वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मासिक अपराध समीक्षा बैठक और सैनिक सम्मेलन के दौरान साफ संदेश दिया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
कार्य में ढिलाई और अपेक्षित परिणाम न मिलने पर पुलिस आयुक्त ने सख्त कार्रवाई करते हुए SOG-02 टीम को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। टीम से जुड़े सभी पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार नई टीम का गठन कार्य क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
इस प्रशासनिक बदलाव के तहत कई थाना और चौकी प्रभारियों के तबादले भी किए गए हैं। गोपाल जी कुशवाहा को साइबर क्राइम शाखा से हटाकर मिर्जामुराद थाने की कमान सौंपी गई है। वहीं शिवाकांत मिश्रा को कैंट से सिगरा थाना भेजा गया, जबकि संजय कुमार मिश्र को सिगरा से रामनगर स्थानांतरित किया गया। राजकिशोर पांडेय को रामनगर से कैंट थाने का प्रभारी बनाया गया है।
बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, एनडीपीएस एक्ट, गोतस्करी और यातायात व्यवस्था समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई। police आयुक्त ने महिला अपराधों में सख्त कार्रवाई और गंभीर मामलों में समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए। RTC Scheme और Zero Fatality District अभियान के तहत बिना नंबर प्लेट वाहनों, तीन सवारी, रांग साइड ड्राइविंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।
इसके अलावा रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण, सोशल मीडिया नीति, सीसीटीएनएस, ई-समन पोर्टल और डिजिटल पुलिसिंग को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। पुलिस अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, आलोक प्रियदर्शी समेत सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
