चंदौली। उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद स्थित सनबीम स्कूल से जुड़ा मामला इन दिनों शिक्षा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद शुरू हुए विवाद को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच विद्यालय प्रबंधक संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच की मांग की है।
विद्यालय प्रबंधक संघ के प्रदेश संयोजक डॉ. विनय कुमार वर्मा ने कहा कि किसी भी अभिभावक के साथ सार्वजनिक रूप से अनुचित व्यवहार या अपमानजनक भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं हो सकता। विद्यालयों में संवाद, संयम और गरिमा का वातावरण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि कहीं संवाद की मर्यादा भंग होने की स्थिति सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और निर्णय केवल तथ्यों के आधार पर लिया जाना चाहिए।
संघ ने कहा कि केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर बिना समुचित जांच के किसी भी विद्यालय, उसकी शैक्षिक व्यवस्था, वर्षों की उपलब्धियों और विद्यार्थियों के भविष्य को सवालों के घेरे में खड़ा करना उचित नहीं है। किसी भी शैक्षणिक संस्था का मूल्यांकन उसके दीर्घकालिक योगदान, अनुशासन, परिणाम और सामाजिक भूमिका के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए तथा वर्तमान छात्रों, पूर्व विद्यार्थियों और अभिभावकों से भी राय ली जाए, ताकि विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता और कार्यप्रणाली की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। साथ ही दोनों पक्षों की बातों को समान रूप से सुनकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।
विद्यालय प्रबंधक संघ का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी निर्णय से पहले संतुलन, संयम और निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है। किसी एक घटना के आधार पर व्यापक निष्कर्ष निकालना शिक्षा व्यवस्था और समाज दोनों के हित में नहीं होगा।
संघ ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की पारदर्शी जांच कराकर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए, जिससे सत्य सामने आए और शिक्षा संस्थानों के प्रति समाज का विश्वास भी बना रहे।
