रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का भव्य ‘सूर्य तिलक’, 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
अयोध्या, 27 मार्च 2026। राम नवमी के पावन अवसर पर राम मंदिर में आज आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का भव्य ‘सूर्य तिलक’ किया …
अयोध्या, 27 मार्च 2026। राम नवमी के पावन अवसर पर राम मंदिर में आज आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का भव्य ‘सूर्य तिलक’ किया …
अयोध्या, 27 मार्च 2026। राम नवमी के पावन अवसर पर राम मंदिर में आज आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का भव्य ‘सूर्य तिलक’ किया गया, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इस दौरान करीब 4 मिनट तक सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम के मस्तक पर पड़ीं, जिससे पूरा मंदिर परिसर दिव्यता से भर गया। यह विशेष ‘सूर्य तिलक’ भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए दर्पण और लेंस के अनोखे संयोजन से संभव हुआ।

राम नवमी के अवसर पर अयोध्या में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अनुमान के मुताबिक, 5 लाख से अधिक श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। मंदिर के कपाट खुलते ही सुबह से ही लंबी कतारें लग गई थीं।

जो श्रद्धालु मंदिर के भीतर नहीं पहुंच सके, उनके लिए शहरभर में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गईं, जहां इस दिव्य दृश्य का सीधा प्रसारण दिखाया गया।
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। पूरे क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटा गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, जबकि ड्रोन और CCTV कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की गई।
इसके अलावा सरयू घाट पर जल पुलिस और SDRF की टीमें तैनात रहीं, ताकि स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की घटना को रोका जा सके।

राम नवमी का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने राम के रूप में अवतार लिया था। चैत्र नवरात्रि के समापन के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रतीक है।
अयोध्या के साथ-साथ देशभर के मंदिरों में भी आज विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। यह पर्व लोगों को धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है। इस फैसले से आम जनता को राहत मिलने और …
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है। इस फैसले से आम जनता को राहत मिलने और ईंधन की कीमतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया है। वहीं डीजल पर यह ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई है।
सरकार का यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच उठाया गया है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। यह मार्ग दुनिया की करीब 20% तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
भारत भी अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है, ऐसे में वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
एक्साइज ड्यूटी में इस कटौती से तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर लागत का दबाव कम होने की संभावना है। इससे पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने या कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के लिए भी नया लेवी ढांचा लागू किया है। इसके तहत ATF पर ₹50 प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है, हालांकि कुछ छूट के बाद प्रभावी शुल्क करीब ₹29.5 प्रति लीटर रह सकता है।
सरकार ने ईंधन निर्यात से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। अब पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर मिलने वाली छूट को सीमित कर दिया गया है, जिससे नीतिगत ढांचा अधिक संतुलित और नियंत्रित हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है, हालांकि अंतिम असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल, सरकार के इस कदम से महंगाई के दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा संकेत जरूर मिला है।
वाराणसी। लहरतारा क्षेत्र में गैस सिलेंडर विस्फोट की दर्दनाक घटना ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। हादसे में घायल मां गिरिजा देवी ने भी इलाज के दौरान दम …
