वाराणसी। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले काशी का हृदय स्थल काशी विश्वनाथ धाम दुल्हन की तरह सज उठा। पूरे परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की झालरों और आकर्षक विद्युत सज्जा से …
वाराणसी। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले काशी का हृदय स्थल काशी विश्वनाथ धाम दुल्हन की तरह सज उठा। पूरे परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की झालरों और आकर्षक विद्युत सज्जा से इस तरह संवारा गया है मानो कोई भव्य विवाह मंडप सजा हो। बाबा विश्वनाथ के दरबार में अलौकिक आभा बिखरी हुई है और श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।
धाम के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक विशेष सजावट की गई है। मंदिर परिसर में गेंदे और गुलाब के फूलों से भव्य तोरण द्वार बनाए गए हैं। शाम ढलते ही लेजर लाइट और दीपों की जगमगाहट ने पूरे क्षेत्र को दिव्यता से भर दिया। दूर-दराज से आए श्रद्धालु इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए।
मंदिर प्रशासन के अनुसार महाशिवरात्रि पर लाखों भक्तों के पहुंचने की संभावना है। दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बैरिकेडिंग, अलग-अलग कतारें और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार की सजावट पहले से अधिक भव्य और आकर्षक है। बाबा के दरबार में “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा धाम गूंज रहा है। कई श्रद्धालु रात भर रुद्राभिषेक और विशेष पूजन की तैयारी में जुटे हैं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी में आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। सजे-धजे विश्वनाथ धाम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं, जो इस दिव्य आयोजन की भव्यता को बयां कर रही हैं।
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत एलएलबी और बीएएलएलबी के विद्यार्थियों की सेमेस्टर परीक्षाएं 17 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। वाराणसी सहित पांच जिलों के 34 संबद्ध …
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत एलएलबी और बीएएलएलबी के विद्यार्थियों की सेमेस्टर परीक्षाएं 17 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। वाराणसी सहित पांच जिलों के 34 संबद्ध कॉलेजों के छात्रों के लिए कुल 23 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षाएं 17 से 27 फरवरी तक संचालित होंगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वाराणसी और चंदौली में मिलाकर 19 केंद्र बनाए गए हैं, जबकि भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र में चार केंद्र स्थापित किए गए हैं। वाराणसी में सर्वाधिक 13 तथा चंदौली में 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मिर्जापुर में दो और भदोही व सोनभद्र में एक-एक केंद्र तय किया गया है।
पांचों जिलों में कुल 13 संकलन केंद्र भी निर्धारित किए गए हैं, जहां परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाएं जमा की जाएंगी।
परीक्षा नियंत्रक का बयान
परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने बताया कि परीक्षा केंद्रों और संकलन केंद्रों की सूची के साथ समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी केंद्रों को उत्तर पुस्तिकाएं संकलन केंद्रों से ही उपलब्ध कराई जाएंगी और परीक्षा समाप्ति के बाद केंद्राध्यक्षों को निर्धारित समय में वहीं कॉपियां जमा करनी होंगी।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कोडीन मिश्रित कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार के मामले में एसटीएफ ने वाराणसी से अमित यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह शुभम जायसवाल …
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कोडीन मिश्रित कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार के मामले में एसटीएफ ने वाराणसी से अमित यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह शुभम जायसवाल से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है।
आरोपी अमित यादव
एसटीएफ टीम ने उसे हिरासत में लेकर वाहन से पुलिस लाइन पहुंचाया, जहां प्रारंभिक पूछताछ की गई। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच स्कॉर्पियो वाहनों के काफिले से उसे लखनऊ रवाना किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अमित यादव के खिलाफ वाराणसी में तीन और लखनऊ में एक मुकदमा दर्ज है।
