वाराणसी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मुंबई की रहने वाली एक युवती पिछले चार दिनों से कैंट रेलवे स्टेशन पर रहने को मजबूर है। युवती ने वाराणसी …
वाराणसी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मुंबई की रहने वाली एक युवती पिछले चार दिनों से कैंट रेलवे स्टेशन पर रहने को मजबूर है। युवती ने वाराणसी के एक युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में छोड़ देने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने चोलापुर थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी मुलाकात फेसबुक के जरिए वाराणसी निवासी कमलेश पटेल से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और युवक ने शादी का वादा किया। इसके बाद युवती उसके साथ मुंबई में रहने लगी।
दो साल तक साथ रहने का आरोप
युवती का कहना है कि वह करीब दो साल तक आरोपी के साथ मुंबई में रही और इस दौरान उनके बीच पति-पत्नी जैसे संबंध थे। आरोप है कि इस दौरान युवक ने उसे तीन बार गर्भपात के लिए मजबूर किया।
वाराणसी आने के बाद बदला व्यवहार
पीड़िता के मुताबिक, कुछ समय पहले युवक वाराणसी लौट आया और उससे संपर्क तोड़ लिया। इसके बाद वह उसे ढूंढते हुए वाराणसी पहुंची और चोलापुर थाना क्षेत्र के भुसौला गांव में उसके घर गई।
युवती का आरोप है कि पहले तो युवक के परिजनों ने उसे अपनाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में उसे धमकाया गया और घर से भगा दिया गया।
चार दिन से स्टेशन पर रह रही पीड़िता
पीड़िता ने बताया कि वह चार दिन पहले फिर से वाराणसी आई, लेकिन युवक के परिजनों ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद से वह कैंट रेलवे स्टेशन पर ही रह रही है।
सोशल एक्टिविस्ट के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आई पुलिस
मामला तब सामने आया जब सामाजिक कार्यकर्ता सीमा चौधरी को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने स्टेशन पहुंचकर युवती से मुलाकात की और अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
हालांकि, पुलिस ने घटना का स्थान मुंबई बताते हुए युवती को वहीं जाकर FIR दर्ज कराने की सलाह दी है। फिलहाल युवती मुंबई लौटने की तैयारी में है।
यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और ऑनलाइन संबंधों में सावधानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में एक युवती ने स्थानीय युवक पर अपनी असली पहचान छिपाकर उससे नजदीकियां बढ़ाने और संबंध बनाने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि जब …
वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में एक युवती ने स्थानीय युवक पर अपनी असली पहचान छिपाकर उससे नजदीकियां बढ़ाने और संबंध बनाने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि जब उसे युवक की वास्तविक पहचान के बारे में जानकारी मिली और उसने उससे दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर वह अपने साथियों के साथ युवती के घर पहुंच गया और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिरयानी की दुकान से शुरू हुई पहचान
पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह कैंट थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहती है और एक ट्रैवेल्स एजेंसी में काम करती है। उसके घर के पास ही एक युवक बिरयानी की दुकान चलाता है, जिसने अपना नाम शान सिंह बताया था। युवती के अनुसार काम के कारण अक्सर देर से घर लौटने पर वह उसी दुकान से बिरयानी मंगवा लिया करती थी या कभी-कभी खुद वहां चली जाती थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। युवती का आरोप है कि इसी दौरान उनके बीच संबंध भी बन गए।
असली पहचान सामने आने पर बढ़ा विवाद
कुछ समय बाद आसपास के लोगों से युवती को जानकारी मिली कि युवक का असली नाम सऊद है और वह अपनी पहचान छिपाकर कई लड़कियों से संपर्क करता है। युवती ने जब खुद इस बारे में जानकारी जुटाई तो उसे सच्चाई का पता चला। इसके बाद उसने तुरंत उससे दूरी बना ली और मिलना-जुलना बंद कर दिया।
बदनाम करने और परेशान करने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि दूरी बनाने के बाद आरोपी ने उसे बदनाम करना शुरू कर दिया और लगातार मानसिक रूप से परेशान करने लगा। युवती ने बताया कि इस स्थिति से परेशान होकर वह अपने एक परिचित के साथ आरोपी की दुकान पर गई और फोन के माध्यम से उसे समझाने की कोशिश की कि वह उसके बारे में गलत बातें फैलाना बंद करे, अन्यथा वह पुलिस में शिकायत करेगी।
साथियों के साथ घर पहुंचकर मारपीट का आरोप
