कोडीन कफ सिरप की फर्जी बिलिंग करने वाला आरोपी भदोही से गिरफ्तार, 3.57 करोड़ की हेराफेरी
भदोही: भदोही में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में वाराणसी …
भदोही: भदोही में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में वाराणसी …
भदोही: भदोही में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में वाराणसी निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी इस अवैध नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था और फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़े पैमाने पर कफ सिरप की खरीद-बिक्री दिखाकर उसे अवैध बाजार में खपाया जा रहा था। आरोपी की पहचान विजय गुप्ता के रूप में हुई है, जिसे मुखबिर की सूचना पर चौरी थाना क्षेत्र के मानिकपुर तिराहे से दबोचा गया।
जांच में सामने आया है कि करीब 2.57 लाख बोतल ‘न्यू फैंसीडील’ कफ सिरप के नाम पर फर्जी बिलिंग की गई थी। इस पूरे माल की कीमत लगभग 3.57 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि इन दवाओं को वैध सप्लाई दिखाकर असल में नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल किया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच के दौरान यह भी पता चला कि यह नेटवर्क सिर्फ भदोही तक सीमित नहीं है, बल्कि वाराणसी समेत कई जिलों में फैला हुआ है। पुलिस को आशंका है कि इस रैकेट में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जो फिलहाल फरार हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आजमगढ़ की कुछ फर्मों द्वारा हजारों बोतलों की सप्लाई कागजों में दिखाई गई थी, लेकिन ये दस्तावेज पूरी तरह फर्जी निकले। असल में माल को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के बजाय अवैध चैनलों के जरिए बेचा जा रहा था।
इस मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल में प्रेमी युगल के बीच विवाद के दौरान गोली चलने से हड़कंप मच गया। घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, …
वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल में प्रेमी युगल के बीच विवाद के दौरान गोली चलने से हड़कंप मच गया। घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कैंटोनमेंट क्षेत्र के माल रोड स्थित एक होटल के कमरे में ठहरे युवक और युवती के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि बंद कमरे के अंदर मारपीट के बाद गोली चल गई। फायरिंग के दौरान युवती को गोली लगी—एक गोली उसकी कमर में धंसी, जबकि दूसरी उसके चेहरे और गर्दन के पास से निकल गई।
गोली लगते ही युवती लहूलुहान होकर गिर पड़ी। घटना के बाद युवक ने ही उसे अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
बताया जा रहा है कि युवती गाजीपुर की रहने वाली है और वाराणसी में रहकर एक निजी संस्थान में काम करती है। युवक के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों होटल में ठहरे हुए थे। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया कि दोनों ने होटल में जो पहचान पत्र जमा किए थे, उनमें पता फर्जी दर्ज था।
घटना के बाद कुछ समय तक स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं हो पाई, जिससे सवाल भी उठे। बाद में सिगरा थाना पुलिस के माध्यम से सूचना मिलने पर कैंट पुलिस हरकत में आई। मौके पर डायल 112 की टीम भी पहुंची थी। कैंट थाना प्रभारी ने बताया कि युवती ने शुरुआती पूछताछ में दावा किया है कि गोली उसने खुद चलाई थी, जो उसे ही लग गई। हालांकि, पुलिस इस बयान की सत्यता की जांच कर रही है। युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और घटना में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश जारी है।
फिलहाल पुलिस प्रेम प्रसंग, आपसी विवाद और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और होटल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
वाराणसी। शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से वरुणा जोन में पुलिस महकमे में व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है। पुलिस स्थापना बोर्ड के फैसले के …