इस प्रकरण का उल्लेख मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2025 में विधानसभा में किया था। उस दौरान एक तस्वीर भी प्रदर्शित की गई थी, जिसमें अमित यादव सपा प्रमुख के साथ दिखाई दे रहा था। इसके बाद से वह फरार बताया जा रहा था और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी।
कैसे हुआ खुलासा
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कोडीन युक्त फेंसिडिल कफ सिरप समेत अन्य दवाओं का अवैध भंडारण और सप्लाई की जा रही है। इन दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक भेजे जाने की बात सामने आई थी।
शासन के निर्देश पर एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप बरामद किया गया। इस संबंध में थाना सुशांत गोल्फ सिटी, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा संख्या 182/2024 के तहत विभिन्न धाराओं और एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज है।
पहले भी हुईं गिरफ्तारियां
इस मामले में एसटीएफ पहले ही विभोर राणा, विशाल सिंह, अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा और आलोक कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। आगे की जांच के आधार पर काशीधाम के पास रिंग रोड क्षेत्र से अमित कुमार यादव को पकड़ा गया।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर कॉलेज, वाराणसी में छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका है और समाजवादी पार्टी की युवा सभा में प्रदेश स्तर पर पद संभाल चुका है। कॉलेज चुनाव के दौरान उसकी पहचान शुभम जायसवाल से हुई थी।
बताया गया कि शुभम के पिता की ‘शैली ट्रेडर्स’ नामक फर्म रांची (झारखंड) से फेंसिडिल कफ सिरप का कारोबार संचालित करती थी, जिसका नेटवर्क वाराणसी तक फैला था।
आरोपी के अनुसार, उसने अपनी फर्म ‘जीएल सर्जिकल्स’ (सप्तसागर दवा मंडी, कोतवाली, वाराणसी) के माध्यम से करीब एक लाख बोतलें खरीदीं। बाद में कागजों में अन्य फर्मों को बिक्री दर्शाकर इन्हें ऊंचे दामों पर आगे सप्लाई किया जाता था।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल एसटीएफ आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला पहले से दर्ज मुकदमा संख्या 182/2024 से संबंधित है।
आपराधिक पृष्ठभूमि
अमित यादव के खिलाफ वाराणसी के विभिन्न थानों में मारपीट, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
वाराणसी। वाराणसी में महाशिवरात्रि के अवसर पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और पंचकोस यात्रा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक डायवर्जन और पार्किंग प्लान लागू कर दिया है। मैदागिन से …
वाराणसी। वाराणसी में महाशिवरात्रि के अवसर पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और पंचकोस यात्रा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक डायवर्जन और पार्किंग प्लान लागू कर दिया है। मैदागिन से गोदौलिया मार्ग को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करें और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में अभिषेक और दर्शन के लिए लाखों भक्त पहुंचते हैं। पंचकोस यात्रा में शामिल होने के लिए भी दूर-दराज जिलों से श्रद्धालु आते हैं। भीड़ के दबाव को देखते हुए इस वर्ष भी दो चरणों में ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है।
🚧 शहर के अंदर डायवर्जन प्लान – दो चरणों में व्यवस्था
🔹 प्रथम चरण
पिपलानी कटरा से मैदागिन की ओर चार पहिया वाहन प्रतिबंधित, नाटी इमली की ओर डायवर्जन।
विश्वेश्वरगंज तिराहा से मैदागिन की ओर चार पहिया वाहन बंद, गोलगड्डा की ओर भेजे जाएंगे।
बेनियाबाग तिराहा से रामापुरा की ओर चार पहिया वाहन प्रतिबंधित, बेनियाबाग पार्किंग में व्यवस्था।
लक्सा तिराहा से रामापुरा की ओर वाहन बंद, गुरूबाग व औरंगाबाद की ओर डायवर्ट।
रेवड़ी तालाब से रामापुरा की ओर वाहन नहीं जाएंगे, भेलूपुर व नीमामाई की ओर डायवर्जन।
सोनारपुरा तिराहा से रामापुरा की ओर चार पहिया प्रतिबंधित, भेलूपुर व अग्रवाल तिराहा की ओर मोड़।
संस्कृत विश्वविद्यालय व लहुराबीर चौराहा से मालवाहक व बड़े वाहन डायवर्ट कर निर्धारित पार्किंग में भेजे जाएंगे।
🔹 द्वितीय चरण
संस्कृत विश्वविद्यालय व लहुराबीर से मैदागिन/बेनियाबाग की ओर चार पहिया वाहन प्रतिबंधित।
गोलगड्डा तिराहा से विश्वेश्वरगंज की ओर वाहन बंद, चौकाघाट व नमोघाट की ओर डायवर्ट।
गुरूबाग तिराहा से दूसरे जनपद के वाहन लक्सा की ओर नहीं जाएंगे, नीमामाई की ओर भेजे जाएंगे।
ब्रॉडवे तिराहा से अग्रवाल तिराहा की ओर वाहन प्रतिबंधित, रविंद्रपुरी की ओर डायवर्जन।
अग्रवाल तिराहा से सोनारपुरा/गोदौलिया की ओर वाहन बंद, ब्रॉडवे की ओर मोड़।
🅿️ पार्किंग प्लान – कहां खड़े होंगे वाहन?