युवती के अनुसार उसी दिन देर रात आरोपी सऊद अपने छह से सात अज्ञात साथियों के साथ उसके घर पहुंच गया। वहां उसने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान मौके पर मौजूद युवती के मित्र कुणाल के साथ भी हाथापाई की गई। शोर सुनकर कॉलोनी का गार्ड मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव किया, जिसके बाद सभी आरोपी वहां से भाग निकले। जाते-जाते आरोपी ने युवती को जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले में कैंट थाने की पुलिस ने युवती की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के रामघाट इलाके में शनिवार को हिस्ट्रीशीटर के घर के बाहर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच युवक घर के …
वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के रामघाट इलाके में शनिवार को हिस्ट्रीशीटर के घर के बाहर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच युवक घर के बाहर कई राउंड गोली चलाकर फरार हो गए और परिवार से ₹5 लाख की रंगदारी भी मांगी। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।
मामले में हिस्ट्रीशीटर गोविंद यादव की मां सुमन यादव ने कोतवाली थाने में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में टीम गठित की गई है।
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फायरिंग का आरोप
पीड़िता सुमन यादव ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके घर के बाहर कुछ लोग इकट्ठा होकर फायरिंग करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों में गोलू यादव, आर्यन पांडे, विशाल साहनी और आंचल यादव समेत अन्य लोग शामिल थे।
₹5 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, नामजद आरोपियों के साथ कुछ अन्य लोग भी थे, जो घर के पास टहलते हुए भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे थे। जब परिवार के सदस्य खिड़की के पास पहुंचे तो आरोपियों ने उनसे ₹5 लाख की रंगदारी मांगी और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर गोविंद यादव को गोली मार देंगे।
सीसीटीवी फुटेज वायरल
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने घर के बाहर कई राउंड फायरिंग की और बाद में खाली खोखे भी अपने साथ लेकर फरार हो गए। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुछ युवक असलहे से फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने गठित की टीम
घटना के संबंध में इंस्पेक्टर कोतवाली दया शंकर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर विवेचना शुरू कर दी गई है और घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच …
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, भोजूबीर स्थित कैला देवी हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि आदित्य अग्रवाल ने फरीदाबाद की एक कंपनी से सिटी स्कैन मशीन के लिए पाइप खरीदने का सौदा किया था। इस उपकरण की कीमत करीब 47.88 लाख रुपये तय हुई थी। कंपनी की ओर से सामान भेजने से पहले 50 प्रतिशत एडवांस जमा करने की शर्त रखी गई थी।
करैली डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है संस्था
आदित्य अग्रवाल ने बताया कि उनकी संस्था कैला देवी हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड भोजूबीर में करैली डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है। कुछ समय पहले उनके सेंटर में लगी सिटी स्कैन मशीन का पाइप खराब हो गया था। इसे बदलने के लिए उन्होंने कई मेडिकल उपकरण सप्लाई करने वाली कंपनियों से संपर्क किया, लेकिन कहीं बात अंतिम रूप नहीं ले सकी।
फरीदाबाद की कंपनी से हुई डील
इसी दौरान फरीदाबाद की कंपनी माइक्रो वेव टूल्स एंड गोबेस के राकेश शर्मा से उनकी बातचीत हुई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह देश के किसी भी हिस्से में एक दिन के भीतर सामान की सप्लाई कर सकता है। इसके बाद दोनों के बीच करीब 47.88 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और आधा भुगतान अग्रिम मांगा गया।
आरटीजीएस के जरिए भेजे 23.94 लाख रुपये
आदित्य के मुताबिक, 26 फरवरी को उन्होंने अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिए 23.94 लाख रुपये राकेश शर्मा के खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन भुगतान के बाद न तो सामान की डिलीवरी हुई और अब आरोपी का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
खुद को ठगा महसूस करने पर पीड़ित ने शिवपुर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर माइक्रो वेव टूल्स एंड गोबेस के राकेश शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 340(2), 336(3), 338 और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और संबंधित कंपनी से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
