मुंबई: फिल्म, थिएटर और टेलीविजन जगत के दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का सोमवार को निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली और अपने पीछे दशकों लंबा समृद्ध कलात्मक सफर छोड़ गए।
भरत कपूर पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था। उनके करीबी मित्र और अभिनेता अवतार गिल ने उनके निधन की पुष्टि की। अवतार गिल के अनुसार, “वह पिछले दो-तीन दिनों से बीमार थे। दोपहर करीब 3 बजे घर पर ही उनका निधन हुआ। मुझे उनके बेटे का फोन करीब 4 से 4:30 बजे के बीच आया। वह काफी समय से काम से दूर थे।”
शाम को परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
भरत कपूर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1972 में की थी और लगभग चार दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहे। उन्होंने सहायक और खलनायक भूमिकाओं में अपनी खास पहचान बनाई और अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों के बीच लोकप्रिय बने।
उन्होंने कई चर्चित हिंदी फिल्मों में काम किया, जिनमें नूरी (1979), राम बलराम (1980), लव स्टोरी (1981), बाजार (1982), गुलामी (1985), आखिरी रास्ता (1986), सत्यमेव जयते (1987), स्वर्ग (1990), खुदा गवाह (1992) और रंग (1993) शामिल हैं।
इसके बाद भी उन्होंने बरसात (1995), साजन चले ससुराल (1996) और मीनाक्षी: ए टेल ऑफ थ्री सिटीज (2004) जैसी फिल्मों में काम कर अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी।
फिल्मों के अलावा भरत कपूर ने टेलीविजन में भी सफलता हासिल की। उन्होंने कैंपस, परंपरा, राहत, सांस, अमानत, तारा, चुनौती और कहानी चंद्रकांता की जैसे धारावाहिकों में अभिनय किया।
उनके निधन से फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर है।