वाराणसी। लहरतारा क्षेत्र में गैस सिलेंडर विस्फोट की दर्दनाक घटना ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। हादसे में घायल मां गिरिजा देवी ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे 40 घंटे के भीतर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
इस हादसे में पहले ही बेटे ओम कुमार चौधरी (30) और बेटी प्रीति कुमारी (28) की मौके पर मौत हो चुकी थी। अब मां की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, परिवार का एकमात्र बचा सदस्य अमन कुमार गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक तेज विस्फोट हुआ। धमाका इतना भीषण था कि मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और परिवार के सदस्य मलबे में दब गए।
घटना में ओम कुमार और प्रीति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गिरिजा देवी और अमन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान बुधवार देर शाम गिरिजा देवी ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे में घायल अमन कुमार ने बताया कि वह घर में सो रहा था। तेज धमाके की आवाज से उसकी नींद खुली तो खुद को मलबे में दबा पाया। उसके चेहरे पर जलने के निशान हैं, हाथ में फ्रैक्चर और कमर में गंभीर चोट आई है। वह बार-बार अपनी मां, भाई और बहन के बारे में पूछता रहा।
परिजनों के अनुसार, गैस सिलेंडर को चूल्हे से जोड़ने वाली पाइप में लीकेज था, जिससे यह हादसा हुआ। विस्फोट के बाद पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया।
परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने नए घर में राम नवमी के दिन गृह प्रवेश की तैयारी कर रहा था। बहन प्रीति की शादी के लिए रिश्ते देखे जा रहे थे और परिवार नई शुरुआत की योजना बना रहा था, लेकिन इस हादसे ने सब खत्म कर दिया।
तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया गया। परिजनों और स्थानीय लोगों की आंखें नम थीं और पूरा माहौल गमगीन हो गया।
फिलहाल, अमन का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
हिंदू धर्म के प्रमुख पर्व राम नवमी का उत्सव आज पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह पावन दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप …
हिंदू धर्म के प्रमुख पर्व राम नवमी का उत्सव आज पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह पावन दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है।
इस अवसर पर लोग अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं भेजकर खुशियां साझा करते हैं। यदि आप भी अपने परिवार और दोस्तों को कुछ खास संदेश भेजना चाहते हैं, तो यहां हैं राम नवमी के 10 बेहतरीन शुभकामना संदेश:
राम नवमी का पर्व चैत्र नवरात्रि के समापन का प्रतीक भी है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और शोभायात्राएं आयोजित की जाती हैं। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान राम की पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
यह पावन पर्व हमें मर्यादा, धर्म और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देता है। राम नवमी के ये संदेश न केवल शुभकामनाएं पहुंचाते हैं, बल्कि रिश्तों में प्रेम और सकारात्मकता भी बढ़ाते हैं।
वाराणसी। मशहूर निर्देशक एस.एस. राजामौली की आगामी फिल्म ‘Varanasi’ एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गई है। हाल ही में फिल्म के भव्य सेट की तस्वीरें सामने …
वाराणसी। मशहूर निर्देशक एस.एस. राजामौली की आगामी फिल्म ‘Varanasi’ एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गई है। हाल ही में फिल्म के भव्य सेट की तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखकर लोग असली वाराणसी और फिल्म सेट के बीच फर्क करना मुश्किल बता रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म के टीज़र लॉन्च से पहले अंतरराष्ट्रीय मीडिया को भारत बुलाया गया, जहां उन्हें इस मेगा प्रोजेक्ट के सेट्स का एक्सक्लूसिव एक्सेस दिया गया। इस दौरान फिल्म के मुख्य कलाकार महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन भी मौजूद रहे।
फिल्म के लिए तैयार किए गए सेट में काशी के प्रसिद्ध घाट, मंदिर और संकरी गलियों को बेहद बारीकी से उकेरा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में नदी किनारे बने मंदिर, गलियां और शहर की जीवनशैली को इतने वास्तविक तरीके से दिखाया गया है कि दर्शक भ्रमित हो रहे हैं।
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— DiscussingFilm (@DiscussingFilm) March 24, 2026
