वाराणसी के प्रमुख कारोबारी क्षेत्र दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक एक-एक कर तोड़े जा रहे भवनों के बाद शनिवार से 43 मकानों और दुकानों पर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया जाएगा। गुरुवार रात पीडब्ल्यूडी और प्रशासनिक अधिकारियों ने इलाके में मुनादी कर मकान मालिकों और दुकानदारों को जल्द से जल्द परिसर खाली करने का निर्देश दिया।
दालमंडी की गलियों में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने पैदल मार्च किया। अधिकारियों ने चिन्हित भवनों के नंबर सार्वजनिक रूप से बताते हुए लोगों को चेतावनी दी कि अगले 24 घंटे के भीतर अपना सामान हटा लें। प्रशासन ने साफ किया कि कार्रवाई शुरू होने के बाद किसी को भी सामान निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में वाराणसी दौरे के दौरान इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन और पीडब्ल्यूडी ने ध्वस्तीकरण प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

हालांकि, दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना का स्थानीय स्तर पर विरोध भी जारी है। पूर्वांचल के सबसे बड़े व्यापारिक बाजारों में गिने जाने वाले इस इलाके से करीब 10 हजार व्यापारी और कारोबारी जुड़े हैं। लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण की जद में कई पुराने मकान और धार्मिक स्थल भी आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इलाके की छह मस्जिदें भी परियोजना की सीमा में हैं, हालांकि प्रशासन ने इन्हें सबसे आखिर में हटाने की योजना बनाई है।
दालमंडी से चौक थाना तक लगभग 650 मीटर लंबी सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस परियोजना के लिए 220 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें शुरुआती तौर पर 2 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने इलाके के करीब 300 मकानों और दुकानों की माप पूरी कर ली है। अधिकारियों ने प्रत्येक भवन का डेटा तैयार किया है, जिसके आधार पर मुआवजे का आकलन किया जाएगा। इसके बाद प्रभावित लोगों को नोटिस जारी कर उनके खातों में मुआवजा भेजा जाएगा।
