वाराणसी। ऑनलाइन ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर जालसाजों ने खुद को ब्रिटेन का व्यवसायी बताकर एक युवती को अपने जाल में फंसा लिया और लाखों रुपये की ठगी कर ली। इस घटना ने साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए होने वाली धोखाधड़ी कितनी तेजी से बढ़ रही है।
महमूरगंज स्थित सूर्यबाग की रहने वाली शताब्दी जोशी ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान युवक का संदेश आया, जिसने खुद को यूके में रहने वाला कारोबारी बताया। शुरुआती बातचीत में उसने भरोसा जीतने की कोशिश की और धीरे-धीरे दोस्ती का माहौल बना लिया।
कुछ दिनों बाद युवक ने दावा किया कि उसने ब्रिटेन से उनके लिए एक महंगा उपहार भेजा है। इसके बाद ठगी का सिलसिला शुरू हुआ। पीड़िता के अनुसार, कुछ समय बाद उन्हें फोन कॉल आने लगे, जिसमें कॉल करने वाले खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बता रहे थे। उन्होंने कहा कि विदेश से आया पार्सल कस्टम में अटक गया है और उसे छुड़ाने के लिए शुल्क जमा करना होगा।
इतना ही नहीं, आरोपी ने एक नई कहानी गढ़ते हुए बताया कि वह खुद भारत आ रहा है, लेकिन एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया है। इस कथित समस्या को सुलझाने के लिए भी युवती से पैसे मांगे गए।
बार-बार नई-नई कहानियां बनाकर आरोपियों ने पीड़िता पर मानसिक दबाव बनाया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाते रहे। इस तरह ठगों ने कुल 10,81,792 रुपये की ठगी कर ली।
पीड़िता को जब अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया। थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर अजनबी लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह के लालच या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर अपराधियों के इस नए तरीके से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
