वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आउटसोर्सिंग कर्मियों की भर्ती और उनके मानदेय में धांधली करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। हवाई अड्डे पर कार्यदायी संस्था के रूप में काम कर रही ‘एस.एन. इलेक्ट्रिकल’ (S.N. Electrical) कंपनी पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज की तीखी शिकायत और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के कड़े रुख के बाद, घिरी हुई कंपनी को आखिरकार बैकफुट पर आना पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी के ठेकेदार और मालिक ने कार्रवाई से बचने के लिए अपना टेंडर ही सरेंडर (छोड़) कर दिया है।
इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा करते हुए सांसद प्रिया सरोज ने बताया कि उन्हें वाराणसी एयरपोर्ट पर तैनात आउटसोर्सिंग कर्मियों के आर्थिक शोषण और वेतन कटौती की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ₹12,000 से ₹25,000 की मामूली मासिक पगार पाने वाले इन कर्मचारियों से अवैध वसूली की जा रही थी। पीड़ित कर्मचारियों ने जब हिम्मत दिखाकर इस उगाही की पुख्ता ऑडियो रिकॉर्डिंग सांसद को सौंपी, तो उन्होंने मामले का कड़ा संज्ञान लिया। सांसद ने कर्मचारियों की आपबीती सुनने के बाद तुरंत उड्डयन मंत्रालय और स्थानीय उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा। उन्होंने केंद्रीय उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले को संसद में उठाने की चेतावनी दी, जिसके बाद भ्रष्टाचार का यह पूरा ताना-बाना बिखर गया।
सांसद की 22 मई को की गई इस लिखित शिकायत के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्त कदम उठाते हुए जांच की फाइल खोल दी है। शुरुआती जांच के आधार पर अवैध वसूली में लिप्त पाए गए तीन नामजद कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। वहीं, हवाई अड्डे की व्यवस्थाओं में कोई बाधा न आए और कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए पुरानी कार्यदायी कंपनी को 3 महीने का सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) दे दिया गया है। सांसद प्रिया सरोज ने दोहरे शब्दों में चेतावनी दी है कि हवाई अड्डे पर काम करने वाले किसी भी श्रमिक या कर्मचारी का उत्पीड़न और शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
