लखनऊ/मुंबई। हरियाणा की मशहूर डांसर Sapna Choudhary से जुड़े एक पुराने मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। लखनऊ की अदालत में पेश होने के बाद उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट को रद्द कर दिया गया है। कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए जुर्माने के साथ रिहा करने का आदेश दिया है। फिलहाल मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
खुद कोर्ट पहुंचकर कराई जमानत
मामले में लंबे समय से अदालत में पेश न होने के कारण सपना चौधरी के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया था। हालांकि, वारंट जारी होने के बाद सपना खुद अदालत पहुंचीं और विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए अपनी जमानत कराई। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी वारंट को निरस्त करते हुए 60 हजार रुपये के जमानती बांड पर राहत दी, साथ ही 1400 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया।
2018 के कार्यक्रम से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला 13 अक्टूबर 2018 का है, जब लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में एसआई फिरोज खान द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि स्मृति उपवन में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट 300 रुपये में बेचे गए थे, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। लेकिन रात 10 बजे तक सपना चौधरी कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचीं, जिससे नाराज भीड़ ने हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी थी।
इस मामले में सपना चौधरी के साथ रत्नाकर उपाध्याय, अमित पांडे, पहल इंस्टीट्यूट के बाद अली, नवीन शर्मा और जुनैद अहमद को भी आरोपी बनाया गया था।
चार्जशीट दाखिल, अब सहयोग कर रहीं सपना
पुलिस जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसे 26 जुलाई 2019 को अदालत ने स्वीकार कर लिया था। अब ताजा सुनवाई में कोर्ट ने सपना चौधरी को राहत देते हुए उन्हें जमानती शर्तों पर रिहा कर दिया है।
बताया जा रहा है कि सपना चौधरी अब इस मामले में पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया में सहयोग कर रही हैं। वहीं, इस केस को लेकर आगे की सुनवाई में अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा।
