वाराणसी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को काशी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में जिला प्रशासन की ओर से सिगरा स्टेडियम में महिलाओं के …
वाराणसी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को काशी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में जिला प्रशासन की ओर से सिगरा स्टेडियम में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग का वृहद अभियान चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम आईटीबी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि महिला दिवस के उपलक्ष्य में सिगरा स्टेडियम में एक ही स्थान पर 10 हजार से अधिक महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कराने का लक्ष्य रखा गया है। यह जांच एआई सक्षम थर्मल इमेजिंग तकनीक के माध्यम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 14 जनवरी से जिला प्रशासन द्वारा ‘नमो रथ’ अभियान के तहत 20 एंबुलेंस संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से जनपद के अलग-अलग स्थानों पर प्रतिदिन ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग की जा रही है। अब तक इस अभियान के अंतर्गत 36 हजार से अधिक महिलाओं की जांच की जा चुकी है।
सीडीओ ने बताया कि यह तकनीक “नो टच, नो सी” प्रक्रिया पर आधारित है, जिसमें जांच के दौरान किसी प्रकार का शारीरिक संपर्क या व्यक्ति की प्रत्यक्ष उपस्थिति नहीं होती। इससे महिलाओं की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
उन्होंने वाराणसी की सभी महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक संख्या में 8 मार्च को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक सिगरा स्टेडियम पहुंचकर अपनी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग अवश्य कराएं। इससे बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगने पर समय रहते इलाज संभव हो सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी महिला में कैंसर या अन्य समस्या की पुष्टि होती है तो आगे के इलाज के लिए जिला प्रशासन पूरी सहायता प्रदान करेगा। इसके लिए टाटा कैंसर हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पतालों से भी सहयोग लिया जाएगा।
दिसंबर 2025 में Motorola Edge 70 को भारतीय बाजार में पेश करने के बाद अब Motorola ने इसी सीरीज का नया स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Fusion लॉन्च कर दिया है। यह …
दिसंबर 2025 में Motorola Edge 70 को भारतीय बाजार में पेश करने के बाद अब Motorola ने इसी सीरीज का नया स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Fusion लॉन्च कर दिया है। यह नया 5G स्मार्टफोन 12GB तक की रैम, Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर और बड़ी 7000mAh बैटरी के साथ आया है। इसकी शुरुआती कीमत 26,999 रुपये रखी गई है। आइए जानते हैं इस फोन की कीमत, फीचर्स और सेल से जुड़ी जानकारी।
Motorola Edge 70 Fusion की कीमत
Motorola Edge 70 Fusion को भारत में तीन स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है।
8GB RAM + 128GB स्टोरेज – 26,999 रुपये
8GB RAM + 256GB स्टोरेज – 29,999 रुपये
12GB RAM + 256GB स्टोरेज – 32,999 रुपये
कंपनी शुरुआती सेल में HDFC और Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड पर 2,000 रुपये का इंस्टेंट डिस्काउंट दे रही है। इस ऑफर के बाद फोन की प्रभावी शुरुआती कीमत 24,999 रुपये हो जाएगी। यह स्मार्टफोन PANTONE Silhouette, Blue Surf और अन्य आकर्षक रंग विकल्पों में उपलब्ध होगा।
Motorola Edge 70 Fusion के स्पेसिफिकेशन्स
इस स्मार्टफोन में Qualcomm का Snapdragon 7s Gen 4 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 4nm तकनीक पर आधारित है और 2.7GHz तक की क्लॉक स्पीड पर काम कर सकता है। बेंचमार्क प्लेटफॉर्म AnTuTu पर इसका स्कोर 11,49,292 तक पहुंच चुका है। भारत में इस चिपसेट के साथ आने वाले फोन में Nothing Phone (4a) और Redmi Note 15 Pro+ पहले से शामिल हैं। यह फोन moto ai 2.0 फीचर को भी सपोर्ट करता है।
फोन में 6.8-इंच की 1.5K रेजोल्यूशन वाली Extreme AMOLED क्वॉड-कर्व्ड डिस्प्ले दी गई है। यह स्क्रीन 144Hz रिफ्रेश रेट, 1500Hz टच सैंपलिंग रेट और 5200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करती है। इसके अलावा इसमें HDR10+ और Smart Water Touch फीचर भी मौजूद हैं। सुरक्षा के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और Corning Gorilla Glass 7i की प्रोटेक्शन दी गई है।
कैमरा फीचर्स
फोटोग्राफी के लिए फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50MP का Sony LYT710 OIS मेन सेंसर, 13MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस (120° FOV) और 3-in-1 लाइट सेंसर शामिल हैं। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा मिलता है।
