सिक्के या ज्वेलरी खरीदना, जबकि दूसरा तरीका गोल्ड ETF के जरिए निवेश करना है। फिजिकल गोल्ड में स्टोरेज और शुद्धता की चिंता रहती है, वहीं ETF में यह परेशानी नहीं होती और निवेश डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है।
अगर पिछले कुछ वर्षों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। वर्ष 2021 में जहां सोना लगभग 48,500 रुपए प्रति 10 ग्राम था, वहीं अब इसकी कीमत करीब 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई है। यानी पिछले पांच वर्षों में सोने ने 200% से अधिक का रिटर्न दिया है।
इस तरह अक्षय तृतीया न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि निवेश के नजरिए से भी इसे शुभ अवसर माना जाता है, जहां सही रणनीति के साथ किया गया निवेश भविष्य में बेहतर लाभ दे सकता है।