📍 सोनारपुरा, गोदौलिया और रामापुरा की ओर
एग्लो-बंगाली इंटर कॉलेज – चार पहिया (100)
द्वारिकाधीश मंदिर शंकुलधारा पोखरा – दो पहिया (200), चार पहिया (200)
पीडीआर पार्किंग थाना लक्सा – दो पहिया (200), चार पहिया (200)
गोदौलिया मल्टीलेवल पार्किंग – दो पहिया (200)
बेनियाबाग पार्किंग – दो पहिया (100), चार पहिया (500)
जय नारायण इंटर कॉलेज मैदान – दो पहिया (100), चार पहिया (100)
सनातन धर्म इंटर कॉलेज मैदान – दो पहिया (200)
सीएचएस स्कूल मैदान व कमच्छा/खोजवा रोड – दो पहिया (100), चार पहिया (25)
ब्रॉडवे से रविंद्रपुरी कॉलोनी के सामने सड़क के दोनों तरफ – दो पहिया (500), चार पहिया (250)
वीआईपी पार्किंग – रविदास पार्क – दो पहिया (50), चार पहिया (20)
📍 लहुराबीर चौराहा की ओर
टाउनहाल पार्किंग मैदान – चार पहिया (200)
हरिश्चंद्र कॉलेज के सामने (बाएं हाथ) – वीआईपी चार पहिया (50)
शव वाहन पार्किंग – हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज के सामने (दाएं तरफ) – दो पहिया (300)
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वीसी कार्यालय गेट के पास – चार पहिया (200)
राजकीय आईटीआई कॉलेज वीसी आवास के पास – दो पहिया (500), चार पहिया (50)
क्वीन्स इंटर कॉलेज मैदान – दो पहिया (500)
चित्रकूट रामलीला मैदान, लकड़मंडी (आयुर्वेदिक अस्पताल के सामने) – चार पहिया (50)
📞 समस्या होने पर करें संपर्क
ट्रैफिक पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे एडवाइजरी का पालन करें और किसी भी असुविधा की स्थिति में ट्रैफिक कंट्रोल / हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
महाशिवरात्रि पर सुरक्षित और सुगम दर्शन के लिए ट्रैफिक प्लान का पालन करें।
वाराणसी: वाराणसी के गंगा पार स्थित रेती क्षेत्र में शनिवार को नाविकों और ऊंट-घोड़ा संचालकों के बीच विवाद हो गया, जो बाद में झड़प में बदल गया। घटना में चार नाविक …
वाराणसी: वाराणसी के गंगा पार स्थित रेती क्षेत्र में शनिवार को नाविकों और ऊंट-घोड़ा संचालकों के बीच विवाद हो गया, जो बाद में झड़प में बदल गया। घटना में चार नाविक घायल हो गए, जिनमें से दो को उपचार के लिए कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पर्यटकों से व्यवहार को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पर्यटकों से कथित अभद्र व्यवहार को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई। मामला बढ़ने पर दोनों समूह आमने-सामने आ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अचानक शुरू हुई मारपीट से वहां मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
चार घायल, दो अस्पताल में भर्ती
झड़प के दौरान लाठी-डंडों का इस्तेमाल हुआ, जिसमें चार नाविक घायल हुए। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। दो घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती रखा गया है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
धरने पर बैठे नाविक, कार्रवाई की मांग
घटना के विरोध में नाविक समाज ने प्रमोद माझी के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नाविकों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
वाराणसी: महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शुक्रवार को सलारपुर स्थित कपिलधारा कुंड एवं आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय …
वाराणसी: महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शुक्रवार को सलारपुर स्थित कपिलधारा कुंड एवं आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अव्यवस्थाएं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए पर्व से पूर्व सभी इंतजाम दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कुंड के समीप स्थित धर्मशाला और परिक्रमा मार्ग पर कुछ समितियों व स्थानीय लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों पर नगर आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध अतिक्रमण की पैमाइश कराकर संबंधितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए और स्थल का सुंदरीकरण कराया जाए।
