नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को दो सप्ताह के लिए टालने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद ईरान की ओर से भी युद्धविराम पर सहमति जता दी गई है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी सहमति
जानकारी के मुताबिक, यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करते हुए युद्ध टालने की अपील की थी, जिसे अमेरिका और ईरान ने स्वीकार कर लिया।
🚨 President Donald J. Trump makes a statement on Iran: pic.twitter.com/9mqTayL0Q3
— The White House (@WhiteHouse) April 7, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य पर रखी गई शर्त
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह युद्धविराम तभी प्रभावी होगा, जब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित और तुरंत खोलने पर सहमत होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने अधिकांश सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान की ओर से मिले 10 सूत्रीय प्रस्ताव को बातचीत के लिए एक व्यवहारिक आधार माना जा रहा है और अधिकांश विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
ईरान की ओर से भी पुष्टि
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते की पुष्टि की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समझौते को ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की मंजूरी भी मिल चुकी है। ईरान ने इसे अपनी कूटनीतिक जीत बताया है।
इजरायल भी हुआ सहमत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने भी इस अस्थायी युद्धविराम का समर्थन किया है। इससे क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहले दी थी कड़ी चेतावनी
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। उन्होंने यहां तक कहा था कि इससे एक “सभ्यता का अंत” हो सकता है।
आगे इस्लामाबाद में होगी वार्ता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अस्थायी युद्धविराम के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते के लिए बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है।
