वाराणसी। पूर्वांचल समेत वाराणसी में पश्चिमी विक्षोभ का असर शुक्रवार तड़के से ही देखने को मिला। सुबह करीब चार बजे मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार शहर में लगभग 5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
तेज आंधी और बारिश के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने अगले 36 घंटों को संवेदनशील बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। गांव-गांव राजस्व टीमों को भेजकर लोगों को खराब मौसम से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा टूटे बिजली तारों, कमजोर पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से बढ़ी नमी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के कारण उत्तर भारत के मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। विभाग ने आशंका जताई है कि कुछ इलाकों में हवाओं की गति 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में इतना सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ सामान्य से अधिक प्रभावशाली माना जा रहा है।
BHU ट्रॉमा सेंटर के बाहर भरा पानी
बारिश के बाद शहर की जलनिकासी व्यवस्था की भी पोल खुल गई। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के मुख्य गेट के बाहर भारी जलभराव हो गया, जिससे मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने नगर निगम के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित
तेज हवाओं के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में कई पेड़ उखड़कर गिर पड़े। कई जगह पेड़ बिजली के तारों पर गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग के अनुसार कई इलाकों से फॉल्ट और तार टूटने की शिकायतें मिली हैं। विभागीय टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं।
छावनी क्षेत्र में भारी नुकसान
छावनी स्थित लाल चर्च के पास एक विशाल पेड़ गिरने से वहां खड़ा टेंपो ट्रेवलर क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चर्च की दीवार को भी नुकसान पहुंचा। वहीं मिंट हाउस स्टेशन मार्ग पर भी एक नीम का पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर छावनी प्रशासन मौके पर पहुंचा और पेड़ों को हटाकर रास्ता बहाल कराया। 39 जीटीसी गेट नंबर-6 के पास भी पेड़ गिरने की घटना सामने आई।
किसानों के लिए राहत बनी बारिश
जहां एक ओर बारिश और आंधी से शहरी व्यवस्था प्रभावित हुई, वहीं किसानों के लिए यह मौसम राहत लेकर आया। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लौकी, तोरई, भिंडी, करेला, खीरा और ककड़ी जैसी सब्जियों की फसलों को इस बारिश से लाभ मिलेगा। आम और लीची की फसलों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे फलों की गुणवत्ता और मिठास बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है।