नगर आयुक्त ने धर्मशाला का ताला खुलवाकर वहां साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय और यूरिनल को क्रियाशील बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा पंचकोशी यात्रा मार्ग को महाशिवरात्रि से पहले गड्ढामुक्त करने, स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जलकल विभाग को सीवर और वाटर लीकेज की समस्या तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। भीड़ को देखते हुए आवश्यकतानुसार मोबाइल टॉयलेट की तैनाती और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
निरीक्षण के दौरान शिवपुर वार्ड के पार्षद बलराम बनौजिया, कंदवा के पार्षद प्रतिनिधि, जोनल अधिकारी, अधिशासी अभियंता (सिविल), अवर अभियंता (जलकल), सफाई निरीक्षक सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
वाराणसी। विजया एकादशी की संध्या पर काशी की गलियां भक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठीं। पीली हल्दी से अलंकृत काशी विश्वनाथ मंदिर के बाबा दूल्हे के स्वरूप में विराजमान हुए …
वाराणसी। विजया एकादशी की संध्या पर काशी की गलियां भक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठीं। पीली हल्दी से अलंकृत काशी विश्वनाथ मंदिर के बाबा दूल्हे के स्वरूप में विराजमान हुए तो “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बांसफाटक स्थित धर्म निवास से टेढ़ीनीम तक निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। मार्ग भर पुष्पवर्षा के बीच भक्ति का मनोहारी दृश्य देखने को मिला।
डमरू-शंखनाद के बीच आगे बढ़ी शोभायात्रा
बांसफाटक से प्रारंभ हुई यात्रा डमरू, शंखध्वनि और जयकारों के साथ आगे बढ़ी। महिलाएं मंगलगीत गाती रहीं, जबकि युवा शिवभक्ति में लीन नजर आए। टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पहुंचने पर काशी विश्वनाथ की पंचबदन चल प्रतिमा पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सगुन की हल्दी अर्पित की गई। हल्दी लगते ही बाबा का दूल्हा स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गया।
52 थालों में सजा विवाहोत्सव का चढ़ावा
इस आयोजन की विशेषता 52 थालों में सजा मांगलिक चढ़ावा रहा। हल्दी, चंदन, फल, मेवा और अन्य सामग्री से सुसज्जित थाल श्रद्धालुओं ने सिर पर रखकर विवाहोत्सव में सहभागिता की। बाबा के ससुराल माने जाने वाले सारंगनाथ मंदिर से पगड़ीधारी ससुरालीजन हल्दी लेकर पहुंचे। पूरा वातावरण पारंपरिक विवाह जैसा प्रतीत हुआ और भक्त भाव-विभोर हो उठे।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भव्य श्रृंगार
टेढ़ीनीम पहुंचने पर 11 वैदिक ब्राह्मणों ने विधिपूर्वक पूजन कराया। मंत्रों की अनुगूंज और दीपों की जगमगाहट के बीच बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया। नवरत्न जड़ित छत्र के नीचे विराजमान बाबा का स्वरूप अलौकिक और राजसी दिखा। देर रात तक श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते रहे।
शिव विवाह की रस्मों की हुई औपचारिक शुरुआत
विजया एकादशी पर चढ़ाई गई सगुन की हल्दी को शिव विवाह की रस्मों का शुभारंभ माना जाता है। अब महाशिवरात्रि तक काशी में विवाहोत्सव की तैयारियां और तेज होंगी। यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि काशी की जीवंत लोकसंस्कृति का भी प्रतीक है।
वाराणसी। गंजारी क्षेत्र में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्माण एजेंसी के अनुसार परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया …
वाराणसी। गंजारी क्षेत्र में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्माण एजेंसी के अनुसार परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है और शेष काम तेजी से जारी है। कार्यदायी संस्था ने 21 अप्रैल तक स्टेडियम को संबंधित प्राधिकरण को सौंपने का लक्ष्य तय किया है।
स्टेडियम परिसर में फ्लड लाइट्स स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि दर्शक दीर्घाओं में सीटें लगाने का कार्य अंतिम दौर में है। करीब 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस आधुनिक स्टेडियम की रूपरेखा काशी की सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
हालांकि परिसर से सटी कुछ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण अभी शेष है। प्रशासन द्वारा सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा देने की पेशकश की गई है, लेकिन कुछ किसानों ने जमीन देने से इनकार करते हुए अपने खेतों में आपत्ति संबंधी बोर्ड लगाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर स्टेडियम का विधिवत हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाएगा।
वाराणसी। वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से शुक्रवार को न्यायालय परिसर में सनसनी फैल गई। रात करीब 1:30 बजे जिला जज के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी …
वाराणसी। वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से शुक्रवार को न्यायालय परिसर में सनसनी फैल गई। रात करीब 1:30 बजे जिला जज के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। मामले को गंभीर मानते हुए जिला जज संजीव शुक्ला ने तत्काल परिसर खाली कराने का निर्देश दिया, जिसके बाद अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया तथा पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
सूत्रों के मुताबिक, देर रात भेजे गए ईमेल में कचहरी परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई थी। सुबह जैसे ही यह सूचना सामने आई, न्यायालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। पूर्व की घटनाओं को याद कर अधिवक्ताओं में चिंता और बेचैनी देखी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। जिला जज के निर्देश पर सभी अधिवक्ताओं से परिसर खाली करने का अनुरोध किया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की गहन जांच की। तलाशी के दौरान हर कोने और संदिग्ध वस्तु की सावधानीपूर्वक जांच की गई।
इस संबंध में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने बताया कि सभी अधिवक्ताओं को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियां न्यायिक व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
जिला जज ने घटना की जानकारी जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दे दी है। साथ ही न्यायालय परिसर की सुरक्षा और कड़ी करने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया है।
कचहरी क्षेत्र में कलर-कोडेड पार्किंग व्यवस्था लागू वाराणसी। कचहरी क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग के कारण लगने वाले जाम और आमजन को हो रही असुविधा से निजात दिलाने के लिए पुलिस आयुक्त …
कचहरी क्षेत्र में कलर-कोडेड पार्किंग व्यवस्था लागू
वाराणसी। कचहरी क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग के कारण लगने वाले जाम और आमजन को हो रही असुविधा से निजात दिलाने के लिए पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल की पहल पर कलर-कोडेड पार्किंग व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके साथ ही सेन्ट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं को निःशुल्क वाहन पार्किंग पास वितरित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस आयुक्त ने स्वयं अधिवक्ताओं के वाहनों पर पार्किंग पास चस्पा कर किया। यह व्यवस्था कचहरी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हरी और पीली पट्टी से होगी पार्किंग की पहचान
नई व्यवस्था के तहत पार्किंग स्थलों का स्पष्ट चिन्हांकन किया गया है। हरी पट्टी के भीतर दोपहिया और पीली पट्टी के भीतर चारपहिया वाहनों की पार्किंग निर्धारित की गई है। इससे वाहन खड़े करने में अनुशासन आएगा और अव्यवस्था कम होगी।
अवैध पार्किंग पर सख्ती
निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों को हटाकर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा, जिससे जाम की समस्या में कमी आएगी और आमजन का आवागमन निर्बाध हो सकेगा।
हजारों अधिवक्ताओं को मिलेगा लाभ
सेन्ट्रल बार एसोसिएशन में 7637 तथा बनारस बार एसोसिएशन में 5604 अधिवक्ता पंजीकृत हैं। सभी पात्र अधिवक्ताओं को उनके COP नंबर के आधार पर चरणबद्ध तरीके से निःशुल्क पार्किंग पास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह व्यवस्था पारदर्शी और सुव्यवस्थित पार्किंग प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
मल्टीलेवल पार्किंग में बढ़ेगी क्षमता
मल्टीलेवल पार्किंग के शीर्ष तल पर भी एक सप्ताह के भीतर पार्किंग शुरू कर दी जाएगी, जिससे लगभग 500 अतिरिक्त वाहनों के लिए स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर दोनों बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात श्री अंशुमान मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।