बैटरी और अन्य फीचर्स
Motorola Edge 70 Fusion में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 68W TurboPower फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। PCMark बैटरी टेस्ट में यह करीब 17 घंटे 34 मिनट का स्कोर हासिल कर चुका है।
यह स्मार्टफोन Android 16 पर चलता है और कंपनी इसमें 3 साल के OS अपडेट और 5 साल के सिक्योरिटी अपडेट देगी। कनेक्टिविटी के लिए इसमें Wi-Fi 6E, Bluetooth 6.0 और NFC सपोर्ट मिलता है। डिवाइस को मजबूती देने के लिए MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड सर्टिफिकेशन और पानी-धूल से सुरक्षा के लिए IP68 और IP69 रेटिंग दी गई है।
अन्य विकल्प
अगर आप इसी बजट में दूसरे विकल्प देखना चाहते हैं, तो स्टाइलिश डिजाइन वाला Tecno Pova Curve 2, बड़ी बैटरी के साथ आने वाला Realme P4 Power और दमदार परफॉर्मेंस वाला OnePlus Nord CE 5 भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
नई दिल्ली: आम जनता पर महंगाई का एक और झटका लगा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। कीमत बढ़ने के बाद राजधानी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है।
इंडियन ऑयल के आंकड़ों के मुताबिक देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं—
दिल्ली: ₹913
मुंबई: ₹912.50
कोलकाता: ₹939
चेन्नई: ₹928.50
पटना: ₹1011
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर गोरखपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 975 रुपये तक पहुंच गई है।
कॉमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा
इस बार 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रमुख शहरों में इसकी नई कीमतें इस प्रकार हैं—
दिल्ली: ₹1883
मुंबई: ₹1835
कोलकाता: ₹1990
चेन्नई: ₹2043.50
सूरत: ₹1846.50
हैदराबाद: ₹2106.50
आम लोगों और कारोबारियों पर असर
कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की लागत बढ़ेगी। इसका असर आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
वहीं घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम घरों के बजट पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है।
बताया जाता है कि एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं, जिसके आधार पर तेल कंपनियां समय-समय पर कीमतों में बदलाव करती हैं।
शामली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में शामली जनपद के कांधला कस्बे की रहने वाली आस्था जैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया …
शामली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में शामली जनपद के कांधला कस्बे की रहने वाली आस्था जैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल की है। आस्था की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
आस्था जैन इससे पहले दो बार यूपीएससी की परीक्षा दे चुकी थीं। पहले प्रयास में उन्होंने 131वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में स्थान प्राप्त किया था और उन्हें राजस्थान कैडर मिला था। दूसरे प्रयास में उनकी रैंक 186 आई, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना था। इसी जुनून के साथ उन्होंने तीसरी बार परीक्षा दी और इस बार टॉप-10 में जगह बनाते हुए ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल कर अपना सपना साकार कर लिया।
फिलहाल आस्था जैन हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग कर रही हैं। उनके चयन की खबर मिलते ही परिवार और क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया। उनके पिता अजय कुमार जैन कांधला कस्बे के मुहल्ला सरावज्ञान में किराना और कंफेक्शनरी की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि आस्था बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रही हैं और उनका लक्ष्य शुरू से ही आईएएस अधिकारी बनने का था।
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आस्था की मां ममता जैन ने बताया कि उनकी बेटी ने प्रारंभिक शिक्षा कांधला से प्राप्त की। इसके बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई शामली के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल से की। वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में उन्होंने 500 में से 496 अंक प्राप्त कर सीबीएसई परिणामों में देशभर में चौथा स्थान हासिल किया था।
इसके बाद आस्था ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई पूरी की और वहीं रहकर कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन माध्यमों से यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने माता-पिता, बहन आंचल, खुशी, भाई सार्थक और अपने गुरुजनों को दिया है।
