वाराणसी। जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं आसमान से आग बरसती रही। हालात यह रहे कि सड़क से लेकर घाट तक सन्नाटा पसरा रहा। वहीं दिन के अलावा रातें भी गर्म हो रही हैं। लोगों को ईएसआई और कूलर के बावजूद गर्मी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। इसके कारण वाराणसी प्रदेश का पांचवां सबसे गर्म शहर बन गया। तेज धूप और झुलसा देने वाली हवाओं का असर गंगा घाटों पर भी साफ दिखाई दिया, जहां सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ नजर आई और कई घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा।
मौसम विभाग ने 24 मई से 26 मई तक वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म पछुआ हवाएं चल सकती हैं। हालांकि पुरवा हवाओं के कारण गर्म हवाओं की तीव्रता में थोड़ी कमी देखने को मिली है, लेकिन उमस और तपिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।.

मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं हैं। उनके मुताबिक बुंदेलखंड क्षेत्र में पछुआ हवाओं का प्रभाव अधिक दिखाई दे रहा है, लेकिन अगले एक-दो दिनों में पूर्वांचल में भी इसका असर तेज हो सकता है। रेड अलर्ट के बाद भी अगले सप्ताह तक यलो अलर्ट जारी रहने की संभावना है।
इधर 25 मई से शुरू होने वाले नौतपा को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। नौतपा 2 जून तक रहेगा और इस दौरान भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम संबंधी वेबसाइटों के अनुसार अगले पांच दिनों तक तापमान में खास कमी की उम्मीद नहीं है। हालांकि 30 मई के आसपास हल्की बारिश और तापमान में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। उस दिन अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

भीषण गर्मी का असर धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। लोहटिया स्थित राम-जानकी मंदिर में भगवान राम दरबार के सामने लगातार कूलर चलाए जा रहे हैं ताकि मंदिर परिसर में शीतल वातावरण बना रहे। मंदिर प्रशासन ने भगवान की मूर्तियों को सूती वस्त्र पहनाए हैं और भोग में ठंडी तासीर वाले फल एवं प्रसाद अर्पित किए जा रहे हैं। मंदिर के पुजारी देवेंद्रनाथ चौबे ने कहा कि जैसे मनुष्यों को मौसम का प्रभाव महसूस होता है, उसी प्रकार भगवान के लिए भी मौसम के अनुरूप व्यवस्थाएं की जाती हैं।

वहीं, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर गर्म फर्श से बचाव के लिए जूट मैट बिछाई गई है ताकि नंगे पैर चलने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। इसके अलावा छाया के लिए जर्मन हैंगर और टेंसाइल स्ट्रक्चर लगाए गए हैं। गर्मी से राहत देने के लिए मिस्ट फैन लगाए गए हैं और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए आरोग्य केंद्र, एंबुलेंस और प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।

भीषण गर्मी और लू के चलते प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