वाराणसी। शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से वरुणा जोन में पुलिस महकमे में व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है। पुलिस स्थापना बोर्ड के फैसले के तहत 17 उप-निरीक्षकों (SI) का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, कई महत्वपूर्ण चौकियों की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है। घनश्याम निषाद को रोहनिया थाने से स्थानांतरित कर कचहरी चौकी (थाना कैंट) का प्रभारी बनाया गया है। वहीं शैलेन्द्र सिंह को चौबेपुर से हटाकर पंडित दीनदयाल अस्पताल चौकी (थाना कैंट) की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह दिनेश सिंह को रोहनिया से पांडेयपुर चौकी (थाना लालपुर-पांडेयपुर) भेजा गया है। महेश मिश्रा को पहाड़िया चौकी से हटाकर चिरईगांव चौकी (थाना चौबेपुर) का प्रभारी बनाया गया है।
अमित कुमार को अकेलवा चौकी से हटाकर वरुणा जोन के पुलिस उपायुक्त के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के रूप में तैनात किया गया है। इसके अलावा अजय कुमार और कमल सिंह यादव को क्रमशः सारनाथ और चौबेपुर से हटाकर थाना कैंट में भेजा गया है।
सूची में शामिल लल्लन यादव, राम सनेही रावत, सुरेंद्र कुमार यादव और देवव्रत तिवारी को भी विभिन्न स्थानों से स्थानांतरित कर थाना कैंट में तैनाती दी गई है।
12 अप्रैल 2026 को जारी इस आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी संबंधित अधिकारियों को स्थानांतरित कर्मियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर भेजना होगा। साथ ही, इसकी अनुपालन रिपोर्ट भी शीघ्र उच्च अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी।
वाराणसी। काशी जोन के अंतर्गत चौक थाना पुलिस ने यौन उत्पीड़न और POCSO एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर अहम सफलता हासिल की …
वाराणसी। काशी जोन के अंतर्गत चौक थाना पुलिस ने यौन उत्पीड़न और POCSO एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर अहम सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान समीर हासमी (24) पुत्र मुनावर अली, निवासी बलुआ गली, काशीपुरा, थाना चौक के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने उसे नीची बाग पोस्ट ऑफिस के पास से हिरासत में लिया।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता (काल्पनिक नाम) के परिजनों ने 11 अप्रैल 2026 को चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपी पिछले 5 वर्षों से युवती का पीछा कर रहा था और मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। बताया गया कि जब पीड़िता नाबालिग थी, तभी से उसे झूठे प्रेम जाल में फंसाने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे परिवार में डर और तनाव का माहौल बना हुआ था।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।
वाराणसी। तेजी से बदलते तकनीकी युग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच जहां पारंपरिक कलाएं धीरे-धीरे पीछे छूटती जा रही हैं, वहीं काशी की धरती पर कुछ कलाकार अब …
वाराणसी। तेजी से बदलते तकनीकी युग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच जहां पारंपरिक कलाएं धीरे-धीरे पीछे छूटती जा रही हैं, वहीं काशी की धरती पर कुछ कलाकार अब भी इन विरासतों को संजोए रखने में जुटे हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है कठपुतली कलाकार मिथिलेश दुबे की, जो पिछले करीब 20 वर्षों से इस विलुप्त होती कला को जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं।
मिथिलेश दुबे और उनकी टीम, जिसमें करीब 10 से 12 सदस्य शामिल हैं, ग्लव्स पपेट (दस्ताने वाली कठपुतली) के माध्यम से सामाजिक विषयों और जीवन से जुड़ी कहानियां लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक करना भी है।
मिथिलेश बताते हैं कि उन्होंने यह कला पश्चिम बंगाल के अपने गुरु स्वर्गीय सुरेश दत्त से सीखी। थिएटर आर्टिस्ट रहने के दौरान उन्होंने महसूस किया कि कठपुतली कला धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। इसी सोच ने उन्हें इस कला को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