परिणाम घोषित होने के बाद आस्था के पिता ने बाजार में मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। मोहल्ले के लोग, रिश्तेदार और परिचित लगातार फोन कर उन्हें बधाई दे रहे हैं। स्कूल के निदेशक राजीव गर्ग समेत कई लोगों ने आस्था की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। वहीं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आस्था जैन को बधाई दी है।
वाराणसी: काशी की पावन धरा पर स्वर्णकार समाज की राष्ट्रीय संस्था स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान, वाराणसी की ओर से रविवार 8 मार्च 2026 को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। …
वाराणसी: काशी की पावन धरा पर स्वर्णकार समाज की राष्ट्रीय संस्था स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान, वाराणसी की ओर से रविवार 8 मार्च 2026 को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम लॉन में संपन्न होगा, जिसमें स्वर्णकार समाज के सात जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज के साथ विवाह कराया जाएगा।
संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि विवाह समारोह से पहले सातों दूल्हों की सामूहिक बारात सुबह 10 बजे उन्नति रेजीडेंसी (मैदागिन पेट्रोल पंप के सामने) से निकलेगी। यह बारात मध्यमेश्वर, दारानगर, डीएवी कॉलेज, आदर्श इंटर कॉलेज और ईश्वरगंगी होते हुए नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम लॉन पहुंचेगी।
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लॉन में पहुंचने के बाद कन्या पक्ष की महिलाओं द्वारा पारंपरिक परछन की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद सुसज्जित मंच पर सभी जोड़ों का जयमाल कार्यक्रम आयोजित होगा। अतिथियों और समाज के वरिष्ठ जनों द्वारा वर-वधू को आशीर्वाद देने के बाद एक ही विवाह मंडप में वैदिक विधि से सभी जोड़ों का परिणय संस्कार संपन्न कराया जाएगा।
संस्थान की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को शुभाशीर्वाद के साथ वैवाहिक जीवन में उपयोगी आवश्यक घरेलू सामान भी प्रदान किया जाएगा।
इस सम्मेलन में कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की सहमति मिली है। इनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी व पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सोनी, राज्यसभा सदस्य डॉ. प्रदीप वर्मा, विधायक मोहन वर्मा, बिहार विधान परिषद सदस्य जीवन लाल, जौनपुर के नन्हे लाल वर्मा और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष वर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि शामिल होंगे।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और हरियाणा सहित कई राज्यों से संस्थान के पदाधिकारी और समाजसेवी भी भाग लेंगे।
पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय संस्थापक इंजीनियर योगेंद्र कुमार, राष्ट्रीय संयोजक एवं सामूहिक विवाह सम्मेलन अध्यक्ष रवि सर्राफ, महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ, जिलाध्यक्ष किशोर सेठ, सम्मेलन संयोजक कमल कुमार सिंह, जिला महासचिव अरुण सोनी, सम्मेलन संरक्षक विष्णु दयाल, दीपक कुमार सेठ, कोषाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह, महिला जिलाध्यक्ष बेबी सेठ, महिला नगर अध्यक्ष सुनिति सिंह और अनिल सेठ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संस्थान के जिलाध्यक्ष किशोर सेठ ने स्वर्णकार समाज के सभी लोगों से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद देने की अपील की है।
वाराणसी: शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने कचरा प्रबंधन को लेकर नई पहल शुरू की है। अब शहर के अलग-अलग इलाकों में चार रंगों के डस्टबिन वितरित किए जाएंगे, जिससे कचरे को घर से ही अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसका सही तरीके से निस्तारण किया जा सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ को बढ़ावा देना और स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम का प्रयास है कि घरों से निकलने वाला कचरा पहले ही गीले, सूखे और अन्य प्रकार के कचरे में अलग कर दिया जाए। इसके लिए निगम की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। घरों के बाहर जागरूकता संबंधी स्टिकर लगाए जा रहे हैं, ताकि नागरिक कचरे के पृथक्करण की अहमियत समझें और इसे नियमित रूप से अपनाएं।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अभियान में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो लोग कूड़े को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर दे रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, वहीं जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें समझाकर जागरूक किया जाए।
इसी कड़ी में अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि हर वार्ड में चार प्रकार के डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएं। अभियान के पहले चरण में प्रत्येक वार्ड से कम से कम 30 ऐसे भवन मालिकों को चिन्हित किया जाएगा जो कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था को अपनाने के लिए तैयार हैं या पहले से इसका पालन कर रहे हैं। इन घरों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए जाएंगे, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर इस व्यवस्था को अपनाएं।
नगर निगम अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि डस्टबिन वितरण और स्टिकर लगाने की पूरी प्रक्रिया की फोटो सहित रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए विशेष व्हाट्सएप समूह और निर्धारित प्रारूप के जरिए निगरानी की जा रही है।
नगर निगम का मानना है कि स्वच्छता अभियान तभी सफल होगा जब इसमें आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी। इसलिए अधिकारियों को वार्ड स्तर पर जाकर लोगों को गीले, सूखे और हानिकारक कचरे को अलग रखने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके।
वाराणसी: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को काशी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति का मार्ग यदि कहीं से …
वाराणसी: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को काशी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति का मार्ग यदि कहीं से निकल सकता है तो वह भारत की सनातन संस्कृति से ही संभव है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, लेकिन भारत में शांति कायम है और इसकी बड़ी वजह भारतीय सेना की रणनीति, नीति और देशवासियों की वैचारिक एकता है।
शास्त्री काशी के अस्सी क्षेत्र स्थित मछली बंदर मठ पहुंचे, जहां उन्होंने मठ के पीठाधीश्वर से आशीर्वाद लिया। उनके आगमन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ परिसर में जुट गए। संत-महंतों और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’, ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ के जयघोष लगाए। बागेश्वर बाबा ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और लोगों से संवाद किया। इस दौरान उनके अनुयायियों ने उनके साथ सेल्फी लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अस्सी घाट पर भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मछली बंदर मठ से निकलने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अस्सी घाट पहुंचे। यहां गंगा तट पर उन्होंने कुछ समय बिताया और अपने अनुयायियों से बातचीत की। घाट पर भी उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और जयकारों के बीच उनका स्वागत किया गया।
इसके बाद वे अपने अनुयायियों के साथ काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। उनके काफिले के गुजरने के दौरान रास्ते भर लोगों ने उनका स्वागत किया और धार्मिक जयघोष से पूरा माहौल गूंज उठा।
विश्व में शांति के लिए भारत की भूमिका जरूरी
इस दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष और अशांति का माहौल है। यदि दुनिया में स्थायी शांति स्थापित करनी है तो भारत और उसकी सनातन संस्कृति ही सही दिशा दिखा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन की विचारधारा में वह शक्ति है जो पूरे विश्व में संतुलन और शांति स्थापित कर सकती है।
साथ ही उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को समर्थन देने की बात भी कही।
मां के साथ किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन
काशी प्रवास के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी मां के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि सनातन की संस्कृति मानवता को जोड़ने वाली संस्कृति है और यही विचारधारा विश्व में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच …
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, भोजूबीर स्थित कैला देवी हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि आदित्य अग्रवाल ने फरीदाबाद की एक कंपनी से सिटी स्कैन मशीन के लिए पाइप खरीदने का सौदा किया था। इस उपकरण की कीमत करीब 47.88 लाख रुपये तय हुई थी। कंपनी की ओर से सामान भेजने से पहले 50 प्रतिशत एडवांस जमा करने की शर्त रखी गई थी।
करैली डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है संस्था
आदित्य अग्रवाल ने बताया कि उनकी संस्था कैला देवी हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड भोजूबीर में करैली डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है। कुछ समय पहले उनके सेंटर में लगी सिटी स्कैन मशीन का पाइप खराब हो गया था। इसे बदलने के लिए उन्होंने कई मेडिकल उपकरण सप्लाई करने वाली कंपनियों से संपर्क किया, लेकिन कहीं बात अंतिम रूप नहीं ले सकी।
फरीदाबाद की कंपनी से हुई डील
इसी दौरान फरीदाबाद की कंपनी माइक्रो वेव टूल्स एंड गोबेस के राकेश शर्मा से उनकी बातचीत हुई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह देश के किसी भी हिस्से में एक दिन के भीतर सामान की सप्लाई कर सकता है। इसके बाद दोनों के बीच करीब 47.88 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और आधा भुगतान अग्रिम मांगा गया।
