वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर कथित ठगी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। कमिश्नरेट पुलिस और साइबर टीम ने सारनाथ थाना क्षेत्र के नईबाजार स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह कॉल सेंटर की आड़ में युवाओं को प्राइवेट नौकरी दिलाने का लालच देता था। देश के अलग-अलग राज्यों, खासकर यूपी और बिहार से पहुंचे युवाओं को नौकरी, ट्रेनिंग और बेहतर सैलरी का सपना दिखाकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम भी उस समय हैरान रह गई जब मौके पर बड़ी संख्या में युवक मौजूद मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 250 से अधिक युवाओं को कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाया गया, जबकि मौके पर 500 से ज्यादा युवक मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कई युवाओं को वहां रोककर रखा गया था और उनसे लगातार पैसे जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था।

डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार के निर्देशन में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना और थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से कई दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और कितने युवाओं को अपना शिकार बना चुका है।
प्रशासन और पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी की तलाश के दौरान किसी भी फर्जी विज्ञापन, कॉल या एजेंसी के झांसे में न आएं। किसी भी कंपनी या कॉल सेंटर में पैसे जमा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
