• Banaras Now, Varanasi
  • May 30, 2026

वाराणसी के ऐतिहासिक दालमंडी इलाके में चल रही सड़क चौड़ीकरण योजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने परियोजना से प्रभावित छह मस्जिदों के पुनर्वास को लेकर मुस्लिम पक्ष के सामने प्रस्ताव रखा है। विभाग का कहना है कि यदि मस्जिद समितियां जमीन उपलब्ध कराती हैं, तो सरकार वहां नई मस्जिदों के निर्माण में सहयोग करेगी।

31 मई तक सभी संपत्तियां खाली कराने का लक्ष्य

PWD अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के तहत कुल 187 संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं। इनमें मकान, दुकानें और छह मस्जिदें शामिल हैं। अब तक 107 संपत्तियां खाली कराई जा चुकी हैं, जबकि बाकी 80 संपत्तियों को मई के अंत तक हटाने की तैयारी चल रही है। गुरुवार को सात पुराने और जर्जर भवनों को गिराया गया।

विभाग का लक्ष्य है कि 31 अगस्त तक सड़क चौड़ीकरण का पूरा कार्य समाप्त कर शासन को सौंप दिया जाए।

मस्जिद समितियों से लगातार बातचीत

PWD के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि मस्जिदों के मुतवल्लियों और प्रबंधन समितियों के साथ लगातार वार्ता जारी है। विभाग ने पुनर्वास के लिए दो विकल्प सुझाए हैं—

  • यदि वक्फ बोर्ड समान क्षेत्रफल की जमीन उपलब्ध कराता है, तो सरकार वहां मस्जिद निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देगी।
  • दूसरी स्थिति में यदि उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित होती है, तो उसी क्षेत्र में नई मस्जिदें बनवाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय मस्जिद समितियों की सहमति के बाद ही लिया जाएगा।

मुस्लिम पक्ष बोला— विकास कार्य का विरोध नहीं

करीमुल्लाह बेग मस्जिद से जुड़े मुजावर बाबू जान ने कहा कि सभी छह मस्जिदों के प्रतिनिधि मिलकर सामूहिक निर्णय लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि समुदाय विकास योजनाओं के खिलाफ नहीं है, लेकिन पूरी प्रक्रिया कानून और आपसी सहमति के तहत होनी चाहिए।

परियोजना से प्रभावित प्रमुख मस्जिदें

  • लंगड़ा हाफिज मस्जिद
  • करीमुल्लाह बेग मस्जिद
  • संगमरमर मस्जिद
  • निसारन मस्जिद
  • अली रजा मस्जिद
  • रंगीले शाह मस्जिद

परियोजना की मुख्य जानकारी

  • सड़क की लंबाई: लगभग 650 मीटर
  • प्रस्तावित चौड़ाई: करीब 17.4 मीटर
  • प्रभावित संपत्तियां: 187
  • कार्यदायी संस्था: PWD

इस सड़क के निर्माण के बाद लहुराबीर से गोदौलिया होते हुए काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है। साथ ही दालमंडी क्षेत्र में लंबे समय से बनी ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ की समस्या से भी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *