वाराणसी। Uttar Pradesh Special Task Force (STF) ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके सरगना धर्मेन्द्र पाण्डेय को वाराणसी से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को आर्मी ऑफिसर बताकर बेरोजगार युवकों को निशाना बनाता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था।
ऐसे हुआ खुलासा
STF फील्ड यूनिट वाराणसी को लगातार सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में फर्जी भर्ती गिरोह सक्रिय है। जांच के दौरान मिलिट्री इंटेलिजेंस से भी इसी तरह की जानकारी साझा की गई। 30 मार्च की रात पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित विभूति इन्क्लेव में छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया।
क्या-क्या हुआ बरामद
- 2 मोबाइल फोन
- 3 आधार कार्ड (अलग-अलग नंबर)
- 3 पैन कार्ड (अलग-अलग नंबर)
- 2 ड्राइविंग लाइसेंस (भिन्न पते)
- 3 एटीएम कार्ड
- अन्य व्यक्तियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र
- भारतीय सेना के 2 फर्जी आईडी कार्ड
कैसे करता था ठगी
पूछताछ में सामने आया कि धर्मेन्द्र पाण्डेय ने खुद को “कमांडिंग ऑफिसर, आर्मी इंटेलिजेंस” बताने के लिए फर्जी आईडी तैयार कर रखी थी। वह भारतीय सेना, रेलवे, शिक्षा विभाग और अर्द्धसैनिक बलों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये वसूलता था।
फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए वह अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराता था, जिससे उसकी पहचान छिपी रहे। जब पीड़ित नौकरी या पैसे की मांग करते, तो वह उन्हें दूसरे विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर टालता रहता था।
दर्ज हुआ मुकदमा
आरोपी के खिलाफ भेलूपुर थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
