चौबेपुर (वाराणसी)। वाराणसी कमिश्नरेट के थाना चौबेपुर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने जीएसटी फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में फरार चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी सूरज वर्मा (28) निवासी मंडी पंजाब के गोविंदगढ़ का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिसमें साइबर सेल और एसओजी की टीमों ने मिलकर अभियुक्त को ट्रैक कर पकड़ा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में उपनिरीक्षक अनुराग कुमार तिवारी, साइबर सेल के कांस्टेबल विराट सिंह, एसओजी के उपनिरीक्षक आयुष पांडेय के साथ कांस्टेबल मयंक त्रिपाठी और मनीष बघेल की अहम भूमिका रही। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे दबोच लिया।
इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी नहीं है। इससे पहले 22 फरवरी 2026 को सह-अभियुक्त मोहम्मद फरहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से फर्जी फर्मों का जाल बिछाकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर रहा था।
जांच में सामने आया कि ‘सिंह इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म, जिसका जीएसटी पंजीकरण सारनाथ क्षेत्र में कराया गया था, पूरी तरह फर्जी निकली। जब विभागीय टीम ने इसका भौतिक सत्यापन किया, तो वहां किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि नहीं पाई गई। इस पर सहायक आयुक्त राज्य कर ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों ने बिना किसी वास्तविक व्यापार के मई 2025 में करीब 21.49 करोड़ रुपये की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दर्शाई। इस फर्जी लेनदेन के जरिए पंजाब, लुधियाना, दिल्ली और गुजरात की पांच अलग-अलग फर्मों को लगभग 4.31 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अवैध लाभ पहुंचाया गया। यह पूरा खेल कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन के जरिए अंजाम दिया गया।