मिथिलेश और उनकी टीम अलग-अलग विषयों पर आधारित प्रस्तुतियां तैयार करती है। एक छोटी कहानी तैयार करने में जहां 2 से 3 महीने का समय लगता है, वहीं किसी ऐतिहासिक या विशिष्ट व्यक्तित्व पर आधारित प्रस्तुति बनाने में करीब एक साल तक का समय लग जाता है। वर्तमान में उनकी टीम सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर आधारित प्रस्तुति तैयार कर रही है।
उत्तर प्रदेश में खासतौर पर ग्लव्स पपेट काफी लोकप्रिय है, जिसमें कलाकार उंगलियों के जरिए पात्रों को जीवंत बनाते हैं।
मिथिलेश दुबे अब तक देश के 18 राज्यों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। वे समय-समय पर वर्कशॉप आयोजित कर बच्चों और युवाओं को इस कला से परिचित कराते हैं और अब तक 50 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दे चुके हैं।
हालांकि, मिथिलेश मानते हैं कि इस कला से जुड़े कलाकारों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होती, जिसके कारण नई पीढ़ी इसमें कम रुचि ले रही है। उनका कहना है कि यदि सरकार और सामाजिक संस्थाएं सहयोग करें तो इस पारंपरिक कला को न केवल बचाया जा सकता है, बल्कि इसे रोजगार का माध्यम भी बनाया जा सकता है।
वाराणसी। दक्षिण भारतीय अभिनेता Arya (आर्या) का वाराणसी को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि काशी में साधुओं के वेश में 40% अपराधी छिपे हुए हैं। 11 …
वाराणसी। दक्षिण भारतीय अभिनेता Arya (आर्या) का वाराणसी को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि काशी में साधुओं के वेश में 40% अपराधी छिपे हुए हैं। 11 अप्रैल (शनिवार) कोAsianet News को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपना अनुभव शेयर किया।
अपनी फिल्म Naan Kadavul की शूटिंग के अनुभव साझा करते हुए आर्या ने दावा किया कि काशी में करीब 40 प्रतिशत साधु वास्तव में अपराधी हो सकते हैं, जो कानून से बचने के लिए साधु का वेश धारण करते हैं। उनके इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग एक्टर का विरोध कर रहे हैं।
इंटरव्यू में अभिनेता ने बताया कि वर्ष 2009 में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने वाराणसी के घाटों और वहां के साधु-संतों को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर शहर की आध्यात्मिक ऊर्जा ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया, वहीं कुछ अनुभव ऐसे भी रहे, जिन्होंने उन्हें चौंका दिया। आर्या के अनुसार, कई लोग भगवा वस्त्र पहनकर साधु बन जाते हैं, लेकिन उनका असली मकसद अपनी पहचान छिपाना होता है।
Tamil actor Arya says-
— News Arena India (@NewsArenaIndia) April 11, 2026
"40% sadhus in Varanasi are fake and many of them are criminals hiding from the law."
Arya's actual name is Jamshad Cethirakath and he is a Muslim.
Source : Asianet
अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें यह महसूस हुआ कि हर साधु वैसा नहीं होता जैसा आमतौर पर माना जाता है। उनके बयान के मुताबिक, कुछ लोग साधु का रूप धारण कर कानून से बचने की कोशिश करते हैं और यही वजह है कि उन्होंने ऐसा आकलन किया। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि वाराणसी की आध्यात्मिक विरासत बेहद समृद्ध और अनूठी है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।
आर्या का यह बयान जैसे ही सार्वजनिक हुआ, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ लोगों ने इसे एक व्यक्तिगत अनुभव बताते हुए उनकी स्पष्टवादिता की सराहना की, तो वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने इसे एकतरफा और सामान्यीकरण वाला बयान करार दिया। आलोचकों का कहना है कि काशी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर के साधु-संतों पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। कुछ लोगों ने कहा कि राम मंदिर के बारे में गलत सोच रखने वाले मौलानाओं के बारे में क्यों नहीं बोलते?
