वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उनके आगमन पर मंदिर परिसर में भव्य स्वागत किया गया …
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उनके आगमन पर मंदिर परिसर में भव्य स्वागत किया गया और उन्हें ‘त्रिशूल’ व ‘डमरू’ भेंट किए गए।
मंदिर में शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच प्रधानमंत्री ने भगवान शिव का अभिषेक और आरती की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
प्रधानमंत्री के दर्शन-पूजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखा गया।
हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
काशी में पूजा के बाद प्रधानमंत्री हरदोई जाएंगे, जहां वे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे करीब 594 किलोमीटर लंबा है और मेरठ से प्रयागराज तक फैला हुआ है। इसे लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इसके शुरू होने से यात्रा समय घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा।
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
गंगा एक्सप्रेसवे को आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर बाजार मिल सकेगा।
यह दौरा धार्मिक आस्था और विकास का संगम माना जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री ने एक ओर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
वाराणसी। शहर के चितईपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की गुमशुदगी का मामला उस समय दर्दनाक घटना में बदल गया, जब उसका शव रविदास घाट पर मिला। इस घटना से इलाके …
वाराणसी। शहर के चितईपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की गुमशुदगी का मामला उस समय दर्दनाक घटना में बदल गया, जब उसका शव रविदास घाट पर मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान निखिल राय उर्फ निशु के रूप में हुई है, जो करौंदी इलाके का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, युवक ने सोमवार सुबह करीब 10:21 बजे सोशल मीडिया पर एक भावुक स्टेटस पोस्ट किया था। इस स्टेटस में उसने अपनी तबीयत, डॉक्टरों और दवाइयों से परेशान होने की बात लिखी थी और साथ ही “गंगा मां” का जिक्र भी किया था, जिसे पढ़कर उसके परिचितों में चिंता बढ़ गई थी।
स्टेटस डालने के कुछ ही देर बाद निखिल अपनी स्प्लेंडर बाइक (UP65FV2316) से घर से निकला, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पूरी रात खोजबीन जारी रही।
मंगलवार सुबह बड़ी रविदास घाट पर एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान निखिल के रूप में की। सूचना मिलते ही पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई और शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। वहीं, इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।
वाराणसी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बुधवार को काशी में अपने दौरे के दूसरे दिन भव्य 14 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। यह रोड शो बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस से शुरू होकर Kashi …
वाराणसी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बुधवार को काशी में अपने दौरे के दूसरे दिन भव्य 14 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। यह रोड शो बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस से शुरू होकर Kashi Vishwanath Temple तक पहुंचा, जहां प्रधानमंत्री ने बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से दर्शन-पूजन और रुद्राभिषेक किया।
मंदिर परिसर में प्रवेश के दौरान गेट पर 108 बटुकों ने शंखनाद के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। डमरू की ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया। मंदिर में मुख्य अर्चक पंडित ओम प्रकाश मिश्रा समेत पांच पंडितों ने उन्हें विधिवत पूजा-अर्चना कराई और माल्यार्पण किया गया।
इससे पहले रोड शो के दौरान काशी की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। सड़क के दोनों ओर खड़े लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को उत्साहित नजर आए। जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया। कई स्थानों पर कार्यकर्ता पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर नृत्य करते दिखे, जिससे पूरा शहर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
मार्ग में विभिन्न स्थानों पर विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। रोड शो का समापन काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ हुआ।
इसके बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे, जहां से वे Yogi Adityanath के साथ हरदोई जाएंगे। वहां वे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे, जो लगभग 594 किलोमीटर लंबा है और मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री का यह पिछले 11 वर्षों में 54वां काशी दौरा है, जबकि वर्ष 2026 का यह उनका पहला दौरा है। इससे पहले वे नवंबर 2025 में भी वाराणसी आए थे।
