कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 293 सीटों पर जारी काउंटिंग के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बढ़त बना ली है और स्पष्ट रूप से बहुमत के आंकड़े की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपेक्षा से पीछे चल रही है। अब तक के रुझानों के अनुसार भाजपा करीब 150 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं TMC लगभग 92 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बाकी सीटों पर कांग्रेस, वाम दलों और अन्य उम्मीदवारों के बीच मुकाबला जारी है। एक सीट फालता पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है, जिसके बाद ही उस सीट का परिणाम सामने आएगा।
राज्य की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए हैं, जिससे TMC को कुछ राहत जरूर मिली है। वहीं नंदीग्राम सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी और TMC उम्मीदवार के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां शुरुआती राउंड में कभी आगे तो कभी पीछे होने की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा पानीहाटी सीट भी चर्चा में है, जहां आरजी कर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देवनाथ बढ़त बनाकर चुनाव को भावनात्मक मोड़ देती नजर आ रही हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट्स के अनुसार जिन इलाकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान दौरा किया था, वहां भाजपा को खासा फायदा मिलता दिख रहा है। झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम जैसी सीटों पर भाजपा आगे चल रही है, जिससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। हावड़ा की अमता सीट पर भाजपा उम्मीदवार अमित सामंत शुरुआती दौर में 700 से ज्यादा वोटों से आगे हैं, जबकि आसनसोल, खड़गपुर और उत्तरपारा जैसी सीटों पर भी भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है। वहीं मुर्शिदाबाद और कुछ उत्तरी जिलों में TMC, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला जारी है, जिससे कई सीटों पर नतीजे अंत तक रोमांचक बने रहने की संभावना है।
मतगणना के दौरान पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम सहित सभी प्रमुख काउंटिंग सेंटरों पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद कुछ जगहों पर TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और हल्की झड़पों की खबरें सामने आई हैं। शुरुआती रुझानों में पीछे रहने के कारण TMC समर्थकों में मायूसी का माहौल देखा जा रहा है, जबकि भाजपा कार्यकर्ता ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए जश्न की तैयारी में जुट गए हैं।
एग्जिट पोल के आंकड़े भी अब काफी हद तक सही साबित होते नजर आ रहे हैं। कुल 8 एग्जिट पोल में से 6 ने भाजपा को बढ़त या सरकार बनाने की संभावना जताई थी, जबकि 2 एग्जिट पोल TMC के पक्ष में थे। हालांकि, यह केवल शुरुआती रुझान हैं और अंतिम परिणाम आने में अभी समय है। जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ेगी, यह साफ हो जाएगा कि क्या भाजपा पहली बार बंगाल में पूर्ण बहुमत की सरकार बना पाएगी या ममता बनर्जी एक बार फिर वापसी कर इतिहास रचेंगी।
फिलहाल की स्थिति यह संकेत दे रही है कि बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है, लेकिन अंतिम तस्वीर पूरी मतगणना के बाद ही साफ होगी।