धार्मिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े कुछ लोगों ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान न केवल साधु समाज की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि शहर की धार्मिक पहचान को भी प्रभावित करते हैं। वहीं कुछ लोग यह भी मानते हैं कि अगर कहीं गलत तत्व हैं, तो उस पर चर्चा होना भी जरूरी है, लेकिन पूरे समुदाय को एक नजर से देखना उचित नहीं है।
कानपुर | कानपुर के घंटाघर इलाके में स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में घुसकर महज 7 मिनट के …
कानपुर | कानपुर के घंटाघर इलाके में स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में घुसकर महज 7 मिनट के भीतर भगवान गणेश के चांदी के 7 मुकुट चुरा लिए और फरार हो गए। पूरी वारदात मंदिर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, चोरी करने वाला आरोपी हेलमेट पहने हुए था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। उसके साथ एक महिला भी थी, जिसने पूरी घटना में उसका साथ दिया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दोनों बेहद शातिर तरीके से मंदिर में प्रवेश करते हैं और कुछ ही मिनटों में मुकुट लेकर निकल जाते हैं।
बताया जा रहा है कि चोरी हुए सातों मुकुटों का कुल वजन करीब 600 ग्राम है। ये मुकुट रोजाना भगवान गणेश की प्रतिमा पर सजाए जाते थे और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र थे। इस घटना के बाद मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के इलाकों में भी पूछताछ की जा रही है।
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मथुरा | वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद शनिवार को भी रेस्क्यू …
मथुरा | वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद शनिवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, लेकिन अब तक 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं। समय बीतने के साथ परिजनों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं और घाटों पर मातम का माहौल है।
हादसे के बाद सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) समेत करीब 250 जवानों की टीम लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी है। यमुना के लगभग 14 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, तेज बहाव और नदी में जमी गाद-कीचड़ के कारण लापता लोगों की तलाश में भारी दिक्कतें आ रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि शव बहकर दूर तक जा सकते हैं या फिर नदी के तल में दब सकते हैं।
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केशी घाट के पास हुआ। बताया जा रहा है कि करीब 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां यमुना की गहराई करीब 25 फीट है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव पलटते ही अफरा-तफरी मच गई और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर मौजूद नाविकों और मजदूरों ने पानी में कूदकर कई लोगों की जान बचाई।
इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। मृतकों में एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं, जिनमें मां-बेटा, चाचा-चाची और अन्य रिश्तेदार भी थे। ये सभी श्रद्धालु पंजाब से दर्शन के लिए आए थे। अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद फरार चल रहे नाविक पप्पू निषाद को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नाव में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को लाइफ जैकेट तक नहीं दी गई थी। पुलिस अब नाव की तकनीकी स्थिति और नाविक के लाइसेंस की भी जांच कर रही है।
हादसे से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में श्रद्धालु खुशी-खुशी “राधे-राधे” का जाप करते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में हादसे के बाद की अफरा-तफरी और लोगों की जान बचाने की जद्दोजहद दिख रही है। इन दृश्यों ने पूरे मामले को और भी भावुक बना दिया है और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मथुरा में कल काफी अफ़सोसजन घटना घटी, नाव में बैठे भक्तों से भरी नाव पलट गई जिसके 14 के करीब श्रद्धालुओं का निधन हो गया।
— Vikas Kumar Jatav (@vkjatav84) April 11, 2026
अब घटना से पहले की क्लिप सामने आई है जिसमे श्रद्धालु भजन कर रहे है।
दुःखद। pic.twitter.com/I8t1gQWqIO
मथुरा वृंदावन में हुए नाव हादसे का वीडियो देखिए
— YOUTH_ARMY (@Youth_Army_IN) April 10, 2026
लोग कैसे बह रहे है वो क्या सोच रहे होंगे … वो तकलीफ़, वो पीड़ा मौत का डर !
अगर आपको तैरना ना आता हो तो बिना लाइफ सपोर्ट जैकेट के नाव में ना बैठे परिस्थिति चाहे जैसी भी हो !!
