मुंबई। नितेश तिवारी की बिग बजट फिल्म Ramayana का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके विजुअल्स, किरदारों के लुक और खासतौर पर भगवान राम के कॉस्ट्यूम को लेकर बहस …
मुंबई। नितेश तिवारी की बिग बजट फिल्म Ramayana का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके विजुअल्स, किरदारों के लुक और खासतौर पर भगवान राम के कॉस्ट्यूम को लेकर बहस तेज हो गई है। कई अनुभवी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म के लुक को “चूक गया अवसर” बताते हुए इसमें रचनात्मकता और सांस्कृतिक गहराई की कमी की ओर इशारा किया है।
टीवी शोज से कमज़ोर लगे फिल्म के कॉस्ट्यूम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीवी के लोकप्रिय पौराणिक शोज पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर Shibapriya Sen ने कहा कि फिल्म का टीजर उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उनके अनुसार, टीवी धारावाहिकों में भी सीमित बजट और समय के बावजूद कॉस्ट्यूम डिजाइन अधिक समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से जुड़े होते थे।
उन्होंने बताया कि भगवान राम के मुकुट, सीता के परिधान और हनुमान के लुक में भारतीय मंदिरों, मूर्तियों और पारंपरिक कला जैसे मधुबनी, अजंता-एलोरा और हम्पी से प्रेरणा ली जाती थी, जो उन्हें अधिक प्रामाणिक बनाती थी।
‘नवाचार और सौंदर्य की कमी’ का आरोप
वहीं ‘सिया के राम’ और ‘देवों के देव…महादेव’ जैसे शोज में काम कर चुकी डिजाइनर Neerusha Nikhat ने भी फिल्म के कॉस्ट्यूम को लेकर निराशा जताई। उनका कहना है कि इतने बड़े बजट और तकनीकी संसाधनों के बावजूद फिल्म में अपेक्षित नवाचार और विजुअल अपील नजर नहीं आती।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट में अनुभवी डिजाइनर्स को शामिल किया जाना चाहिए था, ताकि किरदारों की भव्यता और सांस्कृतिक पहचान बेहतर तरीके से उभर सके।
बड़े बजट के बावजूद ‘मिस्ड ऑपर्च्युनिटी’
डिजाइनर्स का मानना है कि फिल्म में परिधानों और आभूषणों के जरिए भारतीय संस्कृति को और गहराई से प्रस्तुत किया जा सकता था। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट दर्शकों के लिए एक यादगार विजुअल अनुभव बन सकता था, लेकिन फिलहाल यह एक “मिस्ड क्रिएटिव ऑपर्च्युनिटी” नजर आ रहा है।
रिलीज से पहले ही बढ़ी चर्चा
हालांकि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन टीजर के आधार पर ही सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में इसकी आलोचना शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि फिल्म के अगले प्रमोशनल कंटेंट और रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है।
वाराणसी। वरुणा जोन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) …
वाराणसी। वरुणा जोन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) वरुणा जोन नीतू कादयान के नेतृत्व में रोहनिया पुलिस ने ग्राम गोविन्दपुर में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।
30 लाख का माल, कार और अवैध असलहा बरामद
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी शनि धरिकार को परमानंदपुर स्थित चौरा माता मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब 30 लाख रुपये मूल्य का गला हुआ सोना (180.460 ग्राम) और चांदी (818 ग्राम) बरामद हुई। इसके अलावा 8500 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त होंडा अमेज कार, एक .315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
विंध्याचल दर्शन गए परिवार के घर को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, 21/22 मार्च की रात गोविन्दपुर निवासी परिवार विंध्याचल दर्शन के लिए गया हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने बंद घर को निशाना बनाते हुए अलमारी के ताले तोड़कर जेवरात और नकदी चोरी कर ली। घर लौटने पर घटना का पता चलने पर पीड़ित ने थाना रोहनिया में मुकदमा दर्ज कराया।
रेकी कर बनाते थे निशाना, जेवर पिघलाकर मिटाते थे पहचान
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ बंद घरों की पहले रेकी करता था और मौका मिलते ही चोरी को अंजाम देता था। चोरी के बाद जेवरात को पिघलाकर उनकी पहचान मिटा दी जाती थी और फिर उन्हें शहर से बाहर बेचने की योजना बनाई जाती थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
हिस्ट्रीशीटर निकला आरोपी, पुलिस टीम को इनाम
गिरफ्तार अभियुक्त शनि धरिकार का लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ वाराणसी के कई थानों में चोरी और लूट के करीब 20 मुकदमे दर्ज हैं। इस सफलता पर पुलिस अधिकारियों ने रोहनिया थाना प्रभारी और टीम की सराहना करते हुए 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
अपराधियों को सख्त संदेश
पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संकेत दिया गया है कि वरुणा जोन में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सक्रिय है और अपराधियों की जगह सिर्फ जेल में है।
