पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब राज्य की कमान भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी संभालेंगे। पार्टी …
पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब राज्य की कमान भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी संभालेंगे। पार्टी की विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
विधायक दल की बैठक में बनी सहमति
भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगी। उनके नाम का प्रस्ताव विजय कुमार सिन्हा ने रखा, जिसे रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत कई विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
सम्राट चौधरी ने जताया आभार
नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले दो दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और भाजपा से जुड़ने के बाद उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने दी बधाई
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी विधायकों की सहमति से सम्राट चौधरी को नेता चुना गया है। उन्होंने नीतीश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को अब नई सरकार आगे बढ़ाएगी।
नीतीश कुमार ने सौंपा इस्तीफा
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और अन्य नेता भी मौजूद रहे। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने जनता का अभिवादन किया।
जल्द पेश करेंगे सरकार बनाने का दावा
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी जल्द ही राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। माना जा रहा है कि नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में हाल ही में हुए श्रमिक विरोध और हिंसक घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रमिकों …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में हाल ही में हुए श्रमिक विरोध और हिंसक घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रमिकों की मांगों और हालात को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था, जिसने विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। समिति की सिफारिशों के आधार पर मजदूरी दरों में संशोधन किया गया, जिससे लाखों श्रमिकों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
अलग-अलग श्रेणियों में बढ़ी मजदूरी
नई दरों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी में लगभग 2300 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में भी क्रमशः 2600 और लगभग 2900 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी मजदूरी बढ़ाई गई है, जहां अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में अलग-अलग स्तर पर इजाफा हुआ है। वहीं, अन्य जिलों में भी श्रमिकों को राहत देने के लिए मजदूरी दरों में संशोधन किया गया है।
संतुलन बनाते हुए लिया गया निर्णय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब उद्योग जगत पहले से ही बढ़ती लागत, कच्चे माल की महंगाई और निर्यात में कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। इसके बावजूद श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और उद्योगों का संचालन भी प्रभावित न हो।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
सरकार ने यह भी साफ किया है कि सोशल मीडिया पर न्यूनतम मजदूरी 20,000 रुपये किए जाने जैसी खबरें भ्रामक हैं। लोगों से अपील की गई है कि केवल आधिकारिक आदेशों पर ही भरोसा करें।
आगे भी होगा व्यापक समाधान
शासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यह बढ़ोतरी फिलहाल तत्काल राहत के रूप में लागू की गई है। भविष्य में श्रम कानूनों की समीक्षा और वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान पर भी काम किया जाएगा।
मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि एक युवती से जुड़े प्रेम प्रसंग …
मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि एक युवती से जुड़े प्रेम प्रसंग के चलते चार युवकों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक शिवम सिंह (22) को 8 अप्रैल की रात शराब पिलाने के बहाने बुलाया गया था। इसके बाद आरोपियों ने बांस के डंडे से उसके सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी। अगली सुबह 9 अप्रैल को उसका शव रणवीरपुर गांव के पास सड़क किनारे खेत में मिला था।
14 घंटे बाद हुई मृतक की पहचान
शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन करीब 14 घंटे बाद पुलिस ने मृतक की पहचान कर ली और जांच को आगे बढ़ाया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस को प्रेम संबंध का एंगल मिला, जिसके बाद पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक का युवती से संबंध था, जबकि उसी युवती से अन्य युवक भी संपर्क में थे। इसी वजह से आरोपियों ने शिवम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। साजिश के तहत उसे नदी किनारे ले जाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गाजीपुर-मऊ बॉर्डर के पास से अनमोल सिंह उर्फ छंगर और अंचल राजभर को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बांस का डंडा, बाइक और स्कूटी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल अन्य दो आरोपी अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी …
लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमजान उर्फ रिंकू के रूप में हुई है, जो उन्नाव जिले के नई सराय का निवासी है। STF टीम ने उसे 13 अप्रैल 2026 को कृष्णानगर स्थित बैकुंठ धाम वीआईपी रोड से दबोचा।
बरामद सामान
4.645 किलोग्राम अवैध चरस
एक मोबाइल फोन
आधार कार्ड
₹4670 नकद
नेपाल से यूपी तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह नेपाल सीमा से चरस लाकर बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसकी आपूर्ति करता था। आरोपी काफी समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और उसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है।
खुफिया सूचना पर कार्रवाई
STF को लगातार मिल रही गोपनीय सूचनाओं के आधार पर टीम को सक्रिय किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन चलाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना कृष्णानगर में NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
मुंबई: भारतीय संगीत जगत के लिए बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल …
मुंबई: भारतीय संगीत जगत के लिए बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि देशभर के संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
आज दोपहर 4 बजे शिवाजी पार्क, मुंबई में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। सुबह से ही उनके मुंबई स्थित निवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो उनके देश के प्रति योगदान और सम्मान को दर्शाता है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
सुबह लगभग 10:30 बजे से उनके अंतिम दर्शन शुरू हुए। बड़ी संख्या में प्रशंसक, कलाकार और गणमान्य लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। हालांकि, परिवार की ओर से अपील की गई है कि अंतिम संस्कार के समय अधिक भीड़ न हो, ताकि व्यवस्था बनाए रखना आसान रहे।
सचिन तेंदुलकर हुए भावुक
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ आशा भोसले के घर पहुंचे। अंतिम दर्शन के बाद वह परिवार के सदस्यों से मिलकर भावुक हो गए और उन्हें गले लगाकर सांत्वना देते नजर आए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।
प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गजों ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आशा जी की आवाज ने दशकों तक भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी गायकी ने दुनियाभर के लोगों के दिलों को छुआ।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उनके निवास पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा बॉलीवुड के कई बड़े सितारों ने भी उन्हें याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
फिल्मी जगत में शोक, सितारों की आंखें नम
अभिनेता रितेश देशमुख, अभिनेत्री तब्बू और दिग्गज अदाकारा आशा पारेख समेत कई फिल्मी हस्तियां अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं। तब्बू इस दौरान काफी भावुक दिखीं और उन्होंने आशा भोसले के परिवार, खासकर उनकी पोती को गले लगाकर ढांढस बंधाया।
एक्ट्रेस आशा पारेख ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि आशा पारेख पर फिल्माए ‘पर्दे में रहने दो’, ‘आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा’ और ‘ओ मेरे सोना रे सोना रे’ जैसे गानों की आवाज आशा भोसले ने दी थी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अंतिम संस्कार से पहले शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
80 से अधिक वर्षों का स्वर्णिम संगीत सफर
आशा भोसले का संगीत करियर आठ दशकों से भी अधिक लंबा रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गाने गाए। उन्होंने फिल्मी, गैर-फिल्मी, ग़ज़ल, पॉप और भक्ति संगीत समेत कई शैलियों में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उनके गाए गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
उन्होंने अपने करियर में 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड समेत 100 से अधिक पुरस्कार जीते। इसके अलावा भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया था।
विरासत जो हमेशा जिंदा रहेगी
आशा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की एक ऐसी पहचान थीं, जिनकी आवाज ने पीढ़ियों को जोड़ा। उनकी गायकी में भावनाओं की गहराई और विविधता दोनों झलकती थीं।
आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाए गीत और उनकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा और भारतीय संगीत इतिहास में उनका नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
कानपुर | कानपुर के घंटाघर इलाके में स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में घुसकर महज 7 मिनट के …
कानपुर | कानपुर के घंटाघर इलाके में स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में घुसकर महज 7 मिनट के भीतर भगवान गणेश के चांदी के 7 मुकुट चुरा लिए और फरार हो गए। पूरी वारदात मंदिर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
हेलमेट पहनकर आए चोर, महिला साथी भी शामिल