राधे–राधे गा रहे पंजाब के तीर्थयात्री हैं, जिनकी… pic.twitter.com/7nKkJOzCVi
घटनास्थल पर अभी भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। लापता लोगों के परिजन घाट पर अपने अपनों के इंतजार में बैठे हैं। हर गुजरते पल के साथ उम्मीदें कम होती जा रही हैं और माहौल बेहद भावुक बना हुआ है।
भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है। हिंदी सिनेमा की मशहूर और दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। …
भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है। हिंदी सिनेमा की मशहूर और दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं।
जानकारी के अनुसार, उन्हें शनिवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें दिल और सांस से जुड़ी दिक्कतें थीं। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ICU में रखा गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके बेटे आनंद भोसले ने रविवार दोपहर उनके निधन की पुष्टि की। परिवार के मुताबिक, अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा।
आशा भोसले भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल और लोकप्रिय गायिकाओं में से एक थीं। उनकी पहचान उनकी बहन लता मंगेशकर के साथ हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की सबसे बड़ी आवाजों में की जाती थी। 1933 में जन्मी आशा भोसले ने बहुत कम उम्र में ही गायन शुरू कर दिया था। उन्होंने 1943 में अपना पहला फिल्मी गीत रिकॉर्ड किया और 1950 के दशक तक वह बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बना चुकी थीं। इसके बाद कई दशकों तक उन्होंने संगीत जगत पर राज किया।
शुरुआत में उन्हें कैबरे और डांस नंबर्स तक सीमित माना गया, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा से हर तरह के गाने गाकर खुद को साबित किया। खासकर फिल्म ‘उमराव जान’ के ग़ज़लों ने उनकी गायकी को नई ऊंचाई दी। उन्हें 7 बार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका पुरस्कार और 2 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। “दिल चीज क्या है” और “मेरा कुछ सामान” जैसे गीत उनके करियर के मील के पत्थर माने जाते हैं।
एक इंटरव्यू में आशा भोसले ने आधुनिक संगीत को लेकर अपनी साफ राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि वह आजकल के गाने कम ही सुनती हैं और ज्यादा ध्यान शास्त्रीय संगीत और ग़ज़लों पर देती हैं। उन्होंने राहत फतेह अली खान और सुनिधि चौहान जैसे कुछ कलाकारों के काम की सराहना भी की थी, लेकिन पुराने गानों को ही ज्यादा पसंद करने की बात कही थी।
आशा भोसले का निजी जीवन भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने परिवार के खिलाफ जाकर गणपत राव भोसले से शादी की, लेकिन बाद में यह रिश्ता टूट गया। इसके बाद उन्होंने 1980 में मशहूर संगीतकार राहुल देव बर्मन से विवाह किया। यह रिश्ता भी कई विवादों के बीच रहा, लेकिन दोनों की जोड़ी संगीत जगत में बेहद सफल रही। आरडी बर्मन का 1994 में निधन हो गया था।
उनकी पोती जनाई भोसले भी गायन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अंतिम समय तक आशा भोसले के साथ रहीं।
आशा भोसले के निधन के साथ ही भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। उनकी आवाज, उनके गीत और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
12 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज ग्रहों की विशेष स्थिति जीवन के कई पहलुओं—करियर, धन, संबंध और स्वास्थ्य—पर गहरा प्रभाव डाल सकती …
12 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज ग्रहों की विशेष स्थिति जीवन के कई पहलुओं—करियर, धन, संबंध और स्वास्थ्य—पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। खास बात यह है कि मीन राशि में सूर्य, बुध, मंगल और शनि का एक साथ होना एक शक्तिशाली योग बना रहा है, जो लोगों के निर्णय, सोच और भविष्य की योजनाओं को प्रभावित करेगा।
