लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) ने PCS 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है और इस बार के नतीजों ने एक नई कहानी लिख दी है—बेटियों की सफलता की कहानी। इस परीक्षा में महिलाओं ने न सिर्फ बड़ी संख्या में सफलता हासिल की, बल्कि टॉप रैंक से लेकर महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
यह परिणाम केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते सामाजिक परिदृश्य, शिक्षा के विस्तार और बेटियों को मिल रहे अवसरों का प्रतीक भी है।
SDM पद पर बेटियों का दबदबा, 57% सीटों पर कब्जा
PCS 2024 के परिणामों में सबसे ज्यादा चर्चा डिप्टी कलेक्टर (SDM) पद को लेकर है। इस पद के लिए कुल 37 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें से 21 लड़कियां हैं। यानी करीब 57% पदों पर बेटियों ने कब्जा जमाया है।
यह आंकड़ा अपने आप में ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रशासनिक सेवा के इस महत्वपूर्ण पद पर इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन पहले कभी नहीं देखा गया। खास बात यह भी है कि इन 21 में से 19 लड़कियां उत्तर प्रदेश की ही रहने वाली हैं, जो राज्य के शिक्षा और सामाजिक विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत देता है।
‘नेहा’ नाम की तीन बेटियां बनीं चर्चा का केंद्र
इस बार के रिजल्ट में एक दिलचस्प संयोग भी सामने आया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। टॉप रैंकर्स में ‘नेहा’ नाम की तीन लड़कियों ने जगह बनाई है:
- नेहा पांचाल – पहली रैंक हासिल कर टॉपर बनीं
- नेहा सिंह – पांचवीं रैंक
- नेहा तोमर – ग्यारहवीं रैंक
तीनों ही अब डिप्टी कलेक्टर (SDM) के पद पर नियुक्त होंगी। एक ही नाम के कारण ये सोशल मीडिया, कोचिंग संस्थानों और प्रतियोगी छात्रों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गई हैं।
टॉप-10 में भी बेटियों का शानदार प्रदर्शन
PCS 2024 के टॉप-10 में भी लड़कियों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। टॉप रैंक में कई बेटियों ने जगह बनाई है, जो यह दिखाता है कि अब महिलाएं केवल भागीदारी ही नहीं बल्कि गुणवत्ता में भी आगे हैं।
अन्य टॉप उम्मीदवारों में अंकिता गुप्ता, श्रुति गुप्ता, सुधा, टीना और रेखा जैसी प्रतिभाशाली बेटियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने उच्च रैंक हासिल कर अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
DSP पद पर भी बेटियों की मजबूत पकड़
डिप्टी एसपी (DSP) पद की बात करें तो कुल 17 पदों में से 7 पर बेटियों का चयन हुआ है। हालांकि प्रतिशत के हिसाब से यह संख्या थोड़ी कम दिख सकती है, लेकिन यह भी एक मजबूत उपस्थिति है।
अगर पिछले वर्षों से तुलना करें:
- 2023: 42 में से 12 महिलाएं
- 2022: 93 में से 25 महिलाएं
- 2021: 25 में से 12 महिलाएं
इस बार कुल संख्या कम होने के बावजूद बेटियों की भागीदारी प्रभावशाली बनी हुई है।
कुल चयन में बेटियों की बढ़ती हिस्सेदारी
इस साल PCS परीक्षा में कुल 932 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें से 319 लड़कियां हैं। यानी कुल चयन में महिलाओं की हिस्सेदारी 34.22% रही।
पिछले वर्षों के आंकड़े देखें तो साफ है कि यह प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है:
- 2023: 33.46%
- 2022: 30.21%
- 2021: 22.48%
इससे यह स्पष्ट होता है कि बेटियां अब हर साल नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
बदलती तस्वीर: 20% से 34% तक का सफर
कुछ साल पहले तक PCS जैसी परीक्षाओं में लड़कियों की भागीदारी 20-25% के आसपास ही रहती थी। लेकिन अब यह आंकड़ा 34% के पार पहुंच गया है।
यह बदलाव कई कारणों से संभव हुआ है:
- शिक्षा के बेहतर अवसर
- परिवारों का बढ़ता सहयोग
- बेटियों में आत्मविश्वास और जागरूकता
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर संसाधन
सफलता के पीछे संघर्ष और सपनों की कहानी
PCS 2024 का यह रिजल्ट केवल सफलता का आंकड़ा नहीं है, बल्कि हजारों संघर्षों, सपनों और मेहनत की कहानी भी है। इनमें कई ऐसी बेटियां हैं जो साधारण परिवारों से आती हैं, जिनके माता-पिता छोटे व्यवसाय या नौकरी करते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से बड़ा मुकाम हासिल किया।
क्या कहते हैं ये नतीजे?
UPPSC PCS 2024 का परिणाम यह संदेश देता है कि अब बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं—चाहे वह शिक्षा हो, प्रशासन हो या नेतृत्व।
यह सिर्फ एक परीक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि समाज में हो रहे सकारात्मक बदलाव का संकेत है, जहां बेटियों को बराबरी का अवसर मिल रहा है और वे उसे पूरी क्षमता के साथ भुना रही हैं।
