नई दिल्ली/मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े बताए जा रहे आतंकी हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने उसके ऑफिस में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान में छिपकर रह रहा था और खुद को शिक्षक बताकर पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार वह 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे।
पाकिस्तान में लगातार निशाने पर आतंकी
हमजा बुरहान की हत्या के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर तथाकथित “सीक्रेट किलर” या “मिस्ट्री किलर” की चर्चा तेज हो गई है। पिछले 4-5 वर्षों में पाकिस्तान और PoK में 25 से अधिक आतंकियों, कट्टरपंथियों और भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की जा चुकी है।
इनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े कई बड़े नाम शामिल रहे हैं। अधिकांश मामलों में हमलावरों की पहचान अब तक सामने नहीं आ सकी है।
कई बड़े आतंकी पहले भी हो चुके हैं ढेर
हाल के वर्षों में जिन आतंकियों और कट्टरपंथी चेहरों की हत्या हुई है, उनमें लश्कर-ए-तैयबा के करीबी शेख यूसुफ अफरीदी, टॉप कमांडर सैफुल्लाह खालिद, जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर शाहिद लतीफ, आतंकी अबू कताल, मौलाना काशिफ अली और अकरम गाजी जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा ISI से जुड़े बताए जाने वाले मुफ्ती शाह मीर, अल बद्र के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा और खालिस्तान कमांडो फोर्स के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवर की भी अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की जा चुकी है।
सोशल मीडिया पर दावे तेज
हमजा बुरहान की मौत के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे सामने आए हैं। कुछ पोस्ट्स में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों की किसी भी सरकारी एजेंसी या स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान में लगातार हो रही ऐसी टारगेट किलिंग्स के बाद वहां छिपे आतंकियों और उनके नेटवर्क में डर का माहौल है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल भारत और पाकिस्तान की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