आरटीजीएस के जरिए भेजे 23.94 लाख रुपये
आदित्य के मुताबिक, 26 फरवरी को उन्होंने अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिए 23.94 लाख रुपये राकेश शर्मा के खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन भुगतान के बाद न तो सामान की डिलीवरी हुई और अब आरोपी का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
खुद को ठगा महसूस करने पर पीड़ित ने शिवपुर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर माइक्रो वेव टूल्स एंड गोबेस के राकेश शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 340(2), 336(3), 338 और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और संबंधित कंपनी से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
वाराणसी: रंगों के पर्व होली के मौके पर इस बार काशी में उत्सव का माहौल खासा देखने को मिला। त्योहार के दौरान जिले में शराब की बिक्री ने नया आंकड़ा छू लिया। आबकारी विभाग के मुताबिक केवल तीन दिनों में करीब 27 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई, जिससे सरकार को अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ।
तीन दिन में हुई भारी बिक्री
आबकारी अधिकारी कमल शुक्ला ने बताया कि 1 मार्च से 3 मार्च के बीच वाराणसी जिले में देसी शराब, विदेशी शराब और बीयर मिलाकर लगभग 27 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। होली के दौरान शहर से लेकर गांव तक शराब की दुकानों पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि होली के समय लोग उत्सव के मूड में रहते हैं और कई लोग शराब के साथ-साथ भांग का भी सेवन करते हैं। यही वजह है कि त्योहार के दौरान बिक्री में तेजी देखी जाती है।
शहर और गांव में पसंद अलग
आबकारी विभाग के अनुसार वाराणसी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शराब की पसंद अलग-अलग है।
शहर के इलाकों में विदेशी (अंग्रेजी) शराब की मांग ज्यादा रहती है और कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत तक रहती है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में देसी शराब की खपत लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।
काशी में भांग की परंपरा भी खास
अधिकारियों के अनुसार काशी में भांग को धार्मिक परंपरा से भी जोड़ा जाता है और कई लोग इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। होली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग भांग का सेवन करते हैं। हालांकि इससे सरकार को शराब के मुकाबले कम राजस्व मिलता है, इसलिए इसके आंकड़े अलग से ज्यादा दर्ज नहीं किए जाते।
प्रशासनिक निगरानी में रही व्यवस्था
आबकारी विभाग के अनुसार वाराणसी जिले को सात सेक्टर और दो सर्किल में बांटा गया है। इनमें पिंडरा और राजा तालाब प्रमुख सर्किल हैं। नगर निगम क्षेत्र में सात आबकारी निरीक्षक तैनात हैं जो पूरे क्षेत्र में बिक्री और व्यवस्था पर नजर रखते हैं।
होली के दौरान प्रशासन की निगरानी में जिले भर में बिक्री की व्यवस्था बनाए रखी गई। विभागीय टीमें लगातार सक्रिय रहीं ताकि कहीं भी अवैध बिक्री या अव्यवस्था की स्थिति न बन सके। रिकॉर्ड बिक्री से विभाग को इस बार अच्छा राजस्व मिला है।
वाराणसी। वरुणा पार क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से उठ रही मांग को देखते हुए वाराणसी-लखनऊ वरुणा एक्सप्रेस का ठहराव अब शिवपुर रेलवे स्टेशन …
वाराणसी। वरुणा पार क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से उठ रही मांग को देखते हुए वाराणसी-लखनऊ वरुणा एक्सप्रेस का ठहराव अब शिवपुर रेलवे स्टेशन पर भी किया जाएगा।
प्रदेश सरकार के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल के प्रयासों से यह सुविधा शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देश और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की सहमति के बाद ट्रेन संख्या 20401 वाराणसी-लखनऊ वरुणा एक्सप्रेस का ठहराव 6 मार्च, शुक्रवार से शिवपुर रेलवे स्टेशन पर होगा।
इस अवसर पर 6 मार्च को सुबह 5:45 बजे शिवपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री रविन्द्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे और ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर उसके गंतव्य के लिए रवाना करेंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन संख्या 20402 लखनऊ-वाराणसी वरुणा एक्सप्रेस भी वाराणसी आते समय शिवपुर रेलवे स्टेशन पर रुकेगी। इससे वरुणा पार क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधे ट्रेन सुविधा का लाभ मिलेगा और उन्हें शहर के अन्य स्टेशनों तक जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवपुर स्टेशन पर वरुणा एक्सप्रेस का ठहराव शुरू होने से क्षेत्र के यात्रियों को लखनऊ और आसपास के शहरों तक यात्रा करने में काफी सुविधा होगी।