मऊ। शहर में हुई 50 लाख रुपये की बड़ी मोबाइल चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अभी भी फरार बताया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि चोरी किए गए 280 मोबाइल फोन में से केवल तीन ही बरामद हो सके हैं।
रेलवे स्टेशन के पास से दबोचे गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, 8 अप्रैल की शाम मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन की पार्किंग के पास से गौरीशंकर राजभर, अब्दुल हाय और शमीम अख्तर उर्फ राकेश को गिरफ्तार किया गया। चौथा आरोपी और गिरोह का सरगना आलम शेख मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन मोबाइल और करीब 1.10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
103 सीसीटीवी खंगालने के बाद मिला सुराग
घटना के बाद व्यापारी राजेंद्र कुमार अग्रवाल की शिकायत पर 2 अप्रैल की रात अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके बाद आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोचा गया।
संगठित गिरोह चला रहा था चोरी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसमें झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के सदस्य शामिल हैं। गिरोह का सरगना आलम शेख बताया जा रहा है, जो झारखंड का रहने वाला है। आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए महिलाओं की मदद भी ली थी, ताकि पुलिस को शक न हो।
चोरी के बाद भागने की बनाई थी पूरी योजना
घटना के बाद सभी आरोपी मऊ रेलवे स्टेशन के पास इकट्ठा हुए और बस के जरिए दिलदारनगर पहुंचकर ट्रेन से भागने की योजना बनाई। इसी दौरान पुलिस की चेकिंग शुरू हो गई, जिससे घबराकर दो आरोपी अपने बैग छोड़कर भाग गए, जबकि सरगना आलम शेख मोबाइल से भरा बैग लेकर ट्रेन में सवार होकर फरार हो गया।
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम बंगाल में बेहद सस्ते दामों पर बेच दिया गया। इससे करीब 1.5 से 2 लाख रुपये की रकम मिली, जिसे आपस में बांट लिया गया। वहीं बाकी मोबाइल फोन को सरगना ने मालदा (पश्चिम बंगाल) के एक दलाल के जरिए बांग्लादेश भिजवा दिया।
फरार सरगना की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि फरार सरगना आलम शेख की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