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र के नवापुरा बस्ती में पिछले वर्ष तेंदुए के हमले से प्रभावित ग्रामीणों से उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने रविवार को …
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र के नवापुरा बस्ती में पिछले वर्ष तेंदुए के हमले से प्रभावित ग्रामीणों से उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने रविवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
पीड़ितों के घर पहुंचकर जानी स्थिति
मंत्री अनिल राजभर स्वयं प्रभावित परिवारों के घर पहुंचे और उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर संकट की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी रहती है और किसी भी नागरिक को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। इस दौरान उन्होंने सभी पीड़ितों को अनुग्रह राशि का चेक सौंपते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
तेंदुए के हमले से फैली थी दहशत
यह घटना मई 2025 की है, जब नवापुरा बस्ती में तेंदुए के अचानक पहुंचने से इलाके में भय का माहौल बन गया था। तेंदुए ने ग्रामसभा कमौली के सुनील, गौराकलॉ के जयदेव और शंकरपुर (नवापुर) के प्रदीप मौर्य पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी और लोग अपने घरों से निकलने में डरने लगे थे।
वन विभाग और प्रशासन ने चलाया था अभियान
हमले की सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए और विशेषज्ञों की मदद भी ली गई। कई दिनों तक चले अभियान के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
सरकार ने निभाया वादा
घटना के बाद मंत्री अनिल राजभर ने पीड़ितों के इलाज और मदद के लिए त्वरित कार्रवाई की थी। उन्होंने शासन स्तर पर आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया था, जिसे अब पूरा करते हुए पीड़ितों को सहायता राशि प्रदान की गई। इस मौके पर मंत्री के साथ कई स्थानीय प्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री Janhvi Kapoor ने हाल ही में अपने जीवन का एक चौंकाने वाला अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि महज 15 साल की उम्र में उन्हें इंटरनेट पर …
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री Janhvi Kapoor ने हाल ही में अपने जीवन का एक चौंकाने वाला अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि महज 15 साल की उम्र में उन्हें इंटरनेट पर अपनी एडिट की गई (डीपफेक) आपत्तिजनक तस्वीरें एडल्ट साइट पर देखने को मिली थीं। यह खुलासा उन्होंने एक पॉडकास्ट में किया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है।
स्कूल के दिनों में सामने आया मामला
जान्हवी कपूर के अनुसार, उस समय वह स्कूल में पढ़ाई कर रही थीं और कंप्यूटर क्लास के दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल कर रही थीं। इसी दौरान कुछ छात्रों द्वारा देखी जा रही वेबसाइट्स में उन्होंने अपनी तस्वीरों को एडिट करके गलत तरीके से इस्तेमाल होते हुए देखा। यह अनुभव उनके लिए बेहद चौंकाने वाला और मानसिक रूप से परेशान करने वाला था।
अभिनेत्री ने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने चिंता जताई कि इंटरनेट पर कई बार ऐसी फर्जी तस्वीरें तेजी से वायरल हो जाती हैं, जिन्हें लोग असली समझ लेते हैं। इससे न केवल कलाकारों की छवि प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
सोशल मीडिया और नैतिकता पर सवाल
जान्हवी कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण और जागरूकता बेहद जरूरी है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं किसी के भी साथ हो सकती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंटरनेट का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की समस्याओं को रोका जा सके।
वर्कफ्रंट पर जान्हवी कपूर
वर्कफ्रंट की बात करें तो जान्हवी कपूर हाल ही में फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके साथ Varun Dhawan और अन्य कलाकारों ने अहम भूमिका निभाई। अभिनेत्री का यह खुलासा डिजिटल दुनिया के खतरों और सतर्कता की जरूरत को उजागर करता है।
वाराणसी। Varanasi के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत कंदवा स्थित एक पोखरे में डूबने की सूचना से रविवार को इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में …
वाराणसी।Varanasi के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत कंदवा स्थित एक पोखरे में डूबने की सूचना से रविवार को इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए, जिससे मौके पर भीड़ जमा हो गई।
सूचना के आधार पर मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तत्काल गोताखोरों को बुलाकर पोखरे में तलाशी अभियान शुरू कराया।
राहत भरी जानकारी आई सामने
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि जिस व्यक्ति के डूबने की आशंका जताई जा रही थी, वह अपने घर पर सुरक्षित पाया गया। इस जानकारी से स्थानीय लोगों और परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि, पुलिस ने एहतियात के तौर पर मामले की जांच जारी रखी है।
गोताखोरों का सघन तलाशी अभियान
गोताखोरों की मदद से पोखरे के गहराई तक तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस टीम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि किसी भी तरह की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
सूचना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी। पुलिस का कहना है कि भीड़ के कारण राहत और बचाव कार्य में बाधा न आए, इसका पूरा ध्यान रखा गया।
जांच जारी, सभी पहलुओं पर नजर
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए तलाशी अभियान और जांच जारी रहेगी।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों की तरह वाराणसी में भी गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल की शुरुआत में ही तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के …
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों की तरह वाराणसी में भी गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल की शुरुआत में ही तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि आमतौर पर पर्यटकों से गुलजार रहने वाले घाटों पर अब सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।
सुबह के बाद सूने पड़ रहे घाट
लगातार बढ़ते तापमान का असर शहर के प्रमुख घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह 10 बजे के बाद अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक सीढ़ियां लगभग खाली नजर आती हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पर्यटक दिन में घाटों का रुख नहीं कर रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा सा माहौल बन गया है।
नाविक और पुरोहितों पर पड़ा असर
गर्मी का असर केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। गंगा में सैर कराने वाली नावें किनारे खड़ी हैं, क्योंकि पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। घाटों पर पूजा-पाठ कराने वाले पुरोहितों का भी काम प्रभावित हुआ है। अस्सी घाट के एक पुरोहित ने बताया कि अब केवल सुबह के समय ही श्रद्धालु आते हैं, इसके बाद पूरे दिन घाट खाली रहते हैं।
छोटे व्यापारियों की कमाई पर भी संकट
घाटों के आसपास चाय, नाश्ता और स्ट्रीट फूड की दुकानें चलाने वाले छोटे व्यापारियों पर भी गर्मी की मार साफ दिखाई दे रही है। दुकानदारों का कहना है कि पर्यटकों की कमी के कारण बिक्री में भारी गिरावट आई है। अब केवल सुबह और शाम के समय ही थोड़ी चहल-पहल देखने को मिलती है, जबकि दिनभर कारोबार ठप जैसा रहता है।
अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी
आमतौर पर इस तरह की भीषण गर्मी मई और जून के महीनों में देखने को मिलती है, लेकिन इस बार अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। शहर में दिन के समय जो भी लोग घाटों पर नजर आ रहे हैं, वे भी पेड़ों और छांव का सहारा लेते दिखाई दे रहे हैं।
लखनऊ/मुंबई। हरियाणा की मशहूर डांसर Sapna Choudhary से जुड़े एक पुराने मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। लखनऊ की अदालत में पेश होने के बाद उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट …
लखनऊ/मुंबई। हरियाणा की मशहूर डांसर Sapna Choudhary से जुड़े एक पुराने मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। लखनऊ की अदालत में पेश होने के बाद उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट को रद्द कर दिया गया है। कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए जुर्माने के साथ रिहा करने का आदेश दिया है। फिलहाल मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
खुद कोर्ट पहुंचकर कराई जमानत
मामले में लंबे समय से अदालत में पेश न होने के कारण सपना चौधरी के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया था। हालांकि, वारंट जारी होने के बाद सपना खुद अदालत पहुंचीं और विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए अपनी जमानत कराई। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी वारंट को निरस्त करते हुए 60 हजार रुपये के जमानती बांड पर राहत दी, साथ ही 1400 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया।
2018 के कार्यक्रम से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला 13 अक्टूबर 2018 का है, जब लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में एसआई फिरोज खान द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि स्मृति उपवन में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट 300 रुपये में बेचे गए थे, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। लेकिन रात 10 बजे तक सपना चौधरी कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचीं, जिससे नाराज भीड़ ने हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी थी।
