चंदौली। चंदौली में जीटी रोड चौड़ीकरण के लिए चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने पोकलेन मशीनों की मदद से सड़क किनारे बने आठ बड़े निर्माण गिरा दिए। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में धूल का गुबार छाया रहा और बाजार में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।
सुबह करीब 10 बजे एसडीएम अनुपम मिश्रा और सीओ अरुण कुमार सिंह की अगुवाई में परमार कटरा क्षेत्र से अभियान की शुरुआत हुई। इसके बाद टीम काली मंदिर तक पहुंची और सड़क की उत्तरी पटरी पर बने अतिक्रमण हटाए गए। कई भवन स्वामियों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही अपने निर्माण खुद तोड़ना शुरू कर दिया, जिससे प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान रही।

दिनभर बाजार में ड्रिल मशीन, हैमर और जनरेटर की आवाज गूंजती रही। तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। कई स्थानों पर मजदूरों की मदद ली गई, जबकि कुछ जगहों पर मकान मालिक और उनके परिजन खुद ही ढांचा गिराते नजर आए। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसमें महिला और पुरुष दोनों कर्मी शामिल थे।
कार्रवाई के दौरान कुछ भावुक दृश्य भी सामने आए। एक बुजुर्ग महिला ने अधिकारियों से अनुरोध करते हुए कहा कि उसके पास मकान तोड़ने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए प्रशासन ही इसे गिरा दे। वहीं कुछ लोगों ने मौके का फायदा उठाकर किरायेदारों के कब्जे वाले हिस्सों को खुद ही ध्वस्त कर दिया, जिससे बाजार में चर्चाओं का माहौल बना रहा।

निर्माण तोड़ने के लिए ठेकेदारों की मांग बढ़ गई है। छोटी दुकानों को गिराने के लिए 8 से 10 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं, जबकि बड़े भवनों के लिए एक लाख रुपये तक का खर्च आ रहा है। इसके लिए बाहर से भी विशेषज्ञ बुलाए जा रहे हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को और परेशानी उठानी पड़ रही है। ड्रिल और अन्य मशीनें चलाने के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खर्च बढ़ गया है।
PWD अधिकारियों के अनुसार, रविवार को परीक्षा के कारण अभियान रोका जाएगा और सोमवार से दोबारा कार्रवाई शुरू की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा विभाग सख्त कदम उठाएगा।