वहीं चंद्रमा का मकर राशि में गोचर व्यक्ति को अधिक व्यावहारिक, अनुशासित और लक्ष्य केंद्रित बनाएगा। यह समय केवल सपने देखने का नहीं, बल्कि उन्हें हकीकत में बदलने के लिए ठोस कदम उठाने का है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह योग उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है जो लंबे समय से अपने जीवन में स्थिरता और दिशा की तलाश कर रहे हैं।
मीन राशि में चार ग्रहों का एक साथ होना मानसिक गहराई, आध्यात्मिकता और दूरदर्शिता को बढ़ाता है। यह संयोग व्यक्ति को अपने अंदर झांकने और भविष्य की ठोस योजना बनाने के लिए प्रेरित करता है। हालांकि बुध के कमजोर प्रभाव के कारण कुछ लोगों को निर्णय लेने में भ्रम या संचार में गलतफहमी का सामना करना पड़ सकता है।
मकर राशि में चंद्रमा का प्रभाव आपको व्यावहारिक बनाएगा, जिससे आप भावनाओं के बजाय तथ्यों के आधार पर फैसले ले सकेंगे। कुल मिलाकर यह दिन संतुलन और समझदारी का है।
मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समर्पण को सराहा जाएगा। लंबे समय से अटके काम पूरे होने के संकेत हैं। हालांकि मानसिक तनाव और थकान महसूस हो सकती है, इसलिए खुद को ज्यादा दबाव में न डालें।
करियर: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
वित्त: अनावश्यक खर्चों से बचें।
स्वास्थ्य: योग और मेडिटेशन फायदेमंद रहेगा।
आज वृषभ राशि के लोग अपने अनुभव और समझदारी से बेहतर फैसले ले पाएंगे। वरिष्ठों और मेंटर्स का मार्गदर्शन आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा।
करियर: नए अवसर मिल सकते हैं।
वित्त: निवेश से पहले सोच-समझकर निर्णय लें।
लव लाइफ: छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो सकता है।
मिथुन राशि वालों के लिए दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। आपको कई जिम्मेदारियों को एक साथ संभालना पड़ सकता है।
करियर: नेटवर्किंग और रिसर्च से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी।
वित्त: अचानक खर्च सामने आ सकते हैं।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए ध्यान करें।
कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन रिश्तों और साझेदारी के लिहाज से अच्छा रहेगा।
करियर: टीमवर्क में सफलता मिलेगी।
वित्त: खर्च बढ़ सकते हैं।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए मेडिटेशन करें।
सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत और अनुशासन का है।
करियर: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
वित्त: अचानक खर्च के योग हैं।
स्वास्थ्य: नियमित व्यायाम करें।
कन्या राशि के लोगों के लिए आज रचनात्मकता और नए अवसरों का दिन है।
करियर: ऑफिस में प्रशंसा मिलेगी।
वित्त: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी।
लव लाइफ: पार्टनर के साथ संवाद बेहतर रखें।
तुला राशि वालों के लिए आज संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।
करियर: सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा।
वित्त: बजट को संतुलित रखें।
स्वास्थ्य: ध्यान और योग करें।
वृश्चिक राशि के जातकों में आज साहस और आत्मविश्वास की वृद्धि होगी।
करियर: तकनीकी और रिसर्च कार्यों में सफलता मिलेगी।
वित्त: जोखिम भरे निवेश से बचें।
स्वास्थ्य: प्राणायाम करें।
धनु राशि के लोगों का ध्यान आज परिवार और आर्थिक मामलों पर रहेगा।
करियर: मेहनत का फल मिलेगा।
वित्त: बजट बनाकर चलें।
स्वास्थ्य: थकान महसूस हो सकती है।
मकर राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास और उपलब्धियों से भरा रहेगा।
करियर: बड़ी सफलता मिल सकती है।
वित्त: आय में वृद्धि के संकेत हैं।
स्वास्थ्य: योग और स्ट्रेचिंग करें।
कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता का है।
करियर: पर्दे के पीछे की गई मेहनत रंग लाएगी।
वित्त: खर्च बढ़ सकते हैं।
स्वास्थ्य: पर्याप्त आराम करें।
मीन राशि वालों के लिए आज का दिन बेहद खास रहेगा।
करियर: नेटवर्किंग से लाभ मिलेगा।
वित्त: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
स्वास्थ्य: मेडिटेशन और पर्याप्त नींद जरूरी है।
आज का दिन अधिकांश राशियों के लिए नई दिशा, संतुलन और भविष्य की मजबूत योजना बनाने का संकेत दे रहा है। ग्रहों का यह दुर्लभ संयोग जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है, बशर्ते आप धैर्य और समझदारी के साथ निर्णय लें।
