वाराणसी। काशी के ऐतिहासिक कबीरचौरा स्थित शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। केंद्र सरकार की पहल पर यहां करीब 315.48 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 500 बेड वाले मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ पूर्व मंत्री और शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने भूमि पूजन के साथ किया। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल पूर्वांचल की चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

अस्पताल में मिलेंगी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
नए अस्पताल परिसर में मरीजों को एक ही छत के नीचे कई उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसमें 500 बेड की क्षमता के साथ 50 से अधिक ICU बेड और 100 से ज्यादा HDU बेड बनाए जाएंगे। इसके अलावा आधुनिक डायलिसिस सेंटर, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी OT और बच्चों के लिए विशेष ICU यूनिट की भी व्यवस्था होगी।
अस्पताल में हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी और गैस्ट्रो विभाग जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही आधुनिक लैब, ब्लड बैंक, बर्न यूनिट और डे-केयर सेंटर भी तैयार किए जाएंगे।

आठ मंजिला भवन में बदलेगा पुराना अस्पताल
करीब डेढ़ सौ साल पुराने इस अस्पताल को आधुनिक आठ मंजिला मेडिकल सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े महानगरों या अन्य संस्थानों का रुख कम करना पड़ेगा।
डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि यह अस्पताल केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत पूरे पूर्वांचल के लाखों मरीजों के लिए राहत का केंद्र बनेगा।
पार्किंग और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान
मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को देखते हुए नए परिसर में 600 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
काशी में शुरू हुई इस परियोजना को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, जिससे पूर्वांचल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा।