इन तस्वीरों के सामने आने के बाद फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने कहा कि यह सेट असली बनारस की हूबहू कॉपी लगता है, जबकि कुछ ने इसे भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन सेट डिजाइनों में से एक बताया।
बताया जा रहा है कि इस बड़े बजट की फिल्म में महेश बाबू डबल रोल में नजर आएंगे, जहां वह ‘रुद्र’ और भगवान राम की भूमिका निभाएंगे। वहीं प्रियंका चोपड़ा ‘मंदाकिनी’ के किरदार में दिखाई देंगी और पृथ्वीराज सुकुमारन ‘कुंभ’ की भूमिका निभाएंगे।
फिल्म की शूटिंग भारत के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस पर भी की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम जल्द ही अंटार्कटिका के Ross Ice Shelf पर शूटिंग करने जाएगी, जहां शूटिंग की अनुमति बहुत कम प्रोजेक्ट्स को मिलती है। इससे पहले फिल्म की शूटिंग अफ्रीकी घास के मैदानों और हैदराबाद के बड़े सेट्स पर हो चुकी है।
यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। फिलहाल फिल्म की शूटिंग जारी है और इसे साल 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज किए जाने की संभावना है।
फिलहाल, ‘Varanasi’ के इन शानदार सेट्स ने दर्शकों की उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है और सभी को इसके टीज़र व ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है।
मणिकर्णिका घाट पर नगरवधुओं का नृत्य वाराणसी: मणिकर्णिका महाश्मशान में नगरवधुओं का नृत्य, 400 साल पुरानी परंपरा आज भी जीवित वाराणसी | 26 मार्च 2026 बनारस एक ऐसा शहर है जहां …
बनारस एक ऐसा शहर है जहां हर परंपरा अनोखी और रहस्यमयी है। भगवान शिव की नगरी काशी में जीवन और मृत्यु दोनों को समान भाव से स्वीकार किया जाता है। इसी कड़ी में मणिकर्णिका महाश्मशान में नगरवधुओं का नृत्य एक बेहद अनूठी परंपरा है, जो सदियों से चली आ रही है।
यह आयोजन हर वर्ष चैत्र नवरात्रि के दौरान पंचमी से सप्तमी तिथि तक मसाननाथ मंदिर में होता है।
नवरात्रि की सप्तमी तिथि को नगरवधुएं जलती चिताओं के बीच मसाननाथ बाबा के समक्ष नृत्य करती हैं। यह दृश्य अत्यंत भावनात्मक और अद्भुत होता है।
एक-एक कर कई समूहों में 10-12 नगरवधुएं अपनी प्रस्तुति देती हैं। गीत, संगीत और घुंघरुओं की ध्वनि पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना देती है।
इस आयोजन में वाराणसी ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और नेपाल से भी नगरवधुएं शामिल होती हैं।
मान्यता है कि महाश्मशान में नृत्य करने से नगरवधुओं को अगले जन्म में मुक्ति और सम्मानजनक जीवन प्राप्त होता है। यह उनके लिए महादेव की साधना का एक माध्यम है।
करीब 400 वर्ष पूर्व राजा मानसिंह ने मसाननाथ मंदिर का निर्माण कराया था। उद्घाटन के समय कोई भी कलाकार महाश्मशान में प्रस्तुति देने को तैयार नहीं हुआ।
तब नगरवधुओं ने आगे बढ़कर नृत्य प्रस्तुत किया। उनके साहस और श्रद्धा से प्रभावित होकर राजा ने उन्हें सम्मानित किया और हर वर्ष यह परंपरा निभाने का आग्रह किया।
मणिकर्णिका घाट वह स्थान है जहां लोग मृत्यु के बाद मोक्ष की कामना लेकर आते हैं, लेकिन नगरवधुएं जीवित रहते हुए ही मोक्ष की इच्छा लेकर यहां पहुंचती हैं।
यह परंपरा काशी के उस दर्शन को जीवंत करती है, जहां मृत्यु भी उत्सव है और हर अंत एक नई शुरुआत।
वाराणसी | रामनवमी के अवसर पर वाराणसी में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘हिन्दू एकता शोभायात्रा’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य हिन्दू समाज में एकता और जागरूकता बढ़ाना बताया …
वाराणसी | रामनवमी के अवसर पर वाराणसी में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘हिन्दू एकता शोभायात्रा’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य हिन्दू समाज में एकता और जागरूकता बढ़ाना बताया गया। शोभायात्रा में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शोभायात्रा की शुरुआत धर्मध्वज पूजन और शंखनाद के साथ हुई। यात्रा में शामिल लोग ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का नामजप करते हुए आगे बढ़े। ‘जय श्रीराम’ और ‘पवनसुत हनुमान की जय’ के जयकारों से पूरे मार्ग में धार्मिक माहौल बना रहा।

यह शोभायात्रा मैदागिन चौराहे से शुरू होकर नीचीबाग, चौक, बांसफाटक और दशाश्वमेध चौराहे से होते हुए चितरंजन पार्क में जाकर समाप्त हुई। रास्ते में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