वाराणसी। प्रधानमंत्री Narendra Modi के वाराणसी दौरे के दूसरे दिन बुधवार को शहर में भव्य 14 किलोमीटर लंबा रोड शो आयोजित किया गया। यह रोड शो बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस से शुरू …
वाराणसी। प्रधानमंत्री Narendra Modi के वाराणसी दौरे के दूसरे दिन बुधवार को शहर में भव्य 14 किलोमीटर लंबा रोड शो आयोजित किया गया। यह रोड शो बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस से शुरू होकर Kashi Vishwanath Temple तक पहुंचा, जहां प्रधानमंत्री ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन और रुद्राभिषेक किया।
रोड शो के दौरान सड़कों के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आया। प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और फूलों की वर्षा के साथ उनका जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा मार्ग में पांच प्रमुख स्थानों पर विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान यह भी चर्चा रही कि प्रधानमंत्री विभिन्न समुदायों, विशेषकर बंगाली समाज के लोगों से भी संवाद कर सकते हैं।
रोड शो के समापन के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां से वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के साथ हरदोई जाएंगे। वहां वे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे, जो करीब 594 किलोमीटर लंबा है और मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग माना जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री का यह पिछले 11 वर्षों में 54वां काशी दौरा है, जबकि वर्ष 2026 में यह उनका पहला दौरा है। इससे पहले वे नवंबर 2025 में भी वाराणसी आए थे।
वाराणसी। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की नगरी काशी एक बार फिर धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। शिव की नगरी, भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश …
वाराणसी। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की नगरी काशी एक बार फिर धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। शिव की नगरी, भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली और संत परंपरा की पावन भूमि काशी अब जैन धर्मावलंबियों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बनती जा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जैन सर्किट योजना के तहत चंद्रावती में गंगा किनारे एक भव्य पक्का घाट तैयार कराया है, जिससे इस क्षेत्र को नई पहचान मिली है।
वाराणसी मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर गाजीपुर मार्ग पर स्थित चंद्रावती गांव में जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु जी की जन्मस्थली पर 17.06 करोड़ रुपये की लागत से तीन-स्तरीय आधुनिक घाट का निर्माण किया गया है। लगभग 200 मीटर लंबे इस घाट का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी दौरे के दौरान किया।
चंद्रावती जैन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। यहां श्वेतांबर और दिगंबर दोनों परंपराओं के मंदिर मौजूद हैं, जहां देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भगवान चंद्रप्रभु जी की जन्मभूमि पर निर्मित यह घाट धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरेगा।
यह स्थान जैन धर्म के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि भगवान चंद्रप्रभु जी के चार प्रमुख कल्याणक—च्यवन, जन्म, दीक्षा और केवल ज्ञान—यहीं से संबंधित हैं। यहां स्थित प्राचीन मंदिर करीब 500 वर्षों से भी अधिक पुराना बताया जाता है। जैन ग्रंथों के अनुसार भगवान चंद्रप्रभु का जन्म राजा महासेन और रानी लक्ष्मणा के यहां हुआ था और उन्होंने गंगा तट पर तपस्या कर केवल ज्ञान प्राप्त किया था।
पर्यटन विभाग के अनुसार घाट के निर्माण और सुविधाओं के विस्तार से चंद्रावती आने वाले समय में प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा। इसे जलमार्ग से जोड़ने की भी योजना है, जिससे श्रद्धालु नाव और क्रूज के माध्यम से यहां आसानी से पहुंच सकेंगे। राज्य सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है, जिससे न केवल धार्मिक स्थलों को वैश्विक पहचान मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास को भी गति मिलेगी।
इस घाट को आधुनिक रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित किया गया है, जो एक ओर नदी किनारे स्थित मंदिरों को कटाव से सुरक्षित रखेगा, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। निर्माण में कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों का उपयोग किया गया है। घाट को पारंपरिक स्वरूप देने के लिए गैबियन और रिटेनिंग वॉल तकनीक अपनाई गई है, जिससे यह देखने में प्राचीन घाटों जैसा प्रतीत होगा और बाढ़ के समय भी सुरक्षित रहेगा।
घाट पर तीन स्तरों वाले प्लेटफॉर्म, चौड़ी सीढ़ियां, शौचालय, पोर्टेबल चेंजिंग रूम, साइनेज, पार्किंग व्यवस्था, पत्थर की बेंच और आकर्षक रेलिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह परियोजना न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती देगी बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
