वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) परिसर में मंगलवार को आयोजित भव्य जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति, विकास और राजनीति के मुद्दों को केंद्र में रखते हुए विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। अपने दो दिवसीय काशी दौरे के दौरान उन्होंने एक ओर जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी, वहीं महिला आरक्षण को लेकर भी बड़ा संदेश दिया।
नारी शक्ति को समर्पित रहा पूरा आयोजन
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत “नम: पार्वती पतये, हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ की और काशी की आध्यात्मिक पहचान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का उत्सव है। उन्होंने काशी की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश को विकसित बनाने के लक्ष्य में नारी शक्ति सबसे मजबूत स्तंभ है और इसी उद्देश्य से वह महिलाओं का आशीर्वाद लेने आए हैं।
महिला आरक्षण पर समर्थन की अपील
प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण लागू करने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक नीति नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस अभियान को मजबूत करें ताकि अधिक से अधिक बेटियां निर्णय लेने वाली संस्थाओं तक पहुंच सकें।

विपक्ष पर सीधा हमला
अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने वर्षों तक महिला आरक्षण को लागू नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि ये दल नहीं चाहते थे कि सामान्य परिवारों की बेटियां राजनीति में आगे बढ़ें, लेकिन अब देश की महिलाएं जागरूक हो चुकी हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं।
विकास योजनाओं की बड़ी सौगात
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वाराणसी और पूर्वांचल के लिए लगभग 6,300 करोड़ रुपये से अधिक की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, घाटों का विकास, किसानों के लिए भंडारण सुविधाएं और शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना शामिल है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
महिला सशक्तिकरण योजनाओं का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, घर-घर शौचालय बनाए गए, बिजली और नल से जल की सुविधा पहुंचाई गई। सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि देश में तीन करोड़ से अधिक महिलाएं अब “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल हैं।

सुरक्षा और सम्मान पर जोर
उन्होंने उत्तर प्रदेश में बदले हुए कानून-व्यवस्था के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि पहले महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब अपराधियों में कानून का डर है। नए कानूनों और सख्त कार्रवाई के चलते महिला अपराधों में तेजी से न्याय मिल रहा है, जिससे महिलाओं में सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत हुई है।
काशी की विरासत और आधुनिक विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपरा का केंद्र है। उन्होंने इसे “अविनाशी” बताते हुए कहा कि यहां की विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास का कार्य लगातार जारी रहेगा। काशी का विकास देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को भी मजबूत करता है।
स्वागत और कार्यक्रम की झलक
इससे पहले वाराणसी पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बाबतपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से BLW परिसर पहुंचे, जहां हजारों की संख्या में महिलाएं और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल रहा और महिला भागीदारी विशेष रूप से चर्चा का केंद्र बनी रही।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
इस जनसभा के माध्यम से जहां एक ओर विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई, वहीं महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में नारी शक्ति और विकास का मुद्दा राजनीति के केंद्र में बना रहेगा।