यात्रा के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 के पास शिव स्तुति का पाठ किया गया, जिससे वातावरण और अधिक भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम के अंत में संतों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने विश्व कल्याण की कामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना की। साथ ही समाज में एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया।
इस आयोजन में वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, महामंत्री कविन्द्र जायसवाल, अन्नपूर्णा उद्योग समूह के रवि झुनझुनवाला, गुजराती समाज के अध्यक्ष अनिल भाई शास्त्री, अखिल भारतीय मानस प्रचार समिति के अध्यक्ष रविशंकर सिंह, टाउनहॉल व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत शर्मा, शीतला माता मंदिर के महंत अभिषेक पांडे, जालान परिवार के निधि जालान, अखिल भारतीय सनातन न्यास के डॉ. अजय जायसवाल, स्वर्णकार समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सोनी, पहल फाउंडेशन के संस्थापक सुबोधचंद्र राय, पूर्व प्रधान जय प्रकाश सिंह, हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक निलेश सिंगबाल और सनातन संस्था की प्राची जुवेकर सहित कई लोग मौजूद रहे।
आयोजकों की ओर से कहा गया कि हिन्दू धर्म ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश देता है और समाज में एकता बनाए रखना आवश्यक है। लोगों से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की गई।
वाराणसी | उत्तर प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वाराणसी के गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित विकास प्रदर्शनी एवं कार्यक्रम का समापन गुरुवार को …
वाराणसी | उत्तर प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वाराणसी के गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित विकास प्रदर्शनी एवं कार्यक्रम का समापन गुरुवार को भव्य रूप से हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्य अतिथि ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक का कार्यकाल उत्तर प्रदेश के इतिहास में स्वर्णिम रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने से विकास को गति मिली है और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 की तुलना में अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश में साइबर सेल और नारकोटिक्स थानों की स्थापना से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है। महिलाओं की पुलिस में भागीदारी 10 हजार से बढ़कर 40 हजार से अधिक हो गई है।


महिलाओं को घरौनी योजना के तहत संपत्ति का अधिकार भी दिया गया, जिससे विवादों में कमी आई है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश का बजट 3 लाख करोड़ से बढ़कर 9.18 लाख करोड़ हो गया है, जो आर्थिक मजबूती का संकेत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर का उद्घाटन किया गया, जिससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम से पहले प्रभारी मंत्री ने भेलूपुर क्षेत्र में जनसंपर्क कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
इस अवसर पर महापौर अशोक तिवारी, विधायक टी. राम, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गैस की बढ़ती समस्या को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत को देखते हुए उन्होंने अपने घर …
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गैस की बढ़ती समस्या को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत को देखते हुए उन्होंने अपने घर में मिट्टी के चूल्हे मंगवा लिए हैं और अब लकड़ी व कोयले से खाना बनाने की तैयारी कर ली है।
अखिलेश यादव ने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि कंडे, लकड़ी और अंगीठी तैयार कर लो, लेकिन लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब गैस की दिक्कत सबको आएगी— हमें भी और आपको भी। इसलिए हमने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है।”
सपा प्रमुख ने कहा कि गैस संकट का सबसे ज्यादा असर गरीबों, छात्रों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग रोज ठेले पर चाट, मोमोज, मैगी या अन्य खाने-पीने का सामान बेचते हैं, उनके लिए यह स्थिति बेहद कठिन हो गई है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब गैस पर ही भरोसा नहीं रहेगा, तो एक कचौड़ी या समोसा भी बनाना मुश्किल हो जाएगा। इससे आम लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है।”