चंदौली। उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद स्थित सनबीम स्कूल से जुड़ा मामला इन दिनों शिक्षा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के …
चंदौली। उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद स्थित सनबीम स्कूल से जुड़ा मामला इन दिनों शिक्षा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद शुरू हुए विवाद को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच विद्यालय प्रबंधक संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच की मांग की है।
विद्यालय प्रबंधक संघ के प्रदेश संयोजक डॉ. विनय कुमार वर्मा ने कहा कि किसी भी अभिभावक के साथ सार्वजनिक रूप से अनुचित व्यवहार या अपमानजनक भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं हो सकता। विद्यालयों में संवाद, संयम और गरिमा का वातावरण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि कहीं संवाद की मर्यादा भंग होने की स्थिति सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और निर्णय केवल तथ्यों के आधार पर लिया जाना चाहिए।
संघ ने कहा कि केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर बिना समुचित जांच के किसी भी विद्यालय, उसकी शैक्षिक व्यवस्था, वर्षों की उपलब्धियों और विद्यार्थियों के भविष्य को सवालों के घेरे में खड़ा करना उचित नहीं है। किसी भी शैक्षणिक संस्था का मूल्यांकन उसके दीर्घकालिक योगदान, अनुशासन, परिणाम और सामाजिक भूमिका के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए तथा वर्तमान छात्रों, पूर्व विद्यार्थियों और अभिभावकों से भी राय ली जाए,
ताकि विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता और कार्यप्रणाली की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
साथ ही दोनों पक्षों की बातों को समान रूप से सुनकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।
विद्यालय प्रबंधक संघ का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी निर्णय से पहले संतुलन, संयम और निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है।
किसी एक घटना के आधार पर व्यापक निष्कर्ष निकालना शिक्षा व्यवस्था और समाज दोनों के हित में नहीं होगा।
संघ ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की पारदर्शी जांच कराकर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए, जिससे सत्य सामने आए और शिक्षा संस्थानों के प्रति समाज का विश्वास भी बना रहे।
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय काशी दौरे के दौरान मंगलवार को Varanasi को विकास की बड़ी सौगात दी। इस दौरान कुल 6,332.08 करोड़ रुपये लागत की 163 परियोजनाओं …
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय काशी दौरे के दौरान मंगलवार को Varanasi को विकास की बड़ी सौगात दी। इस दौरान कुल 6,332.08 करोड़ रुपये लागत की 163 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसमें 1,054.69 करोड़ रुपये की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 5,277.39 करोड़ रुपये की 113 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
प्रधानमंत्री के काशी आगमन पर बाबतपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद सेना के हेलीकॉप्टर से वे बीएलडब्ल्यू हेलीपैड पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका भव्य स्वागत किया।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने बरेका में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित किया और महिला सशक्तिकरण को विकास का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और उन्हें हर स्तर पर समान अवसर मिले।
प्रधानमंत्री ने काशी को 6,332.08 करोड़ रुपये की 163 परियोजनाओं की सौगात दी। लोकार्पण में 308.09 करोड़ रुपये की एसटीपी, 144.43 करोड़ रुपये का कज्जाकपुरा आरओबी और 45.91 करोड़ रुपये का सोवा रिग्पा मेडिकल कॉलेज प्रमुख रहे। वहीं शिलान्यास में 2,464.46 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला मालवीय पुल के पास सिग्नेचर ब्रिज, 1,582.99 करोड़ रुपये की सीवरेज व वाटर सप्लाई योजना और 429.36 करोड़ रुपये का कबीरचौरा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल शामिल है।
गंगा किनारे घाटों के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई परियोजनाओं की शुरुआत की गई। कुल 41 करोड़ 21 लाख रुपये की योजनाओं के तहत घाटों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। विशेष रूप से दशाश्वमेध घाट के विकास के लिए 827 लाख रुपये की योजना का शिलान्यास किया गया। राजेंद्र प्रसाद, मान मंदिर और त्रिपुरा भैरवी घाटों का भी पुनर्विकास किया जाएगा।
संत कबीर प्राकट्य स्थली पर्यटन विकास – ₹6.53 करोड़
सारनाथ सारंगनाथ मंदिर विकास – ₹2.92 करोड़
संत रविदास पार्क सौंदर्यीकरण – ₹2.75 करोड़
चन्द्रावती घाट पुनर्निर्माण – ₹7.58 करोड़
डिस्ट्रिक्ट पब्लिक हेल्थ लैब – ₹0.83 करोड़
