• Banaras Now, Varanasi
  • May 30, 2026

वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में एक महिला से पथरी के ऑपरेशन के नाम पर 15 हजार रुपये वसूलने और गलत सर्जरी करने का गंभीर मामला सामने आया है। महिला ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे BHU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। पीड़िता का कहना है कि अगर समय पर BHU में इलाज नहीं मिलता तो उसकी जान भी जा सकती थी। अब यह मामला राज्य महिला आयोग तक पहुंच गया है।

सिंधोरा थाना क्षेत्र के जाठी विहारी का पूरा गांव निवासी सारथी वर्मा ने महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि पेट में पथरी की शिकायत के बाद उन्हें पं. दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला के अनुसार अस्पताल के सर्जन डॉ. प्रेम प्रकाश ने ऑपरेशन से पहले कहा कि दूरबीन विधि (लेप्रोस्कोपिक सर्जरी) से ऑपरेशन कराने के लिए 15 हजार रुपये खर्च होंगे, क्योंकि अस्पताल में मशीन उपलब्ध नहीं है और बाहर से मंगानी पड़ेगी।

हालात बिगड़ने पर BHU रेफर

पीड़िता का आरोप है कि डॉक्टर के कहने पर उन्होंने दीपक और प्रमिला नामक लोगों को 15 हजार रुपये दिए। इसके अलावा करीब 6 हजार रुपये की दवाएं भी बाहर की मेडिकल दुकानों से मंगवाई गईं। महिला ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे BHU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

महिला के पति अवधेश वर्मा ने बताया कि BHU पहुंचने पर डॉक्टरों ने कहा कि पहले किया गया ऑपरेशन सही तरीके से नहीं हुआ था। इसके बाद करीब 50 दिनों तक BHU में इलाज चला। परिवार का कहना है कि इलाज में भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा और पत्नी के गहने तक बेचने पड़े। पीड़िता का कहना है कि आज भी उसकी दवाएं चल रही हैं और वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाई है।

मामले की शिकायत पहले पीएमओ और स्वास्थ्य विभाग से भी की गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि केवल आश्वासन मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला राज्य महिला आयोग तक पहुंचा।

गुरुवार को वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के CMS डॉ. आरएस राम से फोन पर बातचीत की और जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को भी पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने को कहा गया है।

महिला आयोग की जनसुनवाई में कुल 35 शिकायतें पहुंचीं, जिनमें महिला उत्पीड़न, जमीन विवाद, इलाज में लापरवाही, नौकरी के नाम पर ठगी और अवैध कब्जे जैसे मामले शामिल रहे। इनमें से पांच मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इस पूरे मामले पर पं. दीनदयाल अस्पताल के CMS डॉ. आरएस राम ने कहा कि महिला की शिकायत पर पहले भी दो बार जांच कराई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि महिला ने रुपये किसे दिए, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। हालांकि महिला आयोग की ओर से दोबारा जांच के निर्देश मिलने के बाद अब पूरे मामले की फिर से जांच कराई जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *