नई दिल्ली। पैन कार्ड से जुड़े नियमों में 1 अप्रैल 2026 से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिए गए हैं, जिनका असर आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक सभी पर पड़ेगा। इन नए नियमों के तहत जहां कुछ प्रक्रियाएं सख्त की गई हैं, वहीं कई मामलों में राहत भी दी गई है।
PAN बनवाने के लिए अब जरूरी होगा जन्मतिथि प्रमाण
अब नया पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा। आधार के साथ अब जन्मतिथि का प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या मजिस्ट्रेट द्वारा जारी शपथपत्र में से किसी एक दस्तावेज को जमा करना होगा।
PAN और आधार में नाम होना चाहिए एक जैसा
नए नियमों के अनुसार अब पैन कार्ड पर नाम बिल्कुल वैसा ही होना चाहिए जैसा आधार कार्ड में दर्ज है। दोनों में किसी भी प्रकार का अंतर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा आवेदन फॉर्म में भी बदलाव किया गया है।
- भारतीय नागरिकों और कंपनियों के लिए अब Form 93 लागू किया गया है (पहले Form 49A था)
- विदेश में रहने वाले भारतीयों और अन्य संस्थाओं के लिए Form 95 लागू किया गया है (पहले Form 49AA था)
नकद जमा की सीमा में बड़ी राहत
पहले बैंक खाते में एक दिन में 50,000 रुपये से अधिक नकद जमा करने पर पैन देना अनिवार्य था। अब इस नियम में बदलाव करते हुए सालाना सीमा तय कर दी गई है।
अब अगर किसी व्यक्ति के सभी बैंक खातों में पूरे साल में कुल नकद जमा 10 लाख रुपये से अधिक होता है, तभी पैन देना जरूरी होगा। इससे छोटे जमाकर्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वाहन खरीद-बिक्री के नियम भी आसान
वाहन लेनदेन में भी पैन की अनिवार्यता को लेकर ढील दी गई है। अब 5 लाख रुपये से कम कीमत वाले दोपहिया या चारपहिया वाहन की खरीद-बिक्री में पैन देना जरूरी नहीं होगा। इससे आम ग्राहकों को सहूलियत मिलेगी।
होटल, प्रॉपर्टी और बीमा में बढ़ी लिमिट
सरकार ने कई अन्य लेनदेन में भी पैन की अनिवार्यता की सीमा बढ़ा दी है:
- होटल और रेस्टोरेंट में भुगतान की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है
- जमीन या मकान खरीद-बिक्री की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है
- बीमा प्रीमियम भुगतान की सीमा भी बढ़ाई गई है, जिससे बड़े लेनदेन में अधिक लचीलापन मिलेगा
कैसे करें PAN के लिए आवेदन
पैन कार्ड बनवाने के लिए आवेदक NSDL या UTIITSL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- भारतीय नागरिकों को Form 93 भरना होगा
- आधार और जन्मतिथि का प्रमाण अपलोड करना होगा
- ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी
- आवेदन के बाद प्राप्त पावती नंबर को सुरक्षित रखना जरूरी है
क्या है इन बदलावों का असर?
नए नियमों का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। जहां एक ओर पहचान संबंधी नियमों को सख्त किया गया है, वहीं छोटे लेनदेन और आम लोगों को राहत देने के लिए कई सीमाओं में बढ़ोतरी की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से टैक्स सिस्टम अधिक व्यवस्थित होगा और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
