लखनऊ, 24 अप्रैल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज को जातिवाद के आधार पर बांटने वाली ताकतों से सावधान रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की अमर कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज को दिशा देने वाली प्रेरणादायक रचना है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के उद्घाटन समारोह और ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
‘राष्ट्रकवि’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की 52वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 'रश्मिरथी पर्व' के शुभारंभ एवं 'रश्मिरथी से संवाद' स्मारिका के विमोचन हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/I1SSiE5N9J
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 24, 2026
दिनकर की रचनाएं आज भी प्रासंगिक
सीएम योगी ने कहा कि दिनकर जी की लेखनी में अद्भुत शक्ति थी, जो समाज को जागरूक करने और एकजुट करने का कार्य करती रही है। उन्होंने बताया कि ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह आयोजन किया गया है, जो साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि दिनकर जी की रचनाएं केवल साहित्य नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक हैं। उनके शब्दों में वह ताकत है, जो लोगों के भीतर देशभक्ति, त्याग और समर्पण की भावना जागृत करती है।
जातिवाद पर दिनकर की सोच को किया याद
मुख्यमंत्री ने दिनकर की रचनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव के खिलाफ सशक्त आवाज उठाई थी। दिनकर जी ने अपने लेखन के माध्यम से यह संदेश दिया कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्म और गुणों से होती है, न कि जाति से।
उन्होंने कहा कि यदि देश को आगे बढ़ाना है तो समाज में समानता और एकता को बढ़ावा देना होगा।
राष्ट्रहित सर्वोपरि, विभाजनकारी शक्तियों से सावधान रहने की अपील
सीएम योगी ने कहा कि भारत ने इतिहास में कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन आज देश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में कुछ ताकतें जातिवाद के नाम पर समाज को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इन प्रवृत्तियों से दूर रहें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
साहित्य समाज का दर्पण: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज की सच्चाई को दर्शाता है। हम जैसा समाज बनाना चाहते हैं, वैसी ही साहित्यिक कृतियां हमें प्रेरित करती हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे ऐसे आयोजनों में भाग लें और महान साहित्यकारों की रचनाओं को समझें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ रही नई पीढ़ी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में ‘रश्मिरथी’ पर आधारित नाट्य मंचन के अलावा स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान व्यक्तित्वों पर भी विशेष प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्व मंच पर भारत की संस्कृति का गौरव बढ़ाया, वहीं तिलक जी ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। अटल जी ने अपनी कविताओं और विचारों से राष्ट्र भावना को मजबूत किया।
कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘रश्मिरथी’ के मंचन को भी देखा और कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता, खासकर युवाओं को जोड़ा जाए।
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, डॉ. सत्यपाल सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
