वाराणसी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों की तरह वाराणसी में भी गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल की शुरुआत में ही तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि आमतौर पर पर्यटकों से गुलजार रहने वाले घाटों पर अब सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।
सुबह के बाद सूने पड़ रहे घाट
लगातार बढ़ते तापमान का असर शहर के प्रमुख घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह 10 बजे के बाद अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक सीढ़ियां लगभग खाली नजर आती हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पर्यटक दिन में घाटों का रुख नहीं कर रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा सा माहौल बन गया है।
नाविक और पुरोहितों पर पड़ा असर
गर्मी का असर केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। गंगा में सैर कराने वाली नावें किनारे खड़ी हैं, क्योंकि पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। घाटों पर पूजा-पाठ कराने वाले पुरोहितों का भी काम प्रभावित हुआ है। अस्सी घाट के एक पुरोहित ने बताया कि अब केवल सुबह के समय ही श्रद्धालु आते हैं, इसके बाद पूरे दिन घाट खाली रहते हैं।
छोटे व्यापारियों की कमाई पर भी संकट
घाटों के आसपास चाय, नाश्ता और स्ट्रीट फूड की दुकानें चलाने वाले छोटे व्यापारियों पर भी गर्मी की मार साफ दिखाई दे रही है। दुकानदारों का कहना है कि पर्यटकों की कमी के कारण बिक्री में भारी गिरावट आई है। अब केवल सुबह और शाम के समय ही थोड़ी चहल-पहल देखने को मिलती है, जबकि दिनभर कारोबार ठप जैसा रहता है।
अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी
आमतौर पर इस तरह की भीषण गर्मी मई और जून के महीनों में देखने को मिलती है, लेकिन इस बार अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। शहर में दिन के समय जो भी लोग घाटों पर नजर आ रहे हैं, वे भी पेड़ों और छांव का सहारा लेते दिखाई दे रहे हैं।
