वाराणसी। योगी सरकार ने गुरुवार को पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 12 आईपीएस अधिकारियों और 35 अपर पुलिस अधीक्षकों (ASP) के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है वाराणसी कमिश्नरेट, जहां नई तैनाती के जरिए कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की गई है।
वाराणसी को मिली नई DCP, बढ़ेगी कमिश्नरेट की ताकत
2022 बैच की आईपीएस अधिकारी लिपि नागायच को गाजियाबाद से ट्रांसफर कर वाराणसी में अपर पुलिस उपायुक्त (DCP) बनाया गया है। उनकी तैनाती को कमिश्नरेट सिस्टम को और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। काशी जैसे संवेदनशील और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
काशी में कानून-व्यवस्था पर सरकार का फोकस साफ
हाल के समय में वाराणसी में ट्रैफिक, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर लगातार रणनीति बनाई जा रही है। ऐसे में नई DCP की तैनाती यह संकेत देती है कि सरकार काशी में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई ढील नहीं देना चाहती।

अन्य जिलों में भी बड़े स्तर पर बदलाव
- आईपीएस सागर जैन को सहारनपुर से प्रयागराज कमिश्नरेट में DCP बनाया गया
- मनोज कुमार रावत को गोंडा से सम्भल भेजा गया
- आयुष विक्रम सिंह को मेरठ से बहराइच
- ट्विंकल जैन को गौतमबुद्धनगर से लखनऊ
- ऋषभ रुनवाल को लखनऊ से सोनभद्र (नक्सल क्षेत्र)
- डॉ. ईशान सोनी को वाराणसी से जालौन
- मयंक पाठक को अलीगढ़ से सहारनपुर
नक्सल क्षेत्रों में भी नई तैनाती
आईपीएस राजकुमार मीणा को प्रयागराज से मिर्जापुर में अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) बनाया गया है। उन्हें कठिन क्षेत्रों में काम करने का अनुभव है, जिससे नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
35 एएसपी स्तर के अधिकारियों का भी ट्रांसफर
इसके अलावा, 35 एएसपी स्तर के अधिकारियों का भी बड़े पैमाने पर तबादला किया गया है। इनमें कई अधिकारी प्रमोशन के बाद नई जिम्मेदारियों में भेजे गए हैं। नई DCP की तैनाती के साथ काशी में भी कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने का संदेश दिया गया है।