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, चोरी करने वाला आरोपी हेलमेट पहने हुए था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। उसके साथ एक महिला भी थी, जिसने पूरी घटना में उसका साथ दिया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दोनों बेहद शातिर तरीके से मंदिर में प्रवेश करते हैं और कुछ ही मिनटों में मुकुट लेकर निकल जाते हैं।
600 ग्राम चांदी के मुकुट हुए चोरी
बताया जा रहा है कि चोरी हुए सातों मुकुटों का कुल वजन करीब 600 ग्राम है। ये मुकुट रोजाना भगवान गणेश की प्रतिमा पर सजाए जाते थे और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र थे। इस घटना के बाद मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस जांच में जुटी, केस दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं में नाराजगी
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के इलाकों में भी पूछताछ की जा रही है।
मथुरा | वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद शनिवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, लेकिन अब तक 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं। समय बीतने के साथ परिजनों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं और घाटों पर मातम का माहौल है।
14 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन, 250 जवान तैनात
हादसे के बाद सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) समेत करीब 250 जवानों की टीम लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी है। यमुना के लगभग 14 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, तेज बहाव और नदी में जमी गाद-कीचड़ के कारण लापता लोगों की तलाश में भारी दिक्कतें आ रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि शव बहकर दूर तक जा सकते हैं या फिर नदी के तल में दब सकते हैं।
25 फीट गहराई में पलटी नाव
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केशी घाट के पास हुआ। बताया जा रहा है कि करीब 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां यमुना की गहराई करीब 25 फीट है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव पलटते ही अफरा-तफरी मच गई और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर मौजूद नाविकों और मजदूरों ने पानी में कूदकर कई लोगों की जान बचाई।
एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत
इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। मृतकों में एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं, जिनमें मां-बेटा, चाचा-चाची और अन्य रिश्तेदार भी थे। ये सभी श्रद्धालु पंजाब से दर्शन के लिए आए थे। अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नाविक गिरफ्तार, लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद फरार चल रहे नाविक पप्पू निषाद को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नाव में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को लाइफ जैकेट तक नहीं दी गई थी। पुलिस अब नाव की तकनीकी स्थिति और नाविक के लाइसेंस की भी जांच कर रही है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई बेचैनी
हादसे से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में श्रद्धालु खुशी-खुशी “राधे-राधे” का जाप करते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में हादसे के बाद की अफरा-तफरी और लोगों की जान बचाने की जद्दोजहद दिख रही है। इन दृश्यों ने पूरे मामले को और भी भावुक बना दिया है और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मथुरा में कल काफी अफ़सोसजन घटना घटी, नाव में बैठे भक्तों से भरी नाव पलट गई जिसके 14 के करीब श्रद्धालुओं का निधन हो गया।
अब घटना से पहले की क्लिप सामने आई है जिसमे श्रद्धालु भजन कर रहे है।
घटनास्थल पर अभी भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। लापता लोगों के परिजन घाट पर अपने अपनों के इंतजार में बैठे हैं। हर गुजरते पल के साथ उम्मीदें कम होती जा रही हैं और माहौल बेहद भावुक बना हुआ है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद वर्ष 2026 की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। नई सूची के अनुसार राज्य में करीब 2 करोड़ …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद वर्ष 2026 की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। नई सूची के अनुसार राज्य में करीब 2 करोड़ 5 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। पहले प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ थी, जो अब घटकर लगभग 13.39 करोड़ रह गई है।
ड्राफ्ट लिस्ट के बाद लाखों नाम दोबारा जोड़े गए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, जनवरी में जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए गए थे। हालांकि बाद में सत्यापन, नोटिस और डेटा मिलान की प्रक्रिया के बाद लगभग 84 लाख मतदाताओं के नाम फिर से सूची में शामिल कर लिए गए।
ऐसे ऑनलाइन चेक करें वोटर लिस्ट में अपना नाम
मतदाता अपना नाम ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
“Final Roll 2026” या “SIR Final Roll 2026” विकल्प चुनें
जिला, विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर दर्ज करें
नाम, पिता/पति का नाम और उम्र भरें
PDF डाउनलोड कर सूची में अपना नाम खोजें
नाम कटने पर क्या करें?
यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो वह निम्न कदम उठा सकता है:
जिला निर्वाचन अधिकारी (DM) से शिकायत करें
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अपील करें
Form-6 भरकर दोबारा आवेदन करें
चुनाव से पहले जरूरी अपडेट
फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद राज्य में चुनावी तैयारियों को तेजी मिलने की संभावना है। निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने नाम की पुष्टि कर लें, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।
मेरठ। चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में कोर्ट में सभी 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। …
मेरठ। चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में कोर्ट में सभी 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अब 15 अप्रैल को मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां इस बहुचर्चित केस में अहम फैसला आने की उम्मीद है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग सभी गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ बयान दिए हैं, जिससे उनके दोषी साबित होने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।
पहले से रची गई थी खौफनाक साजिश
जांच में सामने आया कि यह हत्या अचानक नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत की गई थी। सौरभ राजपूत, जो विदेश में नौकरी करते थे, अपनी पत्नी और बेटी का जन्मदिन मनाने मेरठ आए थे। आरोप है कि 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान और साहिल ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने से पहले ही चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और प्लास्टिक ड्रम जैसी चीजें खरीद ली गई थीं।
हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें सीमेंट से भरे ड्रम में छिपा दिया गया। घटनास्थल पर खून के निशान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हत्या की क्रूरता की पुष्टि की।
परिवार के बयानों ने मजबूत किया केस
सौरभ के भाई राहुल ने कोर्ट में बताया कि जब लंबे समय तक संपर्क नहीं हो पाया तो उन्हें शक हुआ। बाद में घर पहुंचने पर उन्हें भाई का शव मिला। उन्होंने साफ तौर पर मुस्कान और साहिल को जिम्मेदार ठहराया।
वहीं, मृतक की मां ने भी बहू के व्यवहार और उसके साहिल से संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही परिवार में तनाव बना हुआ था और मुस्कान का व्यवहार ठीक नहीं था।
पड़ोसी और अन्य गवाहों ने भी दिए अहम बयान
एक पड़ोसी ने कोर्ट को बताया कि घटना वाली रात उसने साहिल को सौरभ के घर जाते देखा था। बाद में इलाके में चर्चा हुई कि दोनों ने मिलकर हत्या कर शव को ड्रम में छिपा दिया।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी कोर्ट में पेश होकर घटनास्थल की स्थिति का वर्णन किया, जिसमें पूरे कमरे में खून फैला होने और शव को काटकर छिपाने की बात सामने आई।
अब आगे क्या?
इस हाई-प्रोफाइल केस में सभी गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। अब 15 अप्रैल को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां अंतिम बहस के बाद फैसला सुनाया जा सकता है।
अब तक सामने आए साक्ष्य और गवाहों के बयान आरोपियों के खिलाफ मजबूत माने जा रहे हैं, जिससे सजा तय मानी जा रही है।
भोपाल/खरगोन। महाकुंभ के दौरान वायरल वीडियो से चर्चा में आई मोनालिसा भोंसले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि शादी के समय वह नाबालिग थीं। इस …
भोपाल/खरगोन। महाकुंभ के दौरान वायरल वीडियो से चर्चा में आई मोनालिसा भोंसले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि शादी के समय वह नाबालिग थीं। इस मामले में उनके पति फरमान खान के खिलाफ मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले की जांच राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) द्वारा की गई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि शादी के वक्त मोनालिसा की उम्र कानूनी सीमा से कम थी। आयोग की रिपोर्ट के बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि 11 मार्च 2026 को हुई शादी के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग किया गया था। महेश्वर नगर परिषद के रिकॉर्ड की जांच में मोनालिसा की वास्तविक जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 पाई गई। इस हिसाब से शादी के समय उनकी उम्र महज 16 वर्ष थी, जो कि कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
आरोपी पर कई गंभीर धाराएं
पुलिस ने आरोपी फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। NCST के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के निर्देश पर जांच की गई थी। फर्जी दस्तावेज को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ मामला
बताया जा रहा है कि महाकुंभ के दौरान वायरल हुए वीडियो के जरिए मोनालिसा सुर्खियों में आई थीं। इसके बाद उनकी शादी को लेकर कई सवाल उठे, जिसके बाद जांच शुरू हुई और अब यह बड़ा खुलासा सामने आया है।