2 ट्रांसफर स्टेशन निर्माण – ₹1.80 करोड़
🟠 शिलान्यास परियोजनाएँ (कुल ₹5277.39 करोड़)
🏗️ मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
सिग्नेचर ब्रिज (मालवीय पुल के पास) – ₹2464.46 करोड़
500 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल – ₹315.48 करोड़
दीनदयाल चिकित्सालय रीमॉडलिंग – ₹113.88 करोड़
एकीकृत मण्डलीय कार्यालय परियोजना – ₹150.36 करोड़
🚧 सड़क एवं परिवहन विकास
71 ग्रामीण सड़कें – ₹116.46 करोड़
वाराणसी–आजमगढ़ रोड चौड़ीकरण – ₹277.43 करोड़
वाराणसी बाईपास सर्विस रोड – ₹121.28 करोड़
रेलवे ओवरब्रिज (लाट भैरव क्षेत्र) – ₹144.53 करोड़
रेल ओवरब्रिज (कादीपुर स्टेशन क्षेत्र) – ₹51.39 करोड़
💧 सीवर एवं पेयजल परियोजनाएँ
नगरीय सीवरेज व वाटर सप्लाई योजना – ₹1582.99 करोड़
रामनगर पेयजल योजना – ₹90.85 करोड़
सुजाबाद पेयजल विस्तार – ₹34.78 करोड़
हुकुलगंज सीवर योजना – ₹119.35 करोड़
दुर्गाकुंड–भेलूपुर सीवर योजना – ₹266.49 करोड़
शिवपुरवा–काजीपुरा सीवर योजना – ₹184.88 करोड़
प्रहलाद घाट सीवर योजना – ₹58.94 करोड़
🏞️ घाट एवं पर्यटन विकास
दशाश्वमेध घाट विकास – ₹8.28 करोड़
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर घाट विकास – ₹6.16 करोड़
अस्सी घाट से रविदास घाट विकास – ₹8.24 करोड़
गोला घाट से नमो घाट विकास – ₹6.18 करोड़
अस्सी घाट पुनर्विकास – ₹6.21 करोड़
🏥 स्वास्थ्य एवं शिक्षा
100 बेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक – ₹34.97 करोड़
बाल आश्रय गृह – ₹14.91 करोड़
मॉडल विद्यालय – ₹24.51 करोड़
नगर निगम भवन – ₹97.00 करोड़
🏢 अन्य परियोजनाएँ
अस्सी घाट मैकेनाइज्ड पार्किंग – ₹9.84 करोड़
लेगेसी वेस्ट प्रबंधन – ₹53.15 करोड़
6 ट्रांसफर स्टेशन – ₹22.27 करोड़
विद्युत उपकेंद्र – ₹13.85 करोड़
इन परियोजनाओं के माध्यम से वाराणसी में सड़क, जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी ढांचे को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। कुल ₹6332 करोड़ से अधिक की यह योजना काशी को एक वैश्विक धार्मिक और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) परिसर में मंगलवार को आयोजित भव्य जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति, विकास और राजनीति के मुद्दों को केंद्र में रखते हुए विपक्षी …
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) परिसर में मंगलवार को आयोजित भव्य जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति, विकास और राजनीति के मुद्दों को केंद्र में रखते हुए विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। अपने दो दिवसीय काशी दौरे के दौरान उन्होंने एक ओर जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी, वहीं महिला आरक्षण को लेकर भी बड़ा संदेश दिया।
नारी शक्ति को समर्पित रहा पूरा आयोजन
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत “नम: पार्वती पतये, हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ की और काशी की आध्यात्मिक पहचान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का उत्सव है। उन्होंने काशी की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश को विकसित बनाने के लक्ष्य में नारी शक्ति सबसे मजबूत स्तंभ है और इसी उद्देश्य से वह महिलाओं का आशीर्वाद लेने आए हैं।
महिला आरक्षण पर समर्थन की अपील
प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण लागू करने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक नीति नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस अभियान को मजबूत करें ताकि अधिक से अधिक बेटियां निर्णय लेने वाली संस्थाओं तक पहुंच सकें।
विपक्ष पर सीधा हमला
अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने वर्षों तक महिला आरक्षण को लागू नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि ये दल नहीं चाहते थे कि सामान्य परिवारों की बेटियां राजनीति में आगे बढ़ें, लेकिन अब देश की महिलाएं जागरूक हो चुकी हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं।
विकास योजनाओं की बड़ी सौगात
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वाराणसी और पूर्वांचल के लिए लगभग 6,300 करोड़ रुपये से अधिक की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, घाटों का विकास, किसानों के लिए भंडारण सुविधाएं और शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना शामिल है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
महिला सशक्तिकरण योजनाओं का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, घर-घर शौचालय बनाए गए, बिजली और नल से जल की सुविधा पहुंचाई गई। सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि देश में तीन करोड़ से अधिक महिलाएं अब “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल हैं।
सुरक्षा और सम्मान पर जोर
उन्होंने उत्तर प्रदेश में बदले हुए कानून-व्यवस्था के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि पहले महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब अपराधियों में कानून का डर है। नए कानूनों और सख्त कार्रवाई के चलते महिला अपराधों में तेजी से न्याय मिल रहा है, जिससे महिलाओं में सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत हुई है।
