वाराणसी: भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। चिलचिलाती धूप और तपते मौसम ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में ऐसा चौथी बार हुआ है जब तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया है, जो पिछले 142 वर्षों के रिकॉर्ड में एक महत्वपूर्ण स्थिति मानी जा रही है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 30 अप्रैल 2019 को 45.3 डिग्री, 19 अप्रैल 2010 को 45.2 डिग्री और 30 अप्रैल 2022 को 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। वहीं बाबतपुर स्थित मौसम केंद्र के रिकॉर्ड में यह छठी बार है जब अप्रैल में पारा 45 डिग्री तक पहुंचा है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं और लू का असर अभी जारी रहेगा। इसी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, 29 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मौसम में बदलाव आ सकता है। अनुमान है कि बादल छाने के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है, जिससे अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को राहत मिलेगी।
भीषण गर्मी से बचाव के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपनाते नजर आ रहे हैं। कोई सिर पर कपड़ा बांधकर निकल रहा है तो कोई छाता लेकर धूप से बचने की कोशिश कर रहा है। गंगा घाटों पर भी दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिल रहा है, क्योंकि लोग तेज धूप से बचने के लिए घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं।
इधर, नगर निगम ने भी गर्मी से राहत दिलाने के लिए पहल शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख चौराहों और घाटों पर ‘ग्रीन शेड’ लगाए जा रहे हैं, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को सीधी धूप से बचाया जा सके। इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर 17 वाटर कूलर और 22 जगहों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों को ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध हो सके।
प्रशासन की इन व्यवस्थाओं से लोगों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल काशीवासियों को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में मौसम के बदलते रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