इस मामले में सपना चौधरी के साथ रत्नाकर उपाध्याय, अमित पांडे, पहल इंस्टीट्यूट के बाद अली, नवीन शर्मा और जुनैद अहमद को भी आरोपी बनाया गया था।
चार्जशीट दाखिल, अब सहयोग कर रहीं सपना
पुलिस जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसे 26 जुलाई 2019 को अदालत ने स्वीकार कर लिया था। अब ताजा सुनवाई में कोर्ट ने सपना चौधरी को राहत देते हुए उन्हें जमानती शर्तों पर रिहा कर दिया है।
बताया जा रहा है कि सपना चौधरी अब इस मामले में पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया में सहयोग कर रही हैं। वहीं, इस केस को लेकर आगे की सुनवाई में अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा।
चिरईगांव। चिरईगांव पीएचसी क्षेत्र के ग्राम पंचायत बराईं में एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 22 वर्षीय प्रसूता चांदनी, पत्नी अशोक राजभर, की प्रसव …
चिरईगांव। चिरईगांव पीएचसी क्षेत्र के ग्राम पंचायत बराईं में एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 22 वर्षीय प्रसूता चांदनी, पत्नी अशोक राजभर, की प्रसव के कुछ घंटों बाद मौत हो गई। इस मामले में सामने आई प्रारम्भिक जांच और ऑडिट रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनमें अकुशल तरीके से कराई गई डिलीवरी को मौत का प्रमुख कारण बताया गया है।
प्रोटोकॉल के खिलाफ कराया गया प्रसव
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पीएचसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा द्वारा कराई गई पड़ताल में यह पाया गया कि गांव की आशा कार्यकर्त्री रेखा राजभर और मातृ-शिशु कल्याण उपकेंद्र बराईं की रिटायर्ड एएनएम अनीता पाल ने मिलकर प्रसव कराया था। यह भी सामने आया कि गर्भावस्था के दौरान प्रसूता की सभी आवश्यक जांचें आशा कार्यकर्त्री द्वारा कराई गई थीं, लेकिन प्रसव के समय गंभीर लापरवाही बरती गई।
बताया गया कि 16 मार्च को जब प्रसूता को प्रसव पीड़ा हुई, तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय आशा कार्यकर्त्री उसे डुबकियां बाजार स्थित रिटायर्ड एएनएम के आवास पर ले गई। वहीं दोनों ने मिलकर डिलीवरी कराई। यह कदम स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित प्रोटोकॉल के पूरी तरह विपरीत था, जहां संस्थागत प्रसव को अनिवार्य माना जाता है।
प्रसव कक्ष की जॉच करते हुए पी एच सी प्रभारी
रक्तस्राव के बावजूद नहीं मिली समय पर चिकित्सा
डिलीवरी के कुछ ही समय बाद प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। इसके बावजूद उसे किसी कुशल चिकित्सक या अस्पताल तक पहुंचाने के बजाय वहीं पर उपचार करने का प्रयास किया गया। हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही घंटों के भीतर प्रसूता की मौत हो गई। हालांकि इस दौरान जन्मी नवजात बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है।
जांच में उजागर हुई गंदगी और लापरवाही
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति भी उजागर हुई है। जांच के दौरान जिस स्थान पर प्रसव कराया गया, वहां गंदगी, टूटा हुआ बेड और गंदे चादर पाए गए, जो लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण हैं। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन है, बल्कि मरीज की जान के साथ खिलवाड़ भी है।
पीएचसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि यह मामला गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी से संबंधित मृत्यु के ऑडिट के दौरान सामने आया। जांच में आशा कार्यकर्त्री और रिटायर्ड एएनएम की मिलीभगत स्पष्ट रूप से सामने आई है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्त्री के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति और जमीनी स्तर पर हो रही लापरवाहियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है, जिससे सुधार की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है।
नई दिल्ली। Reliance Jio ने अपने यूजर्स के लिए एक नया किफायती मंथली प्लान पेश किया है। ₹339 की कीमत वाले इस प्लान में ग्राहकों को 28 दिन नहीं बल्कि पूरे …
नई दिल्ली। Reliance Jio ने अपने यूजर्स के लिए एक नया किफायती मंथली प्लान पेश किया है। ₹339 की कीमत वाले इस प्लान में ग्राहकों को 28 दिन नहीं बल्कि पूरे महीने की वैलिडिटी दी जा रही है, जो इसे कंपनी के लोकप्रिय ₹349 प्लान से अलग बनाती है।
क्या है ₹339 वाला Jio प्लान?
इस प्लान में यूजर्स को रोजाना 1.5GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और प्रतिदिन 100 SMS की सुविधा मिलती है। खास बात यह है कि ये सभी फायदे पूरे महीने तक मिलते हैं, जिससे यूजर्स को साल में 13 बार की बजाय सिर्फ 12 बार ही रिचार्ज कराना पड़ेगा।
क्या हैं इस प्लान के बड़े फायदे?