होली पर साइबर अलर्ट: शुभकामना लिंक से हो सकती है ठगी वाराणसी। रंगों के पर्व होली के करीब आते ही शहर में साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। व्हाट्सऐप, एसएमएस और …
होली पर साइबर अलर्ट: शुभकामना लिंक से हो सकती है ठगी
वाराणसी। रंगों के पर्व होली के करीब आते ही शहर में साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। व्हाट्सऐप, एसएमएस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी होली ग्रीटिंग कार्ड, गिफ्ट कूपन और इनाम के नाम पर लिंक भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। वाराणसी में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां अनजाने में लिंक पर क्लिक करते ही कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से हजारों रुपये गायब हो गए।
असली जैसी दिखती हैं फर्जी वेबसाइटें
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, ठगी के लिए भेजे गए लिंक देखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसे लगते हैं। इनका मकसद लोगों की बैंकिंग डिटेल, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल करना होता है। कई मामलों में लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का रिमोट एक्सेस ठगों के हाथ में चला जाता है, जिससे वे खाते से रकम ट्रांसफर कर लेते हैं।
ऐसे रखें खुद को सुरक्षित – ध्यान रखें ये 5 बातें
अनजान नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
गिफ्ट, कूपन या इनाम के लालच वाले संदेशों से सावधान रहें।
लिंक खोलने से पहले भेजने वाले नंबर और यूआरएल की जांच करें।
किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा न करें।
मोबाइल में एंटी-वायरस और सिक्योरिटी अपडेट जरूर रखें।
ठगी होने पर क्या करें?
यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना देने से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
होली के उत्सव में सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। सतर्क रहें और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं।
Kanpur: सेन पश्चिमपारा थाना क्षेत्र के बिंगावां इलाके में 22 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका से फोन पर हुए विवाद के बाद शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर …
Kanpur: सेन पश्चिमपारा थाना क्षेत्र के बिंगावां इलाके में 22 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका से फोन पर हुए विवाद के बाद शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान विशाल वर्मा के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि आत्महत्या से पहले उसने अपनी प्रेमिका का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि विशाल ने गुस्से में अपना मोबाइल फोन तोड़ दिया था।
विशाल के पिता राजू पासवान, जो पेशे से किसान हैं, ने पुलिस को बताया कि शनिवार को वह अपनी पत्नी रूपरानी के लिए दवा लेने गए थे। उनका छोटा बेटा गोपी काम पर गया था, जबकि बेटियां रोशनी, पूजा और आरुषि खेतों में गई थीं। उस समय विशाल घर पर अकेला था।
शाम को जब आरुषि घर लौटी तो उसने विशाल का शव घर की ‘धन्नी’ (छत की बल्ली) से लटका हुआ पाया। जमीन पर उसका टूटा हुआ मोबाइल फोन पड़ा था।
परिजनों के मुताबिक विशाल का पड़ोसी गांव की एक युवती से प्रेम संबंध था। जब परिवार ने युवती के घर विवाह प्रस्ताव लेकर संपर्क किया तो वहां से इनकार कर दिया गया। पिता के अनुसार शनिवार को विशाल और युवती के बीच फोन पर तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद उसने गुस्से में मोबाइल तोड़ दिया और फांसी लगा ली।
सेन पश्चिमपारा थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रेमिका से विवाद के बाद आत्महत्या की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर आगे जांच और कार्रवाई की जाएगी।
चंदौली जिले में शनिवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सहजौर गांव के समीप हाईवे किनारे बदमाशों ने चार लोगों …
चंदौली जिले में शनिवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सहजौर गांव के समीप हाईवे किनारे बदमाशों ने चार लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरवा गांव निवासी 26 वर्षीय गोलू यादव इन दिनों सहजौर गांव में अपने मामा जयप्रकाश यादव के यहां रह रहा था। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह गांव के कुछ लोगों से उसका विवाद हुआ था। इसी विवाद ने देर रात हिंसक रूप ले लिया और एक युवक ने गोलू यादव पर फायरिंग कर दी।
गोली चलने की आवाज सुनकर बीच-बचाव के लिए पहुंचे सोनू यादव, कृष्णा यादव और अक्षय यादव भी हमले की चपेट में आ गए। चारों को गोली लगने से गंभीर चोटें आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को निजी वाहनों से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार गोलू यादव की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि अन्य तीन घायलों का उपचार जारी है।
सूचना मिलते ही मुगलसराय कोतवाली सहित आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां विश्वासघात और दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। एक 19 वर्षीय युवती को उसकी …
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां विश्वासघात और दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। एक 19 वर्षीय युवती को उसकी अपनी सहेली ने धोखे के जाल में फंसाया, जिसके बाद पांच युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना की शुरुआत बुधवार शाम करीब 5 बजे हुई। पीड़िता का मोबाइल फोन खराब था, जिसे ठीक कराने के बहाने पड़ोस में रहने वाली एक युवती (सहेली) उसे अपने साथ कैथी बाजार ले जाने की बात कहकर घर से निकली। लेकिन बाजार ले जाने के बजाय, वह पीड़िता को गंगा किनारे एक सुनसान जगह पर ले गई। वहां पहले से ही पांच युवक मौजूद थे।
सहेली ने वहां युवती को नशीली चाय पिलाई, जिसे पीने के बाद वह अर्धविक्षिप्त अवस्था में आ गई। मौका पाकर सहेली वहां से हट गई और उन पांचों दरिंदों ने युवती को झाड़ियों में खींच लिया। नशे की हालत में बेबस युवती के साथ पांचों ने बारी-बारी से गैंगरेप किया और उसे लहूलुहान हालत में मरणासन्न छोड़कर फरार हो गए।
घर आने पर युवती ने सुनाई आपबीती
देर रात तक जब युवती घर नहीं लौटी, तो चिंतित परिजनों ने उसकी सहेली से पूछताछ की। सहेली ने अनजान बनते हुए कोई ठोस जानकारी नहीं दी और बहाने बनाकर टालती रही। अनहोनी की आशंका में परिजनों ने गंगा किनारे खोजबीन शुरू की, जहां युवती बदहवास और निर्वस्त्र हालत में मिली। उसके निजी अंगों से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। घर लाकर होश में आने पर पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
अगले दिन जब पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर कैथी थाने पहुंचा, तो पुलिस का रवैया संवेदनहीन रहा। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने केस दर्ज करने के बजाय उन पर समझौता करने का दबाव बनाया। यहां तक कि एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर यह भी कहा, “किसी को मत बताना, मैं तुम्हारी शादी करवा दूंगा।” हालांकि, जब मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तूल पकड़ने लगा, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।
क्या बोले अधिकारी
पुलिस ने पीड़िता को कड़ी सुरक्षा के बीच कबीरचौरा अस्पताल भेजा, जहां उसका मेडिकल कराया गया। चौबेपुर थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार के अनुसार, मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य फरार चार आरोपियों और साजिशकर्ता सहेली की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
वाराणसी: वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। वाराणसी पुलिस की सर्विलांस सेल ने …
वाराणसी: वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। वाराणसी पुलिस की सर्विलांस सेल ने मोबाइल नंबर ट्रैक कर महज 20 घंटे के भीतर जंसा थाना क्षेत्र के रेसीपुर गांव से आरोपी को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार युवक की पहचान अजीत कुमार सरोज, निवासी रेसीपुर, सत्तानपुर (थाना जंसा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह विधि (लॉ) का छात्र है और शहर में एक अधिवक्ता के साथ कार्य करता है।
देर रात आया था धमकी भरा संदेश
अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी के मोबाइल पर गुरुवार रात 2:23 बजे एक अज्ञात नंबर से संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में लिखा था कि “बनारस कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी नहीं छोड़ेंगे।”
त्रिपाठी ने बताया कि सुबह मोबाइल देखने पर उन्हें यह संदेश मिला, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और कचहरी पहुंचे। सुबह लगभग 11 बजे पुलिस अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सर्विलांस से पकड़ा गया आरोपी
भेलूपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस टीम की मदद ली गई। जांच में मोबाइल नंबर जंसा क्षेत्र का निकला। इसके बाद एसओजी और स्थानीय पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने पड़ोसी को फंसाने की नीयत से यह धमकी भरा मैसेज भेजा था। जांच में यह भी सामने आया कि उसका एक युवती से संबंध था। परिवार के विरोध और विवाद के बाद उसने युवती के मोबाइल सिम का उपयोग कर यह संदेश भेजा, ताकि उसके परिजनों को कानूनी झंझट में डाला जा सके।
जिला जज को दी गई सूचना
घटना के बाद श्रीनाथ त्रिपाठी ने जिला जज को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया। एसीपी और कैंट थाना प्रभारी ने भी मामले की जानकारी ली। एसीपी भेलूपुर ने बताया कि आरोपी से विस्तृत पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
गौरतलब है कि फरवरी महीने में कचहरी को उड़ाने की धमकियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। पिछले दो हफ्तों में चार बार धमकी दी जा चुकी है, जिनमें से तीन बार जिला जज के ईमेल पर संदेश भेजे गए थे। आईटी सेल संबंधित ईमेल आईडी की जांच में जुटी है।
पुलिस ने कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कोडीन मिश्रित कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार के मामले में एसटीएफ ने वाराणसी से अमित यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह शुभम जायसवाल …
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कोडीन मिश्रित कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार के मामले में एसटीएफ ने वाराणसी से अमित यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह शुभम जायसवाल से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है।
आरोपी अमित यादव
एसटीएफ टीम ने उसे हिरासत में लेकर वाहन से पुलिस लाइन पहुंचाया, जहां प्रारंभिक पूछताछ की गई। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच स्कॉर्पियो वाहनों के काफिले से उसे लखनऊ रवाना किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अमित यादव के खिलाफ वाराणसी में तीन और लखनऊ में एक मुकदमा दर्ज है।
इस प्रकरण का उल्लेख मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2025 में विधानसभा में किया था। उस दौरान एक तस्वीर भी प्रदर्शित की गई थी, जिसमें अमित यादव सपा प्रमुख के साथ दिखाई दे रहा था। इसके बाद से वह फरार बताया जा रहा था और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी।
कैसे हुआ खुलासा
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कोडीन युक्त फेंसिडिल कफ सिरप समेत अन्य दवाओं का अवैध भंडारण और सप्लाई की जा रही है। इन दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक भेजे जाने की बात सामने आई थी।
शासन के निर्देश पर एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप बरामद किया गया। इस संबंध में थाना सुशांत गोल्फ सिटी, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा संख्या 182/2024 के तहत विभिन्न धाराओं और एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज है।
पहले भी हुईं गिरफ्तारियां
इस मामले में एसटीएफ पहले ही विभोर राणा, विशाल सिंह, अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा और आलोक कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। आगे की जांच के आधार पर काशीधाम के पास रिंग रोड क्षेत्र से अमित कुमार यादव को पकड़ा गया।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर कॉलेज, वाराणसी में छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका है और समाजवादी पार्टी की युवा सभा में प्रदेश स्तर पर पद संभाल चुका है। कॉलेज चुनाव के दौरान उसकी पहचान शुभम जायसवाल से हुई थी।
बताया गया कि शुभम के पिता की ‘शैली ट्रेडर्स’ नामक फर्म रांची (झारखंड) से फेंसिडिल कफ सिरप का कारोबार संचालित करती थी, जिसका नेटवर्क वाराणसी तक फैला था।
आरोपी के अनुसार, उसने अपनी फर्म ‘जीएल सर्जिकल्स’ (सप्तसागर दवा मंडी, कोतवाली, वाराणसी) के माध्यम से करीब एक लाख बोतलें खरीदीं। बाद में कागजों में अन्य फर्मों को बिक्री दर्शाकर इन्हें ऊंचे दामों पर आगे सप्लाई किया जाता था।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल एसटीएफ आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला पहले से दर्ज मुकदमा संख्या 182/2024 से संबंधित है।
आपराधिक पृष्ठभूमि
अमित यादव के खिलाफ वाराणसी के विभिन्न थानों में मारपीट, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।