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में हर वर्ग को परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने सरकार से इस समस्या का समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया।
गैस संकट को लेकर दिया गया यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है और प्रदेश में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।
वाराणसी। काशी की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं से सराबोर माहौल में रविवार को स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी का पदग्रहण समारोह भव्यता के साथ आयोजित किया गया। गोलघर स्थित काशी पत्रकार संघ के …
वाराणसी। काशी की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं से सराबोर माहौल में रविवार को स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी का पदग्रहण समारोह भव्यता के साथ आयोजित किया गया। गोलघर स्थित काशी पत्रकार संघ के ‘गर्दे सभागार’ में हुए इस आयोजन में समाज के सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने इसे एक उत्सव का रूप दे दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी रहे, जिनकी मौजूदगी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से हुई, जहां इवेंट प्लानर नीरज सेठ की टीम ने आकर्षक गणेश वंदना प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद निवर्तमान अध्यक्ष कमल कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मंच पर मौजूद संरक्षक मंडल के सदस्यों का भी सम्मान किया गया, जिससे आयोजन में सम्मान और आदर की भावना स्पष्ट झलक रही थी।

समारोह का मुख्य आकर्षण शपथ ग्रहण की प्रक्रिया रही, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. नीलकंठ तिवारी ने नवमनोनीत अध्यक्ष घनश्याम सेठ ‘बच्चा’, महामंत्री राजू वर्मा और कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान सभी पदाधिकारियों को माल्यार्पण कर मनोनयन पत्र और बैज प्रदान किए गए। साथ ही कार्यसमिति के अन्य सदस्यों ने भी सामूहिक रूप से शपथ लेकर अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया।

अपने संबोधन में डॉ. नीलकंठ तिवारी ने जिम्मेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी पद पर आसीन होने के बाद व्यक्ति का दायित्व केवल संगठन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज, प्रदेश और राष्ट्र के प्रति भी उसकी जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए व्यक्ति को अपने निजी सुखों से समझौता करना पड़ता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज में यदि कोई कमी रह जाती है तो उसकी जिम्मेदारी पूरे समाज की होती है, जबकि सफलता का श्रेय अक्सर किसी एक व्यक्ति को मिल जाता है। ऐसे में सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए ताकि समाज का सामूहिक विकास सुनिश्चित हो सके।

नवमनोनीत अध्यक्ष घनश्याम सेठ ‘बच्चा’ ने अपने संबोधन में संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने बताया कि इस बार बाबा कालभैरव जी की स्वर्ण-रजत प्रतिमा की शोभायात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही इस अवसर पर ‘काशी के कोतवाल’ नामक स्मारिका के प्रकाशन की भी योजना है, जो इस आयोजन को और खास बनाएगी।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला। नीरज सेठ के संयोजन में कलाकारों द्वारा भजनों की मधुर प्रस्तुति ने वातावरण को भावनात्मक और आनंदमय बना दिया। इसके साथ ही गुलाब की पंखुड़ियों से होली खेली गई, जिसने कार्यक्रम में उत्सव और उल्लास का रंग घोल दिया। उपस्थित लोगों ने इस अनूठे अंदाज में होली का आनंद लिया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व पार्षद और सलाहकार सदस्य किशोर कुमार सेठ ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री अनुज गौतम ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संरक्षकगण गंगाराम, विनोद कुमार सेठ, श्याम सुंदर सिंह, रवि सर्राफ, कृष्ण कुमार सेठ ‘बच्चू’ सहित कई गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे।
समारोह में मुरली मनोहर सिंह, डॉ. कैलाश सिंह विकास, अशोक वर्मा, रविशंकर सिंह, एडवोकेट दुर्गा प्रसाद सेठ, ईश्वर दयाल सिंह सेठ, सत्यप्रकाश सेठ, सतीश कुमार सिंह, अमित सोनी मंटू, संदीप सेठ, रूपा गौतम, सुनिति सिंह, दिव्या सिंह समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