काशी की विरासत और आधुनिक विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपरा का केंद्र है। उन्होंने इसे “अविनाशी” बताते हुए कहा कि यहां की विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास का कार्य लगातार जारी रहेगा। काशी का विकास देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को भी मजबूत करता है।
स्वागत और कार्यक्रम की झलक
इससे पहले वाराणसी पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बाबतपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से BLW परिसर पहुंचे, जहां हजारों की संख्या में महिलाएं और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल रहा और महिला भागीदारी विशेष रूप से चर्चा का केंद्र बनी रही।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
इस जनसभा के माध्यम से जहां एक ओर विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई, वहीं महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में नारी शक्ति और विकास का मुद्दा राजनीति के केंद्र में बना रहेगा।
वाराणसी: दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे प्रधानमंत्री ने सीधे बीएलडब्ल्यू (BLW) मैदान में आयोजित महिला जन सम्मेलन में शिरकत की। वह खुली जीप से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे और रास्ते …
वाराणसी: दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे प्रधानमंत्री ने सीधे बीएलडब्ल्यू (BLW) मैदान में आयोजित महिला जन सम्मेलन में शिरकत की। वह खुली जीप से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे और रास्ते भर हाथ हिलाकर मौजूद हजारों महिलाओं का अभिवादन किया। उनका यह रोड शो शक्ति प्रदर्शन जैसा दिखाई दिया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद रहे।
हजारों महिलाओं की भागीदारी, मंच पर भी मिला प्रतिनिधित्व
कार्यक्रम में 25 हजार से अधिक महिलाओं की उपस्थिति रही, जबकि मंच पर 44 महिलाओं को स्थान देकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। आयोजन को सामाजिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी केंद्र में रही।
6300 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
इस मौके पर करीब 6,332 करोड़ रुपये की 163 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इनमें सिग्नेचर ब्रिज और कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे पूर्वांचल में स्वास्थ्य सुविधाओं, यातायात और शहरी विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
काशी से गहरा जुड़ाव, 54वां दौरा
यह काशी का उनका 54वां दौरा रहा, जो शहर से उनके जुड़ाव को दर्शाता है। वर्ष 2026 में यह उनका पहला दौरा है, जबकि इससे पहले वह नवंबर 2025 में यहां आए थे।
दूसरे दिन एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन
दौरे के दूसरे दिन वह हरदोई में गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
वाराणसी: अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आए प्रधानमंत्री के स्वागत में काशी में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बरेका (BLW) मैदान में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ में शामिल होने …
वाराणसी: अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आए प्रधानमंत्री के स्वागत में काशी में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बरेका (BLW) मैदान में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ में शामिल होने के लिए करीब 40 हजार से ज्यादा महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बरेका गेट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक हर तरफ महिलाओं की मौजूदगी रही।
वाराणसी के साथ-साथ चंदौली, मिर्जापुर और गाजीपुर से भी महिलाएं पारंपरिक परिधानों में ढोल-नगाड़ों और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ पहुंचीं और स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
इस कार्यक्रम के दौरान काशी और आसपास के क्षेत्रों के लिए करीब 6322 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सड़क निर्माण और पर्यटन से जुड़े बड़े काम शामिल हैं, जिनसे पूर्वांचल के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। खास बात यह रही कि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी महिला पुलिसकर्मियों और स्वयंसेविकाओं को सौंपी गई, जो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी है।
इसके अलावा, दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—बनारस से पुणे और अयोध्या से मुंबई—को भी हरी झंडी दिखाकर रेल सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस दौरे से काशी में पर्यटन और व्यापार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
पूरे शहर में इस आयोजन को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।