मुंबई। नितेश तिवारी की बिग बजट फिल्म Ramayana का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके विजुअल्स, किरदारों के लुक और खासतौर पर भगवान राम के कॉस्ट्यूम को लेकर बहस तेज हो गई है। कई अनुभवी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म के लुक को “चूक गया अवसर” बताते हुए इसमें रचनात्मकता और सांस्कृतिक गहराई की कमी की ओर इशारा किया है।
टीवी शोज से कमज़ोर लगे फिल्म के कॉस्ट्यूम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीवी के लोकप्रिय पौराणिक शोज पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर Shibapriya Sen ने कहा कि फिल्म का टीजर उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उनके अनुसार, टीवी धारावाहिकों में भी सीमित बजट और समय के बावजूद कॉस्ट्यूम डिजाइन अधिक समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से जुड़े होते थे।
उन्होंने बताया कि भगवान राम के मुकुट, सीता के परिधान और हनुमान के लुक में भारतीय मंदिरों, मूर्तियों और पारंपरिक कला जैसे मधुबनी, अजंता-एलोरा और हम्पी से प्रेरणा ली जाती थी, जो उन्हें अधिक प्रामाणिक बनाती थी।
‘नवाचार और सौंदर्य की कमी’ का आरोप
वहीं ‘सिया के राम’ और ‘देवों के देव…महादेव’ जैसे शोज में काम कर चुकी डिजाइनर Neerusha Nikhat ने भी फिल्म के कॉस्ट्यूम को लेकर निराशा जताई। उनका कहना है कि इतने बड़े बजट और तकनीकी संसाधनों के बावजूद फिल्म में अपेक्षित नवाचार और विजुअल अपील नजर नहीं आती।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट में अनुभवी डिजाइनर्स को शामिल किया जाना चाहिए था, ताकि किरदारों की भव्यता और सांस्कृतिक पहचान बेहतर तरीके से उभर सके।
बड़े बजट के बावजूद ‘मिस्ड ऑपर्च्युनिटी’
डिजाइनर्स का मानना है कि फिल्म में परिधानों और आभूषणों के जरिए भारतीय संस्कृति को और गहराई से प्रस्तुत किया जा सकता था। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट दर्शकों के लिए एक यादगार विजुअल अनुभव बन सकता था, लेकिन फिलहाल यह एक “मिस्ड क्रिएटिव ऑपर्च्युनिटी” नजर आ रहा है।
रिलीज से पहले ही बढ़ी चर्चा
हालांकि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन टीजर के आधार पर ही सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में इसकी आलोचना शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि फिल्म के अगले प्रमोशनल कंटेंट और रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है।