यह ₹349 प्लान के मुकाबले सस्ता है।
पूरे महीने (30 या 31 दिन) की वैलिडिटी मिलती है।
इसके अलावा, इस प्लान में यूजर्स को Google Gemini Pro का 18 महीने का सब्सक्रिप्शन और 5TB क्लाउड स्टोरेज जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं।
क्या है इसकी कमी?
इस प्लान में अनलिमिटेड 5G डेटा की सुविधा नहीं दी गई है। यानी 5G यूजर्स को केवल रोजाना मिलने वाले 1.5GB डेटा पर ही निर्भर रहना होगा।
वहीं, ₹349 वाले प्लान में 5G डिवाइस यूज करने वाले ग्राहकों को अनलिमिटेड 5G डेटा का फायदा मिलता है, जिससे उनका डेली डेटा खर्च नहीं होता।
किसके लिए है यह प्लान बेहतर?
यह प्लान उन यूजर्स के लिए ज्यादा फायदेमंद है जो कम कीमत में पूरे महीने की वैलिडिटी चाहते हैं और जिनके लिए अनलिमिटेड 5G जरूरी नहीं है।
निष्कर्ष: Reliance Jio का ₹339 प्लान उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाया गया है जो किफायती कीमत में लंबे समय तक स्थिर वैलिडिटी चाहते हैं। हालांकि, 5G यूजर्स के लिए ₹349 प्लान अभी भी बेहतर विकल्प बना हुआ है।
वाराणसी। अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत नगर निगम के वरुणा पार, रामनगर और सुजाबाद समेत 18 वार्डों में 814 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं को सरकार से प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी …
वाराणसी। अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत नगर निगम के वरुणा पार, रामनगर और सुजाबाद समेत 18 वार्डों में 814 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं को सरकार से प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिल गई है। आधुनिक तकनीक पर आधारित इन योजनाओं का शिलान्यास जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय के लिए सुदृढ़ किया जाएगा।
इस योजना के तहत 651 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन डाली जाएगी, जिससे लगभग तीन लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही 67,886 घरों को स्वच्छ पेयजल कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।
जल भंडारण और दबाव को संतुलित रखने के लिए 18 ओवरहेड टैंक और 22 अंडरग्राउंड जलाशयों (CWR) का निर्माण प्रस्तावित है। इस पूरी व्यवस्था की खासियत यह है कि इसे स्काडा तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिससे जल निगम के कंट्रोल सेंटर से ही सप्लाई, लीकेज और प्रेशर पर नजर रखी जा सकेगी। इससे पानी की बर्बादी कम होगी और स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में जलापूर्ति को बेहतर बनाना है, जहां फिलहाल कम वोल्टेज या जर्जर पाइपलाइन के कारण पानी की समस्या बनी रहती है।
स्वीकृत परियोजनाएं और क्षेत्र:
शिवपुरवा-तुलसीपुर क्षेत्र: शिवपुरवा, तुलसीपुर, बिरदोपुर और काजीपुरा वार्ड के लिए 184.09 करोड़ रुपये स्वीकृत, 112.17 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
दुर्गाकुंड व भेलूपुर क्षेत्र: 166.67 करोड़ रुपये की लागत से 251.92 किमी लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी।
शिवाला व नगवा क्षेत्र: 87.95 करोड़ रुपये से 94.77 किमी का पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
खुशहाल नगर व नई बस्ती वार्ड: 45.91 करोड़ रुपये में ओवरहेड टैंक के साथ 58.35 किमी पाइपलाइन का निर्माण होगा।
प्रह्लाद घाट क्षेत्र: 33.44 करोड़ रुपये से 34.44 किमी पाइपलाइन बिछाने की योजना।
ट्रांस वरुणा जलापूर्ति योजना (लमही जोन) फेज-1 पार्ट-बी: 137.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
सुजाबाद जोन: 34.77 करोड़ रुपये की परियोजना।
पेयजल योजना (क्लस्टर-2) विस्तारित वार्ड: 33.44 करोड़ रुपये स्वीकृत।
पेयजल योजना (रामनगर): 90.85 करोड़ रुपये की योजना।
814 करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी योजना शहर के 18 वार्डों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। प्रधानमंत्री के हाथों शिलान्यास के बाद हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
— अशोक कुमार तिवारी, महापौर
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लागू होने के बाद शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में आने वाले कई वर्षों तक पानी की समस्या से राहत मिलेगी। पहली किस्त जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।